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बनारस से कांग्रेस का चुनाव अभियान शुरू

आगरा में सपा करेगी अपनी रणनीति का खुलासा
प्रदीप कपूर - 2011-06-01 10:14
लखनऊः भट्टा पारसौल में राहूल गांधी की यात्रा की सफलता से उत्साहित होकर काग्रेस ने भारी पैमाने पर मायावती सरकार के खिलाफ मिशन 2012 को सफल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

केरल में यूडीएफ सरकार संकट में

सहयोगी दलों ने कांग्रेस के सामने खड़ी की मुश्किलें
पी श्रीकुमारन - 2011-05-31 10:00
तिरुअनंतपुरमः केरल की चांडी सरकार के गठन को अभी दो सप्ताह ही हुए हैं, लेकिन इसके सामले संकट का साया मंडराने लगा है। सरकार के पास मात्र दो विधायकों का ही बहुमत है, वैसी हालत में इसकी स्थिरता पर पहले दिन से ही सवाल खड़ा हो गया है। आशा के अनुरूप छोटे दलों ने अपनी मांग बढ़ानी शुरू कर दी है।

किसान को बचाएं कि बचाएं उद्योग को

राजकिशोर - 2011-05-31 09:45
समाचारपत्रों में प्रकाशित खबरों से लगता है कि किसान बगावत पर उतारू हैं। वे देश के औद्योगिक विकास के लिए अपनी जमीन देना नहीं चाहते। यह औद्योगिक नजरिया है, जो सरकारी नजरिए के साथ मिल कर सहज ही राष्ट्रीय नजरिया बन जाता है। राष्ट्रीय नजरिया यानी उनका नजरिया जो इस समय राष्ट्र का संचालन कर रहे हैं। इन्हीं लोगों में वह मध्य वर्ग भी है, जो अपना भविष्य भारी पूंजी के औद्योगिक विकास में देखता है।

सुषमा स्वराज का जेटली पर हमला

बयानबाजी बंद हुई पर शीतयुद्ध जारी है
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-05-30 09:38
भारतीय जनता पार्टी में उत्तराधिकार का सवाल अभी तक फैसला नहीं हो सका है और यही कारण है कि इसकी लड़ाई अभी तक जारी है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज द्वारा राज्य सभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली पर खुला हमला इसी लड़ाई का एक हिस्सा है। यह लड़ाई 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लड़ी जा रही है। अब तक तो यह चुपचाप लड़ी जा रही थी और दूसरी पंक्ति के नेता एक दूसरे को पीछे धकेलने की कोशिश शीतयुद्ध की कूटनीति के अनुसार कर रहे थे। इस शीतयुद्ध में सुषमा स्वराज पिछड़ रही थी, इसलिए उन्होंने खुलकर हमला बोल दिया। जो लड़ाई पर्दे के पीछे लड़ी जा रही थी वह अब सबके सामने आ गई है।

भारत को प्रतिस्पर्धा चाहिए

मुक्त व्यापार विकास के लिए आवश्यक
अप्राकृता शंकर नारायण - 2011-05-28 11:07
एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं और उनके कारण बाजार का विश्वास डगमगा रहा है। बाजार का ही नहीं, बल्कि बाजार में भी लोगों का विश्वास डगमगा रहा है। इनके कारण देश के संसाधनों की भारी बर्बादी होती है। मुंबई जैसे महानगर में जहां गरीबों के लिए स्कूल और अस्पतालों की भारी कमी है, सरकारी जमीन भ्रष्ट लोगों के द्वारा हड़प् ली जाती है। आदर्श सोसाइटी घोटाला इसका एक उदाहरण है। क्या हम एक ऐसा समाज नहीं बना सकते, जो भ्रष्टाचार से मुक्त हो और जहां तेजी से लोगों को न्याय मिलता हो?

