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भारत: बिहार

अराजक हो रहे हैं नीतीश कुमार

व्यवस्था की उड़ाई जा रही है धज्जियां
उपेन्द प्रसाद - 2015-02-12 13:24 UTC
नीतीश कुमार की छवि मीडिया में एक जेंटिलमैन राजनीतिज्ञ की रही है। लेकिन मुख्यमंत्री बनने की लालसा में आज वे जो कुछ कर रहे हैं, उससे उनकी छवि एक अराजनैतिक नेता की बन रही है, जिसके लिए नियम और कायदे कोई मायने नहीं रखते और जिसे किसी भी कीमत पर सत्ता चाहिए। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से उनका तकरार भी इन्हीं कारणों से हुआ। मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी हैं और नीतीश चाहते थे कि सरकार उनकी चले और श्री मांझी उनके इशारों पर नाचते रहें। यह भी व्यवस्था के खिलाफ नीतीश का दुराग्रह ही था। इतना ही नहीं, वे चाहते थे कि मांझी उनके लिखे हुए भाषण ही पढ़ें। यह सब संभव नहीं हो सका। और उसके बाद नीतीश कुमार मांझी जी को हटाकर मुख्यमंत्री बनने के लिए सक्रिय हो गए। इसमें उन्हें लालू यादव का भी सहयोग मिल गया, जो शायद अपनी बेटी को उपमुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं।
भारत

दिल्ली में भाजपा की शर्मनाक पराजय

जनादेश 2014 को इस हार के चश्मे से पढ़ें मोदी
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-02-11 11:38 UTC
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली भारी जीत हमारे लोकतंत्र की बढ़ती परिपक्वता का एक उदाहरण है और भविष्य के लिए एक शुभ संकेत भी। 8 महीना पहले ही लोकसभा चुनाव में दिल्ली के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के सातों उम्मीदवारों को जीत दिला दी थी और 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 60 पर भाजपा के उम्मीदवार ही आगे थे। लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी ने 67 सीटों पर जीत हासिल कर सबको चैका दिया है।

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उलटी पड़ गई है नीतीश की राजनीति

उनके लिए करो या मरो का सवाल
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-02-10 12:01 UTC
बिहार की राजनीति में नीतीश का सारा दांव उलटा पड़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर उनकी पार्टी मजे से सरकार चला रही थी और नीतीश कुमार के नेतृत्व को कहीं से चुनौती नहीं मिलती थी। भाजपा उनकी सभी जिद के सामने झुक जाती थी और हमेशा गठबंधन में ज्यादा लाभ उन्हीं को मिलता था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने की उनकी महत्वाकांक्षा ने उनको कहीं का नहीं रहने दिया। नरेन्द्र मोदी का विरोध करते करते वे राजग से बाहर हो गए और अपनी बहुमत की सरकार को अलपमत में तब्दील कर दिया। वे कांग्रेस के समर्थन के मुहताज हो गए और दल बदल का काम शुरू कर दिया। सबसे ज्यादा चोट लगाई उन्हें लोकसभा के आम चुनाव ने। बिहार की राजनीति में वे नरेन्द्र मोदी के सामने बुरी तरह पिट गए। उनके दल को मात्र दो सीटें मिलीं और उनके ऊपर ओबीसी विरोधी होने का आरोप अलग से लगा, क्योंकि नरेन्द्र मोदी ओबीसी हैं।
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मध्यप्रदेश में भाजपा को बड़ी जीत

मुख्यमंत्री को जाता है इस जीत का श्रेय
एल एस हरदेनिया - 2015-02-09 11:58 UTC
भोपालः मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सभी सर्वेक्षणों के नायक दिखाई पड़ रहे हैं। स्थानीय निकायों के चुनावों में जीत के बाद वे सत्ताारूढ़ पार्टी के नेताओं में सबसे आगे दिखाई र्पड़ रहे हैं। अब भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के सभी महानगरों के निकायों पर शासन कर रही है।
दिल्ली चुनाव

