अन्ना प्रकरण: सोनिया के न होने से देर से हुआ अहम फैसला
नई दिल्ली। सोनिया की अनुपस्थिति के कारण कांग्रेस पार्टी और सरकार काफी फजीहत के बाद अन्ना प्रकरण पर बमुश्किल फैसला ले सकी, जो निर्विवाद भी नहीं रहा। दिनभर बैठकों और बयानों का दौर चलता रहा। जिसमे काफी समय नष्ट हो गया। विपक्ष ने सरकार को संसद में कटघरे में खड़ा कर उस पर आरोपों की झड़ी लगा दी। संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने इसी मुद्दे पर कार्यवाही नहीं चलने दी। इन दलों ने हज़ारे की गिरफ्तारी को ‘लोकतंत्र की हत्या‘ करार दिया और कहा कि यह आपातकाल के दिनों की वापसी है। इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ता पूरे जोर-शोर के साथ अपनी मांगों को लेकर आम जनता को उद्वेलित करने में सफल रहे।