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अन्ना प्रकरण: सोनिया के न होने से देर से हुआ अहम फैसला

एस एन वर्मा - 2011-08-16 14:06 UTC
नई दिल्ली। सोनिया की अनुपस्थिति के कारण कांग्रेस पार्टी और सरकार काफी फजीहत के बाद अन्ना प्रकरण पर बमुश्किल फैसला ले सकी, जो निर्विवाद भी नहीं रहा। दिनभर बैठकों और बयानों का दौर चलता रहा। जिसमे काफी समय नष्ट हो गया। विपक्ष ने सरकार को संसद में कटघरे में खड़ा कर उस पर आरोपों की झड़ी लगा दी। संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने इसी मुद्दे पर कार्यवाही नहीं चलने दी। इन दलों ने हज़ारे की गिरफ्तारी को ‘लोकतंत्र की हत्या‘ करार दिया और कहा कि यह आपातकाल के दिनों की वापसी है। इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ता पूरे जोर-शोर के साथ अपनी मांगों को लेकर आम जनता को उद्वेलित करने में सफल रहे।

भ्रष्टाचार के मसले पर कांग्रेस गहरे संकट में

शीला दीक्षित के मामले मे दोहरा मानदंड क्यों?
कल्याणी शंकर - 2011-08-12 13:20 UTC
कांग्रेस अब केन्द्र में ही नहीं, बल्कि कुछ राज्यो में भ्रष्टाचार के मसले पर अपने आपको फंसा हुआ पा रही है। उसकी दिल्ली और केरल की सरकारें भ्रष्टाचार के मसले पर सीधें विपक्ष के निशाने पर आ गई हैं। वह दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार और केरल की ओमान चांडी की सरकार को बचाने के लिए काफी पसीने बहा रही है, लेकिन विपक्ष उन दोनों राज्यों में उसे पानी पीने तक की मोहलत नहीं दे रहा है।

ममता ने अनेक आयोग और समितियों का गठन किया

काम तो शायद ही किसी ने शुरू किया है
आशीष बिश्वास - 2011-08-11 13:00 UTC
कोलकाताः क्या ममता बनर्जी अपने सलाहकारों की सुनती भी है? सच तो यह है कि उनके अधिकांश सलाहकारों का काम ममता की बातो को सुनने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री से नजदीकी बनाने के लिए वे उनकी हां में हां मिलते हैं और अपनी तरफ से किसी प्रकार की सलाह देने में भय खाते हैं।

राहुल गांधी अब एक बड़ी भूमिका में

उनकी विचाराधारा को लेकर अभी भी है भ्रम
अमूल्य गांगुली - 2011-08-10 12:21 UTC
राष्ट्रीय सलाहकार समिति का संविधान में कोई प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद आज इसका अस्तित्व है और सोनिया गांधी इस समिति की अध्यक्ष हैं। इसी तर्ज पर सुश्री गांधी ने कांग्रेस के अंदर एक 4 सदस्यों का पैनल बना दिया हे, जिसका कांग्रेस के संविधान में कोई उल्लेख नहीं है। इस पैनल में उनके पुत्र राहुल गांधी के अतिरिक्त ए के एंटोनी, अहमद पटेल और जनार्दन द्विवेदी शामिल हैं।

केन्द्रीय मंत्रालयों में सीमा सुरक्षा पर जंग

सेना असम रायफल्स को हटाना नहीं चाहती
बरुण दास गुप्ता - 2011-08-09 11:35 UTC
कोलकाताः दो केन्द्रीय मंत्रालयों में पूर्वात्तर सीमा की सुरक्षा को लेकर जंग छिड़ी हुई है। के’न्द्रीय गृह मंत्रालय और केन्द्रीय प्रतिरक्षा मंत्रालय अपने अपने तरीके से भारत म्यान्मार सीमा की सुरक्षा के बारे में सोचते हैं। फिलहाल इस सीमा पर असम रायफल्य तैनात है, जो रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करता है। पर गृह मंत्रालय चाहता है कि इस सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीमा सुरक्षा बल के हवाले कर दी जाए। गौरतलब है कि सीमा सुरक्षा बल केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अध्ीन काम करता है। यह विवाद रक्षा पर बनी कैबिनेट समिति के विचाराधीन है।

क्या उत्तर प्रदेश विधानसभा भंग होगी?