क्या मोदी पर भारी पडेंगे केजरीवाल

दिल्ली की दूसरी लड़ाई
कल्याणी शंकर - 2015-02-06 12:01 UTC
जब पिछले महीने दिल्ली चुनाव की तारीखों का एलान हुआ था तो उम्मीद की जा रही थी कि भारतीय जनता पार्टी जीत हासिल कर लेगी। अभी भी इसकी संभावना समाप्त नहीं हुई है। भाजपा की जीत की उम्मीद इस बात पर आधारित थी कि पिछले साल मई में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार दिल्ली की 70 में से 60 सीटों पर आगे थे और उस चुनाव के बाद हुए चार प्रदेशों के विधानसभा चुनावों मे भाजपा की ही जीत हुई थी। पार्टी को लग रहा था कि देश में चल रही मोदी लहर अभी समाप्त नहीं हुई है और इसके कारण ही उसे दिल्ली में भी सफलता मिलने की उम्मीद लगी हुई थी।

दिल्ली चुनाव को लेकर दहशत में भाजपा

बिना किसी पूर्व तैयारी के चुनाव में उतरने का है यह नतीजा
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-02-05 12:44 UTC
नई दिल्लीः दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है। शुरुआती झिझक के बाद अब उसके कार्यकर्ता भी अपने पूरे जोश में आ गए हैं। इसके बावजूद भाजपा के नेता जीत के प्रति आश्वस्त नहीं। रोज के रोज आने वाले चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों ने उनकी रात की नींद और दिन का चैन चुरा लिया है।

उत्तर प्रदेश भाजपा ने विधान परिषद चुनाव में चूक की

अखिलेश यादव उठा रहे हैं इसका फायदा
प्रदीप कपूर - 2015-02-04 12:33 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश का भाजपा नेतृत्व जिस तरह से काम कर रहा है, उससे भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश नेता और पार्टी कार्यकत्र्ता नाखुश हैं। भाजपा दावा कर रही है कि उसका सदस्यता अभियान जोरों पर है और उसे अपार सफलता मिल रही है। इसके बावजूद यह दिशाहीन तरीके से निर्णय ले रही है। इसके कारण पार्टी में भ्रम का माहौल बना हुआ है। योजना और रणनीति का जबर्दस्त अभाव है और विधायकों तक को यह पता नहीं चल रहा है कि पार्टी का प्रदेश नेतृत्व क्या चाहता है।

समस्याओं से जूझ रही है रोजगार गारंटी योजना

पुरस्कार पाने में मध्यप्रदेश सबसे आगे
राजु कुमार - 2015-02-03 13:00 UTC
मध्यप्रदेश को दिल्ली में भारत सरकार द्वारा 2013-14 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून एवं अन्य योजनाओं के कंवर्जेंस से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाने और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के उत्कृष्ट कार्यों के लिए 2 फरवरी 2015 को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारत सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार स्थायी परिसंपत्तियों का 74 प्रतिशत निर्माण कर मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है।

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की बांछें खिलीं

भाजपा चुनाव घोषणा पत्र तक न ला सकी
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-02-03 12:58 UTC
नई दिल्लीः मतदान का समय जैसे जैसे नजदीक आता जा रहा है आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकत्र्ताओं का उत्साह बढ़ता जा रहा है। उसका असली मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के साथ है और भाजपा एक के बाद एक गलतियां करती जा रही हैं, जिसके कारण उसकी चुनावी संभावना बिगड़ती जा रही है।
भारत

जयंती टैक्स की वसूली किसने की?

राहुल और रमेश कर रहे थे नटराजन के साथ खेल
नन्तू बनर्जी - 2015-02-02 12:11 UTC
यदि जयंती नटराजन द्वारा लिखी गई सोनिया गांधी की चिट्ठी के मजमून और बाद में टीवी चैनलों को दी गई उनके द्वारा जानकारी का विश्लेषण किया जाय, तो यह जाहिर हो जाता है कि पर्यावरण मंत्रालय एक शक्तिशाली नापाक गठबंधन के द्वारा चलाया जा रहा था और उस गठबंधन में खुद जयंती नटराजन के अलावा कुछ और शक्तिशाली लोग शामिल थे। उस गठबंधन का काम था बड़ी बड़ी परियोजनाओं की स्वीकृति को रोके रखना। उस गठबंधन ने 100 खरब रुपये की राशि की परियोजनाओं को रोके रखने में सफलता पाई।