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उत्तर प्रदेश चुनाव के पहले चरण में अखिलेश-जयंता गठबंधन को बढ़त

10 फरवरी को 58 सीटों पर जाट-मुसलमान होंगे निर्णायक कारक
प्रदीप कपूर - 2022-02-04 16:54
लखनऊः उत्तर प्रदेश में पहले चरण में 10 फरवरी को 58 विधानसभा सीटों पर मतदान यूपी के बाकी निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मूड और रुझान तय करेगा।

मोदी सरकार के नौवें बजट प्रस्तावों से असमानता और बढ़ेगी

वर्तमान संकट की परवाह किए बिना 2047 में एक नए भारत की योजना बनाना
नित्य चक्रवर्ती - 2022-02-03 17:20
1 फरवरी को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत नरेंद्र मोदी सरकार के बजट 2022-23 को कोई कैसे दर्शाता है? बजट तब पेश किया गया जब महामारी की तीसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है, लेकिन निश्चित रूप से पूरे देश में इसकी तीव्रता कम हो रही है। महामारी से प्रभावित लोगों का संकट जारी है और अब तक के सभी अध्ययनों ने संकेत दिया है कि भारतीय समाज में असमानता बढ़ गई है क्योंकि गरीबों और मध्यम वर्ग की आय का स्तर काफी नीचे चला गया है।

बजटः रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव होना तय है

प्रधानमंत्री के गतिशक्ति कार्यक्रम में विकास की परिवर्तनकारी क्षमता है
नंतू बनर्जी - 2022-02-02 09:41
केंद्रीय बजट में पूंजीगत व्यय के लिए भारी परिव्यय सरकार द्वारा तेजी से आर्थिक सुधार सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया सबसे साहसिक और सबसे सामयिक कदम है। यह बेरोजगारी और व्यक्तिगत आय के नुकसान के मुद्दे को संबोधित करेगा, जिसने दो महामारी प्रभावित वर्षों के दौरान अर्थव्यवस्था को त्रस्त कर दिया था। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रस्तावित परियोजनाएं और चल रहे कार्यक्रम अपना समय और लागत कार्यक्रम बनाए रखें। इससे पहले देश ने बहुत सारे क्षेत्रों में अत्यधिक रोजगारोन्मुखी परियोजनाओं में इतने बड़े निवेश कार्यक्रमों का अनुभव नहीं किया था। परिव्यय रुपये से 35.4 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। चालू वित्त वर्ष में 5.54 लाख करोड़ रुपये 2022-23 में 7.50 लाख करोड़ रुपये। केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण और पूरी सरकारी मशीनरी इसे साकार करने के लिए एक साथ प्रयास करने के लिए बधाई की पात्र हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22: विकास पूर्वानुमान के में विश्वसनीयता का अभाव

सेवा क्षेत्र महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित लेकिन, स्टार्ट-अप में वृद्धि जारी है
नंतू बनर्जी - 2022-02-01 09:56
भारत के आर्थिक सर्वेक्षण 2022 को सोमवार को संसद में पेश किया गया, जिसमें कुछ शर्तों के साथ आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए 8.0-8.5 के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के अनुमान में विश्वसनीयता की कमी है। प्रक्षेपण इस धारणा पर आधारित है कि आगे कोई महामारी संबंधी आर्थिक व्यवधान नहीं होगा, मानसून सामान्य होगा, प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा वैश्विक तरलता की निकासी मोटे तौर पर व्यवस्थित होगी, तेल की कीमतें यूएस डॉलर 70- डॉलर 75 की सीमा में होंगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान वर्ष के दौरान लगातार कम होंगे।

क्या आम आदमी पार्टी का राष्ट्रीय पार्टी के रूप में होगा उदय

पंजाब में आप की जीत के होंगे व्यापक असर
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-01-31 11:13
आगामी 10 मार्च को पांच राज्यो की विधानसभाओं के चुनावों के नतीजे सामने आ जाएंगे। यकीनन उत्तर प्रदेश सबसे महत्वपूर्ण राज्य है, जहां के चुनावी नतीजे देश की राजनीति पर व्यापक असर करने वाले हैं। वहां मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच है। यदि वहां भाजपा हार जाती है, तो देश राजनीति के एक नये युग में प्रवेश कर जाएगा। वहां की जीत भारतीय जनता पार्टी और खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए खास मायने रखती है। और यदि वहां भारतीय जनता पार्टी जीत जाती है, तो पश्चिम बंगाल में हारने के बाद भाजपा में जो हौसलापस्ती का दौर शुरू हुआ है, वह समाप्त हो जाएगा।

पश्चिम उत्तर प्रदेश में रालोद-सपा गठबंधन और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर

अखिलेश यादव ने खुद को एक बड़े नेता के रूप में फिर से स्थापित किया
प्रदीप कपूर - 2022-01-29 11:19
लखनऊः रालोद-समाजवादी पार्टी गठबंधन से कड़ी चुनौती का सामना कर रहे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार फिसलन भरे विकेट पर अपने को पाकर भाजपा ने सारे संसाधन जुटा लिए हैं. पश्चिमी यूपी की 100 विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ बनाए रखना बीजेपी और संघ परिवार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, इसलिए सभी नेता और कार्यकर्ता इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में पहले तीन चरणों में मतदान का सामना कर रहे हैं।

