भारत-ईरान
लुसाने समझौता से भारत को होगा लाभ
ईरान से साथ आर्थिक संबंध बढ़ेंगे
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2015-04-13 16:59 UTC
कुछ दिन पहले ईरान के साथ पश्चिमी ताकतों की एक अंतरिम संधि हुई। इस संधि के बाद ईरान अब विश्व की मुख्यधारा में शामिल हो जाएगा। इसके पहले वह अनेक प्रतिबंधों के कारण मुख्यधारा से अलग थलग पड़ा हुआ था। परमाणु कार्यक्रमों को लेकर पश्चिमी देशों की ईरान से असहमति थी। पश्चिमी देश उसके परमाणु कार्यक्रमों से डरे हुए भी थे। वे चाहते थे कि ईरान अंतरराष्ट्रीय समझौतों का सम्मान करे, पर वह उनकी बात मानने को तैयार नहीं था। वह यह कहता रहा कि उसका परमाणु कार्यक्रम हथियार बनाने के लिए नहीं है, बल्कि वह शांतिपूर्ण कायों के लिए ही इसे आगे बढ़ा रहा है।