मनमोहन सरकार के लिए खतरे की घंटी

तीसरा साल बहुत ही नाजुक होगा
कल्याणी शंकर - 2011-05-28 11:04
जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार के पहले कार्यकाल का पहला साल परा किया था, तो उन्होंने अपनी सरकार को अपनी उपलब्धियों के लिए 10 में से 6 अंक दिए थे। दूसरे कार्यकाल का दूसरा साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री अब कितना अंक देना चाहेंगे? क्या वे अपनी सरकार को 5 अंक देंगे अथवा 4 ही, क्योंकि पिछले एक साल से उनकी सरकार के ऊपर भ्रष्टाचार के एक से एक आरोप लग रहे हैं। उन्हें यह मानने में कोई एतराज नहीं होगा कि उनके सरकार का पहला कार्यकाल दूसरे कार्यकाल से काफी बेहतर था। दूसरा कार्यकाल तो अनेक मोर्चे पर विफल रहा है।

बेटी कणिमोझी जेल में: अब क्या करेंगे करुणानिधि

उपेन्द्र प्रसाद - 2011-05-26 09:40
डीएमके के नेता करुणानिधि के लिए यह संकट का समय है। तमिलनाडु मे उनकी सत्ता चली गई है और उनकी सांसद बेटी कणिमोझी जेल में है। अपनी बटी से मिलने वे दिल्ली तिहाड़ जेल आए और मिलकर चले गए। जिस समय वे दिल्ली में अपनी बेटी से मिल रहे थे, उसके कुछ घंटे पहले ही मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार अपने दूसरे कार्यकाल की दूसरी साल गिरह का जश्न मना रही थी। करुणानिधि की पार्टी डीएमके भी यूपीए की एक पार्टनर है। उसके पास लोकसभा मंे 18 सांसद है, जिनका समर्थन मनमोहन सिंह सरकार की स्थिरता के लिए बहुत आवश्यक है। कणिमोझी के जेल में रहने से व्यथित करुणानिधि क्या अपनी पार्टी को यूपीए से अलग कर लेंगे? यह सवाल आज आ खड़ा हुआ है।

भट्टा पारसौल कांड पर मायावती का पलटवार

केंद्र की भूमि अधिग्रहण कानून न बदलने के लिए आलोचना
प्रदीप कपूर - 2011-05-25 11:06
लखनऊः मुख्यमंत्री मायावती और उनकी बहुजन समाज पार्टी भट्टा पारसौल घटना के बाद राहुल गांधी और उनकी पार्टी द्वारा पेश की गई चुनौतियों का सामना करने की तैयारी में जुट गई हैं। ऊपर से देखन पर लगाता है कि मायावती को राहुल गाँधी और उनकी पार्टी की कोई परवाह नहीं है, लेकिन अंदर ही अंदर वे इस बात को समझती है कि यदि उन्होंने राहुल को गंभीरता से नहीं लिया तो वे उनके वोट बैंक को तोड़ सकते हैं।

घोटाले के साए में दूसरी यूपीए सरकार की दूसरी सालगिरह

प्रधानमंत्री द्वारा अपनी शक्ति का इस्तेमाल नहीं करने से सरकार की छवि प्रभावित
अमूल्य गांगुली - 2011-05-25 10:26
केन्द्र की मनमोहन सिंह सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल की दूसरी सालगिरह मनाई। कहने को ता यह दो साल पूरा होने का उत्सव था, लेकिन यह एक बेहद ही उदासी का दिन था। उत्सव मनाने के लिए सरकार के पास कुछ भी नहीं था। पिछला एक साल लगातार सरकार की विफलता का साल रहा है। एक के बाद एक घोटाले की ,खबरें आती रहीं और केन्द्र सरकार ने उन खबरों पर अपनी जो प्रतिक्रेयाएं दिखाईं, उनके कारण उसकी छवि खराब ही हुई है। इसके लिए यदि कोई जिम्मेदार है, तो वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा किसी तरह सरकार बनाए रखने की चाह है।

काग्रेस में भारी गुटबाजी

सहयोगी दलों ने भी कर रखा है नाक में दम
पी श्रीकुमारन - 2011-05-24 12:17
तिरुअनंतपुरमः केरल में सत्ता में आने के बाद भी कांग्रेस जबर्दस्त गुटबाजी की शिकार बनी हुई है। सहयोगी दल भी उसकी परेशानी का सबब बने हुए हैं। मंत्रिमंडल के गठन के पहले जो गतिविधियां चल रही थीं, उन्हें देखकर तो यही कहा जा सकता है।