फिर कभी लकवाग्रस्त न हो पोलियो टीकाकरण अभियान
टूटने न पाए पोलियो सुरक्षा चक्र
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2019-04-27 12:23 UTC
पोलियो के खतरे को देखते हुए हाल ही में एक बार फिर देशभर में पल्स पोलियो अभियान की शुरूआत की गई और देशभर में लाखों बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस बार का पोलियो अभियान चर्चा में इसलिए रहा क्योंकि एक तरफ जहां भारत वर्ष 2014 में ही पोलियो को जड़ से मिटाने का दावा करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन से भी इसका प्रमाणपत्र हासिल कर चुका था और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पोलियो के टाइप-2 वायरस से दुनियाभर से खात्मे की घोषणा भी 25 अप्रैल 2016 को कर दी गई थी, वहीं पिछले ही साल देश के कई राज्यों में करीब एक करोड़ बच्चों को पिलाई गई पोलियो खुराक में पीवी-2 विषाणु की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद हड़कम्प मच गया था, जिसके बाद आनन-फानन में वह वैक्सीन तो सभी स्थानों से वापस मंगा ली गई थी किन्तु इतने सारे मासूमों को संक्रमित वैक्सीन की खुराक दिए जाने के बाद पोलियो के फिर पैर पसारने की आशंका जताई जाने लगी थी।