संकट काल का बजट
सरकारी संपत्तियों को बेचने की जगह रुपया छापा जाना चाहिए
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2021-02-02 10:07 UTC
निर्मला सीतारमण ने अपना यह बजट ऐसे समय में पेश किया है, जब देश अभूतपूर्व आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और सरकार के सामने जबर्दस्त वित्तीय संकट मौजूद है। पिछला बजट पेश करते समय वित्तमंत्री ने केन्द्र सरकार के राजकोषीय घाटे का अनुमान सकल घरेलू उत्पाद के साढ़े तीन फीसदी लगाया था, लेकिन अब अनुमान है कि यह साढ़े नौ फीसदी हो गया है। अभी भी चालू वित्त वर्ष के दो महीने शेष हैं। इसलिए पूरी संभावना है कि वास्तविक राजकोषीय घाटा 10 फीसदी से ज्यादा ही होगा।