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बिहार कांग्रेस का नेतृत्व परिवर्तन

क्या पार्टी अपनी स्थिति सुधार पाएगी?
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-06-08 08:42
आखिरकार बिहार में कांग्रेस को नेतृत्व में बदलाव करना ही पड़ा। अनिल शर्मा हटा दिए गए और उनकी महबूब अली कैसर को पार्टी का कमांड सौप दिया गया। बिहार की राजनीति जाति के प्रति बहुत ही संवेदशील है। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने अनिल शर्मा को वहां का अध्यक्ष बनाया था, ताकि नीतीश कुमार से दूर भाग रहे भूमिहारों को पार्टी के साथ जोड़ा जा सके। पर अनिल शर्मा के खिलाफ कांग्रेसियों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई कि उन्हें पद पर बनाए रखना कांग्रेस आलाकमान के कलए असंभव हो गया था।

मोदी के वकील जेठमलानी को मिला बीजेपी से राज्यसभा का टिकट

एस एन वर्मा - 2010-06-07 08:39
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी जांच का सामना कर रहे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर बीजेपी संसदीय दल के सदस्यों पर भारी पड़े हैं। बीजेपी के एक गुट के विरोध के बावजूद श्री मोदी ने अपने वकील व पूर्व सांसद रामजेठमलानी केा राज्य सभा का टिकट दिलवाने में सफल हो गए हैं।बीजेपी द्वारा आज जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रख्यात व विवादित वकील रामजेठमलानी को राजस्थान से राज्यसभा के सदस्य के लिए टिकट दिया गया है।

उग्रवाद समाप्त करने में आंशिक सफलता

बातचीत को लेकर उल्फा विभाजित
आशीष बिश्वास - 2010-06-05 04:50
कोलकाताः पूर्वाेत्तर राज्यों में उग्रवाद की समस्या को हल करने में आंशिक सहायता प्राप्त हो रही है। सीबीआई और स्थानीय पुलिस ने चार ऐसे आतंकवादियों को गिरफ्तार करने मे सफलता पाई है, जो 2008 के अक्टूबर महीने में हुए सीरियल विस्फोटों में शामिल थे। गौरतलब है कि उन विस्फोटों में 88 लोग मारे गए थे।

पूर्वी भारत में हरित क्रांति का विस्तार

विशेष संवाददाता - 2010-06-04 11:26
देश के पूर्वी क्षेत्र यानी बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ,़ ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक हरित क्रांति का फैलाव करने के लिए केंद्रीय बजट 2010 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि का आबंटन किया गया है।

कई प्रजातियां, एक ग्रह, एक भविष्य

अहमद नूर खान - 2010-06-04 11:16
विकास के प्रति अपने मौजूदा दृष्टिकोण से हमने मूल वनों को साफ करने, आद्र्र भूमि को नष्ट करने, मत्स्य भंडार के तीन चौथाई को निगलने तथा आगामी कई शताब्दियों तक इस ग्रह को गर्म रखने वाली गैसों का उत्सर्जन किया है।

आंध्र पर कांग्रेस की पकड़ कमजोर

रोसैया एक कमजारे मुख्यमंत्री साबित हुए हैं
कल्याणी शंकर - 2010-06-04 10:56
क्या आंध्र प्रदेश की राजनीति पर कांग्रेस की पकड़ कमजोर हो रही है? राज्य से जो संकेत आ रहे हैं, उनसे तो यही पता चलता है कि कांग्रेस के लिए सबकुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। प्रजा राज्यम पार्टी के नेता अभिनेता चिरंजीवी से दिल्ली में सोनिया गांधी की हुई बातचीत का संकेत यही है कि कांग्रेस आंध्र प्रदेश में अपनी रणनीति में बदलाव लाना चाहती है।

नक्सलवाद को उपद्रव मान कर कुचलने के लिए आखिरी विकल्प

डॉ. अतुल कुमार - 2010-06-04 10:47
नक्सलवाद को उपद्रव मान कर कुचलने के लिए आखिरी विकल्प सेना है तो उससे पहले इस समस्या को पैदा करने वाले नौकरशाह, पोसने वाले नेता और भडकाने वाले सारे पुलिस कमियों को उतना ही जिम्मेदार मानते हुऐ जेल भेजे जाना चाहिए। जिस शासन तंत्र की विफलता इस आतंक को जन्म दे रही है वो भी उतनी ही दोषी और सजा के लायक हैं जितने नक्सली।

चक्रवात फेट की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ के आठ दल तैनात

विशेष संवाददाता - 2010-06-03 12:04
नयी दिल्ली : भारतीय मौसम विभाग की सूचना के अनुसार पूर्व मध्य और पश्चिम मध्य अरब सागर पर 31 मई, 2010 को प्रात: 11.30 बजे दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इसने उत्तर पूर्वी दिशा में बढत़े हुए पहली जून, 2010 को गहरे दबाव का रूप धारण कर लिया। इसके बाद यह 2 जून, 2010 को तीव्र चक्रवाती तूफान फेट के रूप में जोर पकड़ गया। यह मुम्बई के पश्चिम में लगभग 1350 किलोमीटर पर, गुजरात में नाल्ल्या (कच्छ) के दक्षिण पश्चिम में 1050 किलोमीटर पर, कराची (पाकिस्तान) के दक्षिण-पश्चिम में 120 किलोमीटर पर और सुर ओमान के दक्षिण-दक्षिण पूर्व में 450 किलोमीटर पर उत्तर में 18.5 डिग्री अक्षांश और पूर्व में 60.0 डिग्री रेखाश के निकट आज रात 02.30 बजे (भारतीय समय) पर केन्द्रित रहा।

कविगुरू रबीन्द्रनाथ ठाकुर

नीरेन्द्र देव - 2010-06-03 11:59
कविगुरु रबीन्द्रनाथ ठाकुर ने साहित्य के क्षेत्र में अपनी जन्मभूमि बंगाल में शुरूआती सफलता प्राप्त की । वह साहित्य की सभी विधाओं में सफल रहे किन्तु सर्वप्रथम वह एक महान कवि थे । अपनी कुछ कविताओं के अनुवादों के साथ वह पश्चिमी देशों में भी प्रसिद्ध हो गए । कविताओं की अपनी पचास और अत्यधिक लोकप्रिय पुस्तकों में से मानसी (1890)/(द आइडियल वन), सोनार तरी(1894) (द गोल्डेन बोट) और गीतांजलि (1910) जिस पुस्तक के लिये उन्हें वर्ष 1913 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

भारत का आर्थिक परिदृश्य

अशोक हाँडू - 2010-06-03 11:54
हाल ही में समाप्त हुआ वित्त वर्ष 2009-10 भारत के लिए एक ऐसा कठिन समय रहा है जब देश को भी वैश्विक आर्थिक संकट के प्रभाव को झेलना पड़ा। ऐसे कठिन समय में जो चीज भारत के काम आयी, वह थी भारत का मजबूत आर्थिक आधार। परन्तु इसके बावजूद भी भारत पूरी तरह से इस मंदी के प्रभाव से बच नहीं सका। भारत के पक्ष में यह बात जरूर जाती है कि जहां विश्व की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थायें, नकारात्मक (त्रऽणात्मक) आर्थिक विकास की गर्त में समा गई वहीं भारत में आर्थिक विकास की दर सम्मानजनक स्तर पर बनी रही। अंतिम आँकड़े अभी तो उपलब्ध नहीं हैं, परन्तु इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि इस अवधि में हमारी विकास दर 7.2 प्रतिशत की रहेगी।