आतंकवाद पर राजनीति का एक और उदाहरण
केंद्र सरकार इशरत मामले पर चुप क्यों
2010-07-08 08:19
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केंद्र की यूपीए सरकार एक और तो आतंकवाद की चुनौतियों से निपटने की बात करती है और दूसरी और वह आतंकवाद पर राजनीति करने से भी बाज नहीं आई। गुजरात पुलिस के हाथों एक मुठभेड़ के दौरान अपने दो अन्य साथियों के साथ मारी गई मुंबई की छात्रा इशरत जहां के मामले पर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड कोलमैन हेडली के खुलासे से तो शायद कांग्रेसनीत यूपीए सरकार की इसी प्रकार की राजनीति बेनकाब होती नजर आ रही है।