संसद को चलने दिया जाना चाहिए
बाधा डालने वाले सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो
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2013-12-02 10:36 UTC
संसद का आगामी शीत सत्र 5 दिसंबर से शुरू हो रहा है। संसद का कोई भी सत्र अबतक इतना छोटा नहीं रहा है, जितना छोटा इसे रखा गया है। यह महज दो सप्ताह तक ही चलेगा। आमतौर पर संसद का मानसून और शीत सत्र पूरे एक महीने का होता है। इस बार छोटा सत्र बुलाने का कोई साफ कारण नहीं बताया गया है। एक कारण शायद यह हो सकता है कि संसद के सत्र पिछले सालों से बार बार बर्बाद किए जा रहे हैं। उनमें काम ढंग से नहीं हो पाते और बार बार संसद स्थगन का शिकार हो जाती है। इसीलिए लगता है कि सरकार ने इस बार छोटा सत्र बुलाया है, ताकि पैसों की फालतू में बरबादी नहीं हो सके।