समय से पहले ही चुनाव होने की अटकलें
प्रदीप कपूर - 2011-08-08 13:25 UTC
लखनऊः राजनैतिक क्षेत्र में चर्चा गर्म है कि क्या मुख्यमंत्री मायावती विधानसभा भंग कर समय से पहले ही इसका आमचुनाव करवा देगी?

शीला दीक्षित की कुर्सी कितनी सलामत?

सारा दारोमदार सोनिया गांधी पर
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-08-06 18:05 UTC
कैग की ताजा रिपोर्ट आने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का अपने पद पर बने रहना मुश्किल हो गया है। दिल्ली में मुख्य विपक्ष भारतीय जनता पार्टी है और उसने कर्नाटक में यदुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाकर अपने को नैतिकता के उस धरातल पर खड़ा कर दिया है, जहां से वह शीला दीक्षित पर गंभीर चोट कर सकती है। भाजपा की यह चोट न केवल शीला दीक्षित पर होगी, बल्कि इसके दायरे मंे कांग्रेस भी होगी। अगले साल दिल्ली में नगर निगम का चुनाव भी होना है। इस चुनाव का सामना कांग्रेस यदि शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री बनाकर करती है, तो उसके लिए आक्रामक भाजपा का सामना करना लगभग असंभव होगा। यही कारण है कि इस बार शीला दीक्षित की कुर्सी पर खतरा वास्तविक हो गया है।

अन्ना टीम और केन्द्र सरकार का टकराव

इस बार अनशन उलटा असर कर सकता है
कल्याणी शंकर - 2011-08-05 19:18 UTC
अन्ना के नेतृत्व वाला सिविल सोसायटी सरकार द्वारा पेश किए गए लोकपाल विधेयक का विरोध कर रहा है। इस टकराव का आखिर क्या नतीजा होगा? क्या सरकार अन्ना की मांग के सामने झुक जाएगी और उसके अनुसार विधेयक के प्रावधानों में बदलाव कर देगी? यदि वह ऐसा करती है, तो फिर अन्य विवादास्पद विधेयकों का भविष्य क्या होगा?

चौहान को मिली कोर्ट से क्लीन चिट

कांग्रेस करेगी अपील
एल एस हरदेनिया - 2011-08-04 11:16 UTC
भोपालः पिछले 31 जुलाई को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंगरौली में भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। वे कह रहे थे कि भाजपा के अंदर भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा को भाजपा के भ्रष्ट नेताओं और कार्यकर्त्ताओं की एक सूची बनाने के लिए कह रहे थे। खासकर उन भाजपा कार्यकर्त्ताओं की सूची माग रहे थे, जो जनवितरण प्रणाली के अंतर्गत डीलर के रूप में काम कर रहे हैं और भ्रष्ट हैं।

जयललिता का केन्द्र से टकराव

करुणानिधि की नई सक्रियता
एस सेतुरमण - 2011-08-03 10:50 UTC
चेन्नईः मुख्यमंत्री जयललिता ने एकाएक केन्द्र सरकार के खिलाफ अपनी आवाज तेज कर दी है। विधानसभा चुनाव के पहले वह मनमोहन सिंह सरकार को बचाने की पेशकश तक कर रही थीं, ताकि वह डीएमके के भ्रष्ट मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें। अब मुख्यमंत्री बनने के दो महीने के बाद उन्होंने केन्द्र सरकार पर ही हमले तेज कर दिए है और हमले का निशाना खुद मनमोहन सिंह को भी बना दिया गया है।