Skip to main content

View Articles

प्रोफेसर डी.पी. चट्टोपाध्याय और प्रोफेसर बालासुब्रमण्यम को आजीवन उपलब्धि पुरस्कार

विशेष संवाददाता - 2010-12-22 12:54 UTC
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने आज यहां प्रोफेसर डी.पी. चट्टोपाध्याय और प्रोफेसर बालासुब्रमण्यम को भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद (आईसीपीआर) के आजीवन उपलब्धि पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने प्रोफेसर डी.पी. चट्टोपाध्याय और प्रोफेसर बालासुब्रमण्यम को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें अस्वस्थ होने के कारण प्रोफेसर डी.पी. चट्टोपाध्याय के इस कार्यक्रम में मौजूद न होने पर बहुत दुख महसूस हो रहा है। प्रधानमंत्री ने प्रोफेसर डी.पी. चट्टोपाध्याय के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

सोनिया गांधी की ढिलमुल राजनीति

कठोर निर्णय से ही कांग्रेस का भला होगा
अमूल्य गांगुली - 2010-12-22 10:03 UTC
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार जब से बनी है, तब से ही यह हमेशा किसी न किसर दबाव का शिकार रही है। अपने पहले कार्यकाल में यह अपने वाम समर्थक दलों के दबाव के तहत काम करती थी। परमाणु मसले पर वामदलों द्वारा समर्थन वापस लिए जाने के बाद वह उनके दबाव से तो मुक्त हो गई, लेकिन दूसरी तरह के दबावों में आ गई।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा के नाम पर

इंद्र वशिष्ठ - 2010-12-22 06:59 UTC
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के नाम पर एक ओर व्यकित को अपनी जान गंवानी पड गईं । न जाने संवेदनशील और शरीफ कहे जाने वाले मनमोहन सिंह का दिल इसी तरह की मौतों पर कब पसीजेगा ? कब तक पीएम की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगने वाले जाम में मरीज अस्पताल पहुंचने के पहले मरते रहेंगे?
भारत

कांग्रेस पर बिहार की हार की छाया

राहुल की छवि की चिंता करे पार्टी
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-12-21 12:43 UTC
कांग्रेस का महाधिवेशन ऐसे समय में हो रहा था, जब कांग्रेस भ्रष्टाचार के मसले पर चारों तरफ से घिरी हुई थी। जाहिर है उस अधिवेशन पर भ्रष्टाचार के आरोपों और उसकी जेपीसी जांच की छाया थी। कांग्रेस के नेतागण विपक्ष की इस चुनौती का सामना करने की तैयारी करके तो महाधिवेशन में गए ही होंगे, लेकिन उन्होंने यह कभी नहीं सोचा होगा कि बिहार की छाया भी उनके ऊपर पड़ेगी। बिहार के चुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक पराजय हुई है। कांग्रेस उतनी बुरी तरह कभी वहां हारी ही नहीं थी। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद कांग्रेस के प्राप्त मतों का आंकड़ा 9 फीसदी तक भी नहीं पहुच सका था।

सीबीईसी ने सुझावों को आमंत्रि‍त करते हुए अधि‍कृत आर्थिक संचालक मसौदा योजना जारी की

विशेष संवाददाता - 2010-12-20 17:51 UTC
नई दिल्ली: केन्‍द्रीय उत्‍पाद एवं सीमा शुल्‍क बोर्ड (सीबीईसी) ने वैश्‍वि‍क व्‍यापार की सुरक्षा और इसे सुसाध्‍य बनाने के लि‍ए वि‍श्‍व सीमा शुल्‍क संगठन (डब्‍ल्‍यूसीओ) के सुरक्षि‍त मानकों के आधारभूत ढांचे के आधार पर अधि‍कृत आर्थिक संचालक मसौदा (एईओ) योजना जारी की।

हितधारकों के साथ भारतीय खान विभाग के पुनर्गठन एवं समीक्षा पर बैठक

विशेष संवाददाता - 2010-12-20 17:43 UTC
नई दिल्ली: खान मंत्रालय के सचिव श्री एस. विजय कुमार ने आज भारतीय खान विभाग (आईबीएम) की समीक्षा एवं पुनर्गठन पर हितधारकों की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य सरकारों, खनिज उद्योग, भारतीय खान विभाग, जीएसआई और एफआईएमआई के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस मुद्दे पर प्रारूप रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी।
भारत

प्‍याज निर्यात के लिए अनापत्‍ति प्रमाण पत्र निलम्‍बित

विशेष संवाददाता - 2010-12-20 17:39 UTC
नई दिल्ली: प्‍याज के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य (एमईपी) का निर्धारण करने के लिये मूल्‍य निर्धारण सलाहकार समिति की आज बैठक आयोजित की गई।
भारत - कंग्रेस के 125 वर्ष

कंग्रेस अधिवेशन में राजनीति और विरासत पर जोर

विजयकुमार मधु - 2010-12-20 06:27 UTC
नयी दिल्ली: विरासत की राजनीति में ताजपोशी का ही जिक्र होना इस महाधिवेशन की आम बात बन गई है। प्रदेश चाहे कोई भी हो सभी जगह पिता के पश्चात पुत्र को राजनीतिक विरासत का द्योतक माना जाना एक तरह की परम्परा ही दिखाई दे रही है।

भ्रष्टाचार फिर एक बड़ा मुद्दा बना

कांग्रेस को इसका सामना करना ही होगा
राजनैतिक संवाददाता - 2010-12-20 05:11 UTC
नई दिल्लीः राजीव गांधी ने 1985 के मुबई कांग्रेस महाधिवेशन में जो कहा था वह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को सत्ता के दलालों से खतरा है, जो पार्टी के अंदर भरे हुए हैं।उसके 25 साल बाद जब पार्टी के 125 साल पूरा हो रहे हैं, तब कांग्रेस के सामने यह चुनौती आज उस समय की अपेक्षा बहुत बड़ी दिखाई पड़ रही है।

जम्मू और कश्‍मीर के गुज्जर और बकरवाल

एम एल धर - 2010-12-19 05:26 UTC
जम्मू और कश्‍मीर में करीब दो लाख खानाबदोश गुज्जर और बकरवाल परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत लाया जा रहा है। राज्य के उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री कमर अली अख्खून ने बताया कि उनको अस्थाई राशन कार्ड जारी किए जाएंग़े ताकि एक स्थान से दूसरी जगह जाने के दौरान उन्हें बिना किसी कठिनाई के राषन मिल सके। मंत्री महोदय ने कहा कि अपनी प्रवासी प्रवृत्ति के कारण वे बीपीएल परिवारों के लिए शुरू की गईं सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे, इससे उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी।
Collapse/expand modules below