बिहार की राजनीति में मांझी फैक्टर
दलितों के मसीहा के रूप में उभर चुके हैं जीतनराम
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2015-03-01 15:19 UTC
जीतनराम मांझी अब मुख्यमंत्री नहीं हैं। लेकिन अब वे बिहार की राजनीति में एक बहुत बड़ा फैक्टर बच चुके हैं। यह सच है कि खुद उनके अपने जनता दल(यू) के ही दलित विधायकों ने भी उनका साथ संकट के दौर में नहीं दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बिहार के दलित भी उनके साथ नहीं हैं। सच तो यह है कि बिहार की राजनीति अब वह नहीं रही, जो कुछ दिन पहले थी। दलितों में आई राजनैतिक चेतना और अपने में से किसी एक को मुख्यमंत्री बनाने की उनकी भूख जाग गई है। जिस तरह से मांझी को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया, उसे लेकर भी उनमें आक्रोश है।