मोदी के नाम की घोषणा के सिवा और कोर्इ रास्ता ही नहीं था
उपेन्द्र प्रसाद
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2013-09-15 07:40 UTC
आडवाणी के हर संभव प्रतिरोध के बावजूद यदि नरेन्द्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के लिए भाजपा को बाध्य होना पड़ा, तो इसका एकमात्र कारण यही है कि उसके पास इसके अलावा और कोर्इ रास्ता ही नहीं रह गया था। मोदी के मसले पर ही नीतीश कुमार ने भाजपा का साथ छोड़ दिया था। उनके साथ छोड़ने के पहले से ही भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह कहने लगे थे कि मोदी देश के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। जब आप अपनी पार्टी में किसी को सर्वाधिक लोकप्रिय नेता मान लेते हों और यह भी कहते हों कि उस सर्वाधिक लोकप्रिय नेता को पार्टी के कार्यकत्र्ता प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में देखना चाहते हैं, तो फिर उसे औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री उम्मीदवार नहीं घोषित करने पर लोगों के बीच तरह तरह के संशय पैदा होने लगते हैं।