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त्रासदी भरे प्रहसन का पात्र बन गए हैं केरल के एक मंत्री

प्रेमिका के पति से पिटने के बाद पत्नी के मुकदमे का डर
पी श्रीकुमारन - 2013-03-14 10:09 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल में एक जबर्दस्त फिल्मी दृश्य हो रहा है। इस फिल्म के केन्द्र में प्रदेश के फिल्म और वनमंत्री के बी गणेश कुमार हैं। वे केरल कांग्रेस (बालकृष्णन) से जुड़े हैं। उनके पिता बालकृष्ण पिल्लै, जो उनकी पार्टी के अध्यक्ष भी हैं, इस फिल्म के दूसरे पात्र हैं। तीसरा पात्र मंत्रीजी की पत्नी यामिनी थंकाची हैं, तो चैथा किरदार सरकार के विधानसभा में मुख्य सचेतक पी सी जाॅर्ज है। पांचवें किरदार के रूप में खुद मुख्यमंत्री ओमन चांडी हैं।

तिहाड़ जेल में राम सिंह की आत्महत्या

देश की न्याय-व्यवस्था पर एक करारा तमाचा
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-03-13 13:17 UTC
राम सिंह और उसके सहयोगियों ने पिछले 16 दिसंबर की रात को चलती बस में एक लड़की से बलात्कार कर दिल्ली की कानून व्यवस्था की घज्जियां उड़ा दी थी। अब राम सिंह ने तिहाड़ जेल के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या करके देश की न्याय व्यवस्था पर ही तमाचा जड़ दिया है।

पश्चिम बंगाल उपचुनाव में किसी पार्टी को बढ़त नहीं

पंचायत चुनाव के पहले सभी विरोधी समान धरालत पर
आशीष बिश्वास - 2013-03-12 14:00 UTC
कोलकाताः पश्चिम बंगाल के तीन विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनावों में किसी की राजनीतिक पार्टी को बढ़त नहीं मिल पायी है। एक एक क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस, वाम मोर्चा और कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं।

क्या राहुल वास्तव में वंशवाद की राजनीति के खिलाफ हैं?

कांग्रेस उपाध्यक्ष लंबे समय की राजनीति कर रहे हैं
हरिहर स्वरूप - 2013-03-11 13:43 UTC
राहुल गांधी आमतौर पर संसद भवन के सेंट्रल हॉल में नहीं आते हैं। इसलिए पिछले सप्ताह सेंट्रल हॉल में राहुल गांधी का आना एक अप्रत्याशित घटना थी। पार्टी उपाध्यक्ष बनने के बाद वे पहली बार सेंट्रल हॉल में आए थे। सांसदों और पत्रकारों ने उन्हें वहां आते ही चारों ओर से घेर लिया। संवाददाता उनसे सवाल करते उसके पहले ही उन्होंने यह कहना शुरू कर दिया कि मुझसे यह सवाल करना गलत होगा कि क्या मैं प्रधानमंत्री बनने जा रहा हूं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री बनना उनकी प्राथमिकता नहीं है, बल्कि पार्टी को खड़ा करने में उनकी पहली दिलचस्पी है।

उत्तरपूर्व के तीन राज्यों के चुनावी संकेत

लोकतांत्रिक व्यवहार के लिए ये वाकई मिसाल हैं
अवधेश कुमार - 2013-03-09 11:56 UTC
उत्तरपूर्व को भारत का स्वर्ग मानने की चाहे जितनी कहावतें हमारे जेहन में भरीं गईं हों, वहां की आम राजनीतिक गतिविधियां मीडिया में वैसी सुर्खियां नहीं पातीं जिनकी वे हकदार हैं। आप देख लीजिए, तीन प्रमुख राज्यों त्रिपुरा, नागालैंड एवं मेघायल में चुनाव प्रक्रिया समाप्त हो गई, पर हमने इसकी वैसी चर्चा नहीं की जैसी आम उत्तर या दक्षिण भारतीय राज्यों के चुनाव की करते हैं।

