चुनाव आते ही क्यों शुरू हो जाता है ईवीएम राग?
ईवीएम को लेकर अनावश्यक विवाद
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2019-04-18 19:18 UTC
विगत दिनों जब सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम के मतों की वीवीपैट पर्चियों से मिलान की संख्या पांच करने का निर्णय सुनाया था तो उम्मीद जगी थी कि इस निर्णय के बाद ईवीएम राग शांत हो जाएगा किन्तु प्रथम चरण के मतदान के बाद जिस प्रकार 21 विपक्षी दलों ने एकजुट होकर एक बार फिर ईवीएम में गड़बड़ियों के आरोप लगाकर सारा ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है, उससे यह आईने की तरह साफ हो गया है कि लोकसभा चुनाव के परिणाम आने तक तो ईवीएम राग शांत नहीं होने वाला है। इससे पहले विपक्षी दलों की वीवीपैट की 50 फीसदी पर्चियों की गिनती की मांग को अव्यावहारिक मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए चुनाव आयोग को निर्देशित किया था कि वह हर विधानसभा क्षेत्र से एक के बजाय पांच मतदान केन्द्रों से मतों की गिनती करे। फिलहाल सारा विवाद पहले चरण के मतदान के तुरंत बाद तब खड़ा हुआ, जब आंध्र प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों और 175 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा आशंका जताई जाने लगी कि उनके राज्य में चुनाव प्रक्रिया में काफी गड़बड़ियां हुई हैं।