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एक बार फिर महागठबंधन की गूंज

किस हद तक संभव है यह?
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-10-29 10:08 UTC
एक बार फिर महागठबंधन की चर्चा जोरों पर है। पिछले साल जब बिहार में विधानसभा के चुनाव हो रहे थे, तो इसकी खूब चर्चा हुई थी। एक महागठबंधन बना भी था और उसकी जीत भी हो गई थी, हालांकि उस महागठबंधन में सिर्फ तीन पार्टियां ही शामिल थीं। दूसरी तरफ भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में चार पार्टियां शामिल थी, फिर भी तीन पार्टियों के गठबंधन को ही महागठबंधन कहा गया। उसमें कुछ और पार्टियों को भी शामिल होना था, लेकिन वे शामिल नहीं हुईं। जैसे एनसीपी और समाजवादी पार्टी को भी शामिल होना था, लेकिन ये दोनों पार्टियां उसमें नहीं शामिल हुई थीं।

करुणानिधि ने स्टालिन को अपना वारिस घोषित किया

डीएमके ले रही है राहत की सांस
कल्याणी शंकर - 2016-10-28 11:27 UTC
भारत में वंशवाद की राजनीति लगातर मजबूत होती जा रही है। पार्टियों के नेता अपने परिवार के सदस्यों को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर रहे हैं। सोनिया गांधी तो खुद वंशवाद की पैदाइश हैं और उन्होंने राहुल गांधी को अपना वारिस अघोषित रूप से घोषित कर रखा है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, जो शिरोमणि अकाली दल के नेता हैं, अपना उत्तराधिकारी अपने बेटे सुखबीर बादल को घोषित कर चुके हैं।

बंगलुरु अदालत ने दिया चांडी को झटका

केरल कीं कांग्रेस में मचा हाहाकार
पी श्रीकुमारन - 2016-10-27 11:10 UTC
तिरुअनंतपुरमः सीपीएम के बाद अब कांग्रेस की बारी है। अब कांग्रेस केरल में एक तूफान का सामना कर रही है।

उत्तर प्रदेश का समाजवादी संकट

कब तक दो घोड़ों की सवारी करेंगे मुलायम?
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-10-26 13:09 UTC
मुलायम सिंह ने पिछले दिनों एक प्रेस सम्मेलन करके चार बातें स्पष्ट कर दीं। पहली बात तो यह थी कि वे अमर सिंह के साथ हैं और अखिलेश की मांग को मानते हुए वे अमर को पार्टी से नहीं निकालने वाले हैं। दूसरी बात उन्होंने यह कही कि वे अखिलेश के मुख्यमंत्री बने रहने के पक्षधर हैं, इसलिए वे शिवपाल की मांग को मानते हुए अखिलेश को हटाकर खुद इस समय मुख्यमंत्री नहीं बनने वाले। तीसरी बात उन्होंने यह स्पष्ट की कि वे अपने बेटे और भाई की लड़ाई मे अपने भाई के साथ हैं। चैथी बात उन्होंने यह कही कि चुनाव बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला चुनाव के बाद ही किया जाएगा। इसका मतलब यह भी है कि चुनाव के पहले अखिलेश को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश नहीं किया जाएगा।

शिवसेना और मनसे हाशिए पर ही रहेंगे

उद्धव और राज समय से तालमेल नहीं बैठा पा रहे हैं
अमूल्य गांगुली - 2016-10-25 12:07 UTC
शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना में महत्वाकांक्षा का अभाव साफ दिखाई देता है और यह अटपटा भी लगता है। उद्धव और राज के गुरू बाल ठाकरे ने विभाजनकारी राजनीति को अपना हथियार बनाया था और उसके द्वारा ही वे सत्ता हासिल करते थे। उन्हीं के विभाजन मंत्र को राज और उद्धव ने अपना रखा है और इसके कारण दोनों में से कोई भी महाराष्ट्र से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

