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बिहार की राजनीति में मांझी फैक्टर

दलितों के मसीहा के रूप में उभर चुके हैं जीतनराम
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-03-01 15:19 UTC
जीतनराम मांझी अब मुख्यमंत्री नहीं हैं। लेकिन अब वे बिहार की राजनीति में एक बहुत बड़ा फैक्टर बच चुके हैं। यह सच है कि खुद उनके अपने जनता दल(यू) के ही दलित विधायकों ने भी उनका साथ संकट के दौर में नहीं दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बिहार के दलित भी उनके साथ नहीं हैं। सच तो यह है कि बिहार की राजनीति अब वह नहीं रही, जो कुछ दिन पहले थी। दलितों में आई राजनैतिक चेतना और अपने में से किसी एक को मुख्यमंत्री बनाने की उनकी भूख जाग गई है। जिस तरह से मांझी को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया, उसे लेकर भी उनमें आक्रोश है।
भारत

राहुल को पूर्णकालिक राजनीतिज्ञ की भूमिका में आना होगा

अंशकालिक नेता के रूप में वे कांग्रेस का उद्धार नहीं कर सकते
कल्याणी शंकर - 2015-02-27 11:08 UTC
आखिर क्या कारण है कि कांग्रेस के उपाध्यक्ष गलत कारणों से बार बार मीडिया की सुर्खियां बन जाते हैं? इस बार वे बजट सत्र में संसद से नदारत रहकर मीडिया की सुर्खियों में छाये हुए हैं। इस सत्र के दौरान उनकी पार्टी के नेताओं को लग रहा था कि राहुल संसद में मोदी सरकार का विरोध करने में वे अपनी पार्टी के सांसदों का नेतृत्व करेंगे। राहुल गांधी बार बार विदेश चले जाते हैं और उन्होंने अनके बार दिल्ली में कई महत्वपूर्ण राजनैतिक घटनाओं में अपनी अनुपस्थिति दर्ज कर दी है। मनमोहन सिंह को जब प्रधानमंत्री के रूप में बिदाई जा रही थी, तब भी उन्हें उस कार्यक्रम में उपस्थित रहना चाहिए था, लेकिन तब भी वे वहां से गायब थे। वे तब देश मंे थे नहीं, बल्कि विदेश चले गए थे। उसी तरह से जब कांग्रेस पार्टी के 130वें सालगिरह का उत्सव मनाया जा रहा था, तब भी वे वहां नहीं थे।

मध्यप्रदेश के राजनैतिक संकट ने लिया नया मोड़

राज्यपाल ने दिया अपने पद से इस्तीफा
एल एस हरदेनिया - 2015-02-27 11:04 UTC
भोपालः व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) में हुए भ्रष्टाचार से पैदा राजनैतिक संकट ने अब नया मोड़ अख्तियार कर लिया है। प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। केन्द्र सरकार ने उन्हें अपना पद छोड़ने के लिए कहा था। व्यापम घोटाले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उसके बाद उन्हें अपने पद से हटने को कहा गया। फिर उन्होंने इस्तीफा दे डाला।

केरल में सीपीएम करे सच्चाई का सामना

एकता स्थापित करना बालकृष्णन के सामने बड़ी चुनौती
पी श्रीकुमारन - 2015-02-25 11:32 UTC
तिरुअनंतपुरमः के बालकृष्णन केरल प्रदेश सीपीएम के नये सचिव बने हैं। दो दशकों से भी ज्यादा समय तक इस पद पर रहने के बाद पी विजयन इस पद से मुक्त हो गए हैं। लेकिन पार्टी की प्रदेश स्तरीय बैठक में जो कुछ हुआ, उससे साफ हो गया है कि सीपीएम के सामने भारी संकट मंडरा रहा है। उसकी एकता को आज जितना बड़ा खतरा पैदा हुआ है, उतना पहले कभी नहीं था।

दिल्ली चुनाव का उत्तर प्रदेश पर असर

भाजपा नेताओं ने बाहरी लोगों को पार्टी में लेने के खिलाफ आगाह किया
प्रदीप कपूर - 2015-02-24 11:00 UTC
लखनऊः दिल्ली विधानसभा चुनाव में सदमा पाने के बाद उत्तर प्रदेश के नेताओं को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह अपने काम करने की शैली में अब बदलाव करेंगे। उन दोनों नेताओं की कार्यशैली में बदलाव को 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों की सफलता के लिए जरूरी माना जा रहा है।
भारत