अधिकारों और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए लड़ाई गणतंत्र दिवस की पुकार है

मोदी शासन को हटाकर ही भारतीय जनता संविधान बचा सकती है
बिनॉय विश्वम - 2022-01-28 17:12
स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पर, भारत ने अभी-अभी उसके गणतंत्र बनने की 72वीं वर्षगांठ मनाई है। ‘हम, भारत के लोग’ स्वाभाविक रूप से इस महान देश की मुक्ति के लिए हमारे पूर्ववर्तियों द्वारा किए गए संघर्ष की गाथाओं को देखेंगे। गणतंत्र और संविधान की नींव उन अपार संघर्षों और बलिदानों का परिणाम है। स्वतंत्रता के सामान्य उद्देश्य के इर्द-गिर्द विचारों की विभिन्न धाराएँ और प्रतिरोध के मार्ग एक साथ आए। यह लड़ाई अनोखी और सुसंगत थी कि शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्यवाद को मजबूर होकर वापस लौटना पड़ा।

उत्तर प्रदेश में हारजीत का फैसला करेगी जाति गोलबंदी

जीत की कुंजी वंचित जातियों के हाथ में
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-01-27 11:10
रैलियों और जनसभाओं पर लगे प्रतिबंधों के बावजूद उत्तर प्रदेश में चुनाव अभियान अपने चरम पर है। अपने अपने तरीके से पार्टियां और उम्मीदवार मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं और मतदाताओं को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव उत्तर प्रदेश का हो और उसमें सांप्रदायिकता का पुट न लगे, ऐसा हो ही नहीं सकता, लेकिन इस बार सांप्रदायिकता का मुद्दा भी कमजोर पड़ रहा है और सबसे ज्यादा महत्व जातिगत गोलबंदी का है। प्रदेश में सैंकड़ों जातियां हैं, लेकिन विधानसभा का मुह कुछ ही जाति के लोग दे पाते हैं। जाहिर है, अधिकांश जातियों के लोग कभी भी विधानसभा में पहुंच नहीं पाते। सीटें सीमित हैं और जातियां अनगिनत। इसलिए सब जातियों को टिकट देना संभव ही नहीं।

चुनाव उत्तर प्रदेश में और भूचाल बिहार में

क्या नीतीश सरकार संकट में है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-01-25 10:45
उत्तर प्रदेश का चुनाव बिहार की राजनीति की धड़कनें बढ़ा रहा है। इसने न केवल सत्तारूढ़ भाजपा और जदयू के बीच तनाव पैदा कर दिया है, बल्कि जदयू की आंतरिक राजनीति को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार जायसवाल नीतीश सरकार पर उस तरह आक्रामक हो गए हैं, जो पहले कभी बिहार में देखा नहीं गया था। गिरिराज सिंह जैसे नेता जब कभी नीतीश और उनकी सरकार की आलोचना करते थे, तो नीतीश कुमार और उनके लोग भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व से उनकी शिकायत करते थे और प्रायः केन्द्रीय नेतृत्व गिरिराज सिंह का मुह बंद करवा देते थे। गिरिराज सिंह के वे बयान निजी हैसियत से दिए जाते थे, क्योंकि वे किसी पार्टी पद पर नहीं थे।

नेहरू और सुभाष के बीच पत्र व्यवहार

दोनों एक दूसरे का बेहद सम्मान करते थे
एल. एस. हरदेनिया - 2022-01-24 09:58
पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा संपादित एक ग्रंथ है जिसमें उन्हें संबोधित अनेक पत्र प्रकाशित किए गए हैं। इन पत्रों का चयन स्वयं श्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। इस पुस्तक का नाम है ‘‘ए बंच ऑफ ओल्ड लेटर्स‘‘। इस ग्रंथ में 368 पत्र संग्रहित हैं। उनमें से बहुसंख्यक नेहरू जी को संबोधित किए गए हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो नेहरू जी ने अन्य लोगों को लिखे हैं। संग्रह में उस समय के लगभग सभी भारत के और विदेश के महान व्यक्तियों के पत्र शामिल किए गए हैं। इनमें महात्मा गांधी, मोहम्मद अली जिन्ना, नेहरू जी के पिता मोतीलाल नेहरू, रवीन्द्र नाथ टेगौर, अबुलकलाम आजाद, राजेन्द्र प्रसाद, सरोजनी नायडू, सरदार वल्लभ भाई पटेल आदि द्वारा नेहरू को संबोधित पत्र शामिल हैं। नेहरू जी के अनेक विदेशी मित्रों के पत्र भी इसमें शामिल हैं। जिनमें चीन के तत्कालीन शासक च्यांगकाईशेक, महान नाटककार जार्ज बर्नाड शा, एडवर्ट थामसन, स्टेफर्ड क्रिप्स आदि अनेक विश्व विख्यात व्यक्ति शामिल हैं। इस संग्रह में सुभाष चंद्र बोस द्वारा लिखे गए अनेक पत्र शामिल किए गए हैं। पुस्तक में प्रकाशित तमाम पत्रों से उस समय की राजनीति, आजादी के आंदोलन, विश्व की परिस्थितियों आदि का ज्ञान होता है।