भारत-पाक सीमा को पूरी तरह सील करना असंभव

राजनैतिक है गृहमंत्री का बयान
देवसागर सिंह - 2016-10-24 12:42 UTC
भारत और पाकिस्तान की सीमा 3323 किलोमीटर है और इसके अलावा 740 किलोमीटर नियंत्रण रेखा है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले दिनों घोषणा की कि सीमा और नियंत्रण रेखा को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा, ताकि देश में आतंकवादी घुसपैठ नहीं कर सकें। राजनाथ सिंह का यह बयान सर्जिकल स्ट्राइक के बाद आया है। जाहिर है इस बयान के राजनैतिक निहितार्थ हैं। वैसे अब तक की सभी सरकारों ने इस तरह की घोषणाएं समय समय पर की हैं।

दीपावली की सामाजिकता को चट करता बाजार

लक्ष्मी अब लोक की देवी नहीं, बल्कि ग्लोबल प्रतिमा बन गई हैं
अनिल जैन - 2016-10-22 17:08 UTC
दीपावली का पर्व अमावस्या को मनाया जाता है और इस मौके पर रात में दीये जलाए जाते हैं। इससे यह प्रतीक बेहद लोकप्रिय हो गया है कि यह अंधकार पर प्रकाश की और असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है। इस प्रतीकवाद की पुष्टि के लिए ही संस्कृत की उक्ति श्तमसो मा ज्योतिर्गमयश् पेश की जाती है। यह एक ऐसा प्रतीकवाद है, जो आधुनिक भारतीय चित्त को बहुत भाता है, क्योंकि इससे उसका राष्ट्रीय और सामाजिक गौरव बढ़ता है।

मोदी सरकार फिर राम भरोसे

उत्तर प्रदेश के चुनावी टूर की तैयारी
कल्याणी शंकर - 2016-10-21 12:01 UTC
अयोध्या में करोड़ों रुपये की लागत से एक रामायाण म्यूजियम बनाने की जरूरत केन्द्र सरकार को क्यों महसूस हुई? उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं, जाहिर है, एक बार फिर वहां राम को राजनैतिक परिदृश्य में लाकर खड़ा कर दिया गया है। भारतीय जनता पार्टी इसका इस्तेमाल कर अन्या पार्टियों को पराजित करना चाहती है। हालांकि भाजपा कह रही है कि राम कोई राजनैतिक एजेंडा नहीं हो सकते, लेकिन क्या यह वास्तव में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए है या राम के नाम पर वोट पाने के लिए है?

इंदौर में हो रहा है ग्लोबल निवेशक समिट

चौहान को बड़े निवेश की उम्मीद
एल एस हरदेनिया - 2016-10-20 19:11 UTC
भोपालः एक और ग्लोबल निवेशक शिखर सम्मेलन मध्यप्रदेश में होने जा रहा है। यह इन्दौर में 22 और 23 अक्टूबर को होगा। इन्दौर को इसलिए इस सम्मेलन के लिए चुना गया है, क्योंकि वह प्रदेश का सबसे बड़ा महानगर है। वह आबादी के लिहाज से भी सबसे बड़ा है और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से भी।

केरल सीपीएम में अभी भी गड़बड़ी

पार्टी नेतृत्व को अभी भी बहुत कुछ करना है
पी श्रीकुमारन - 2016-10-20 19:08 UTC
तिरुअनंतपुरमः उद्योग मंत्री ई पी जयराजन पर भाई भतीजावाद के गंभीर आरोप लग रहे थे और उसके कारण विपक्ष सरकार पर हमला कर रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री विजयन ने समय रहते कार्रवाई की और विपक्ष के विरोध की हवा निकाल दी। उन्होंने उद्योग मंत्री को तत्काल इस्तीफा देने को कहा और मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। सीपीएम महासचिव सीताराम यचूरी ने भी साफ साफ कहा कि जयराजन के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं हो सकता।