भाजपा ने मोदी की लगभग ताजपोशी कर ही दी

क्या राजग के घटक उन्हें स्वीकार कर लेंगे?
कल्याणी शंकर - 2013-03-08 14:03 UTC
आगामी लोकसभा चुनाव के लिए मीडिया ने नरेन्द्र मोदी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठनबंधन का प्रधानमंत्री उम्मीदवार लगभग बना ही दिया है। श्री मोदी ने भी प्रधानमंत्री बनने की अपनी महत्वाकांक्षा को नहीं छिपाया और बिना साफ शब्दों में कहे ही लोगों को बता दिया कि राजग की ओर से प्रधानमंत्री के एकमात्र उम्मीदवार वे ही हैं। पिछले सप्ताह भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया।

त्रिपुरा चुनाव के नतीजे

वाम मोर्चा की लगातार पांचवीं जीत
बरुण दास गुप्ता - 2013-03-07 17:04 UTC
कोलकाताः हार की सभी भविष्यवाणियों को गलत साबित करते हुए सीपीएम ने त्रिपुरा चुनाव में फिर एक बार शानदार जीत हासिल की। यह उसकी लगातार पांचवीं जीत है। कांग्रेस हार से स्तब्ध है। उसने अपनी जीत तय मान रखी थी। उसे लग रहा था कि वामदलों का अंतिम गढ़ वह फतह कर डालेगी। जब मतगणना के शुरुआती रुझान सामने आ रहे थे और सीपीएम आगे चल रही थी, उस समय भी कांग्रेस के नेता यह कह रहे थे कि गिनती समाप्त होते होते पासा उसके हाथ मे आ जाएगा। वे किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे, पर कोई चमत्कार हुआ नहीं। मुख्यमंत्री माणिक सरकार शांत होकर सबकुछ देख रहे थे। उन्हें अपनी जीत पर पूरा भरोसा था, क्योंकि वे यह मान रहे थे कि लोग उनके साथ हैं। अंत में उनके भरोसे और विश्वास की ही जीत हुई।

कुंडा कांड से उठते सवाल

सांप्रदायिक नजरिए से डीएसपी की मौत को क्यों देखें?
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-03-06 13:08 UTC
उत्तर प्रदेश के कुंडा की घटना जिसमें एक डीएसपी की हत्या हुई और जिसके बाद राजा भैया को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, कोई अभूतपूर्व घटना नहीं है। देश की सबसे अधिक आबादी वाला प्रदेश अरसे से आपराधिकरण, भ्रष्टाचार, जातिवादी और सांप्रदायिक राजनीति का शिकार हो गया है और उस स्थिति से निकलने का फिलहाल कोई संकेत भी नहीं मिल रहा है। डीएसपी की हत्या और उसके बाद की घटनाओं में सबकुछ यानी जातिवाद, सांप्रायिकता, अपराधीकरण और भ्रष्टाचार एक साथ दिखाई पड़ रहे हैं।

मोगा उपचुनाव में अकाली दल की जीत

दलबदल की राजनीति अभी भी पंजाब में हावी है
बी के चम - 2013-03-05 17:17 UTC
चंडीगढ़ः कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनमें राजनीति को ही बदल देने की क्षमता होती है। कुछ घटनाएं लोगों के बदलते मूड को दिखाती हैं। मोगा विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव के नतीजे कुछ इसी तरह की एक घटना है।

आम बजट ने भी केरल को निराश किया

चिदंबरम ने बंसल का अनुकरण किया
पी श्रीकुमारन - 2013-03-04 13:28 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल के लिए यह दोहरा झटका है। पहले रेल बजट ने केरल को निराश किया था। उसके बाद आम बजट ने भी उसकी रही सही आशाओं पर पानी फेर दिया।