समूह 20 के दुविधाग्रस्त नेता दुनिया को संकट से निजात नहीं दिला सकते
2010-07-03 09:35 -यह अब एक परंपरा की तरह कायम हो गया है। जहां भी दुनिया के प्रमुख देश विश्व अर्थव्यवस्था पर विचार-विमर्श करने या कुछ निर्णय करने के लिए एकत्रित होते हैं, वहां आयोजन के समानांतर विरोध प्रदर्शन चलते रहते हैं। धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन उग्र होते जा रहे हैं। पिछले साल लंदन में हुए समूह आठ एवं समूह 20 सम्मेलन के दौरान जितना उग्र प्रदर्शन हुआ उसे भुलाया नहीं जा सकता। अभी 26-27 जून को टोरंटो में विश्व की आर्थिक महाशक्तियों के संगठन समूह आठ एवं उभरती हुई नई आर्थिक शक्तियों के देश समूह 20 के संयुक्त सम्मेलन के बाहर प्रदर्शनकारियों ने जैसा आक्रामक विरोध किया, वह भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है। उतनी हिसा, तोड़फोड़ और आगजनी की कल्पना कनाडा सरकार को भी नहीं थी। कुछ लोगों को इस शर्त्त पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी कि वे शांतिपूर्ण तरीका अपनाएंगे, किंतु ऐसा नहीं हुआ।