बजट पर टिकी है देश दुनिया की नजर

किसी उम्मीदें पूरी करेंगे अरुण जेटली?
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-02-23 10:56 UTC
आगामी बजट सही मायने में नरेन्द्र मोदी सरकार का पहला बजट होगा, क्योंकि अरूण जेटली द्वारा पेश किया गया पिछला बजट उनके पूर्ववर्ती मंत्री पी चिदंबरम द्वारा कुछ महीने पहले पेश किए गए अंतरिम बजट का ही विस्तार था। इस बजट पर देश और दुनिया की निगाहें लगी हुई हैं और लोग देखना चाह रहे हैं कि मोदी सरकार आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को किस दिशा में ले जाना चाह रही है। सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने योजना आयोग को समाप्त कर दिया है और उसकी जगह नीति आयोग की स्थापना कर दी है। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी, डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांस्फर और वैसे ही अनेक जुमले हवा में तैर रहे हैं। हवा में तैर रहे उन जुमलों में छिपे उद्देश्यों को सरकार जमीन पर उतारने के लिए क्या करती है, इसका पता बहुत हद तक अगले बजट से लग जाएगा।
भारत: बिहार

अब लालू भरोसे नीतीश कुमार

छला गया फिर सामाजिक न्याय
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-02-21 10:36 UTC
जीतन राम मांझी की बिदाई हो गई है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री भी हो गए हैं, लेकिन इस प्रकरण ने बिहार के समाज को जबर्दस्त तरीके से आंदोलित कर डाला है। आखिर मांझी क्यों हटाए गए, इसके बारे में कोई भी विश्वसनीय कारण न तो नीतीश कुमार बता पाए हैं और न ही उनके कोई समर्थक। आॅफ द रिकाॅर्ड नीतीश के समर्थक बताते थे कि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले जीतन राम मांझी भाजपा में शामिल हो जाएंगे और तब जनता दल परिवार का बहुत ही चुनावी नुकसान हो जाएगा। उस नुकसान से बचने के लिए ही मांझी को जल्द से जल्द हटाना जरूरी है। लेकिन इस पूरे प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी की जो भूमिका रही है, उससे साफ हो जाता है कि भाजपा के साथ मांझी का कभी कोई उस तरह का संवाद रहा ही नहीं। भाजपा ने मांझी सरकार को बचाने की कोई कोशिश की ही नहीं।
भारत: केरल

सीपीएम के राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस पर मंडरा रहे हैं काले बादल

अच्युतानंदन ने किया नया हमला
पी श्रीकुमारन - 2015-02-21 10:33 UTC
तिरुअनंतपुरमः वी एस अच्युतानंदन की बहुत समय तक उपेक्षा नहीं की जा सकती। उनसे ज्यादा समय तक चुप रहने की उम्मीद भी नहीं की जा सकती है। उन्होंने एक बार फिर अपना रूप दिखाया है और उसके कारण केरल सीपीएम के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।

भारत: मध्य प्रदेश

संकट में शिवराज सिंह चौहान

बदनाम करने की कांग्रेस की कोशिश तेज
एल एस हरदेनिया - 2015-02-19 11:20 UTC
भोपालः कांग्रेस नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर लगाए जा रहे आरोपों में यदि रत्ती भर भी सच्चाई है, तो यह मानना पड़ेगा कि चौहान भारी मुसीबत में हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा के उपचुनावी नतीजे

भारतीय जनता पार्टी ने दिखाई मजबूती
आशीष बिश्वास - 2015-02-18 12:08 UTC
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में हाल ही में एक लोकसभा और एक विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव हुए। दोनो क्षेत्रों मे तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी हुए। लेकिन उन दोनों की सफलता से भी ज्यादा महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि वहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों को काफी मत मिले। पिछले साल मई में हुए लोकसभा चुनाव में परिश्चम बंगाल में भाजपा को करीब 16 फीसदी मत मिले थे। इस बार हुए उपचुनाव में विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार को 30 फीसदी और लोकसभा क्षेत्र में 25 फीसदी मत मिले।
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