Skip to main content

View Articles

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों में तालमेल नहीं

बजट सत्र में यूपीए का खराब रंग उभरा
कल्याणी शंकर - 2010-05-07 10:55 UTC
बजट के वर्तमान सत्र में यूपीए का बदरंग चेहरा दिखाई पड़ा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच समय समय पर मतभेद उभर कर सामने आ रहे हैं। आइपीएल घोटाला, संचार घोटाला व फोन टेपिंग मामलों पर मनमोहन सिंह सरकार की भारी फजीहत हुई है और इसके कारण सरकार की छवि खराब हुई है।

ब्रह्मपुत्र नदी पर चीनी बांध

असम पर पड़ेगा खराब असर
बरुण दास गुप्ता - 2010-05-07 10:49 UTC
कोलकाताः चीन ने आखिरकार स्वीकार कर लिया है कि वह यारलंग त्सांगपो, जिसे भारत में ब्रह्मपुत्र के नाम से जाना जाता है, पर बांध बना रहा है। वह बांध जल विद्युत परियोजना के तहत बनाया जा रहा है।

कांग्रेस तृणमूल के तकरार से वाममोर्चा को फायदा

कांग्रेस पार्टी हासिए पर चली जाएगी
अमूल्य गांगुली - 2010-05-07 10:45 UTC
पश्चिम बंगाल में शहरी निकायों के चुनावों में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच गठबंधन के विफल हो जाने का फयदा वाम पार्टियों को हागा। अगले 30 मई को राज्य के 81 शहरी निकायो का चुनाव होने वाला है और उसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण चुनाव है कोलकाता नगर निगम का। जिस तरह से वामपंथी पार्टियों की लोकप्रियता गिरती जा रही है, उसे देखते हुए यही कहा जा सकता है कि यदि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच गठबंधन हुआ, तो वाम मोर्चा का सभी शहरों और महानगरों में सूफड़ा साफ हो जाएगा।

विधानसभा के सत्र आहूत करने पर विवाद

मंत्रियों के भ्रष्टाचार के मसले पर सरकार परेशान
एल एस हरदेनिया - 2010-05-07 10:41 UTC
भोपालः मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विधानसभा के विशेष सत्र बुलाने का निर्णय विवादों के भंवर में फंस गया है। उन्होंने अगले 11 मई से 4 दिनों का एक विशेष सत्र आहूत किया है। पहले भी विशेष सत्र बुलाए जाते रहे हैं, पर वे अक्सर एक दिन के ही हुआ करते थे। पर इसबार 4 दिनों के लिए यह सत्र बुलाया जा रहा है। सत्र का उद्देश्य विकास कार्यों के लिए नीति तैयार करना है और उसकी राणनीति का भी निर्धारण करना है।

झारखंड में सोरेन की कुर्सी सलामत

नेता नहीं चुन पाई भाजपा
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-05-03 09:35 UTC
झारखंड में शीबू सोरेन की कुर्सी पर आया खतरा समाप्त हो गया है। उनके द्वारा मनमोहन सरकार के पक्ष में मतदान करने के बाद बिना ज्यादा समय गंवाये भाजपा ने समर्थन वापसी का जो फैसला लिया था, वह उस पर ही भारी हो गया। श्री सोरेन ने राजनैतिक चतुराई दिखाते हुए ऐसा दाव खेला कि भाजपा के रणनीतिकार चारो खाने चित्त हो गए और अंत में उन्हें भी यथास्थिति स्वीकार करने में ही अपनी भलाई दिखाई दी।

शिबू सोरेन के बाद झामुमो

आसान नहीं है वंशवाद को बढ़ाना
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-05-01 10:56 UTC
झारखंड की राजनीति में वर्तमान अस्थिरता का एक कारण झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता द्वारा अपने पुत्र हेमंत शोरेन को अपना राजनैतिक उत्तराघिकार देना है। हेमंत भी उत्तराधिकार पाने में जल्दबाजी दिखा रहे हैं। उनके लिए आदर्श स्थिति तो यह होती कि वे खुद मुख्यमंत्री बनते, लेकिन उनकी पार्टी को बहुमत नहीं हासिल है और भाजपा की सहमति के बिना वे मुख्यमंत्री बन ही नहीं सकते थे। उनकी समस्या यह है कि पार्टी के अंदर के अनेक नेता उन्हें अपना नेता मानने को तैयार नहीं हैं।

बजट और आम आदमी

वेद प्रकाश अरोड़ा - 2010-04-30 10:27 UTC
बजट सरकार की आमदनी और खर्चों का बहीखाता ही नहीं होता, वह सरकार की आर्थिक नीतियों, सुधारों और राहों के कांटों-कठिनाइयों को हटाकर सुखद समाधान प्रस्तुत करने की दूर दृष्टि और भावी नीतियां तथा कार्यक्रम भी अपने दामन में लिए रहता है। कह सकते हैं कि वह विगत कल की उपलब्धियों, कमियों, वर्तमान की चुनौतियों और आगत कल के सुनहरी सपनों-संकल्पनाओं को आकार देने के प्रयासों का दर्पण भी होता है। इसमें कोई सन्देह नहीं कि 2009-2010 का वित्तीय वर्ष भारत की तेज उभरती अर्थव्यवस्था के लिए विकट चुनौतियों का वर्ष रहा। ये चुनौतियां इसलिए अधिक गंभीर थी क्योंकि सारा विश्व भयंकर वित्तीय संकट के भंवर में फंसा हुआ था। लगभग सभी महाद्वीप अमरीका से पसरी घोरमंदी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से उत्पन्न महंगाई की मार झेल रहे थे। ई दंश से दो-चार होना पड़ रहा था। परिणाम यह हुआ कि तीन वर्षों की लगातार नौ-प्रतिशत की औसत विकास दर के बाद 2008-09 में यह घटकर 6.7 प्रतिशत रह गई।

37,916 करोड़ रूपए की महाराष्ट्र की वार्षिक योजना 2010-11 को मंजूरी

विशेष संवाददाता - 2010-04-30 10:18 UTC
नयी दिल्ली: महाराष्ट्र की वार्षिक योजना 2010-11 को आज यहां योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री मोंटेक सिंह अहलूवालिया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री अशोक चव्हाण की बैठक में मंजूरी दी गई। राज्य की सालाना योजना कुल 37,916 करोड़ रूपए की है।

कांग्रेस, एनसीपी और आइपीएल विवाद

दोनो दलों ने समझ से काम लिया
कल्याणी शंकर - 2010-04-30 10:01 UTC
आइपीएल विवाद के बीच कांग्रेस और एनसीपी के संबंधों में तल्खी आ गई थी और लगने लगा था कि इस विवाद के कारण दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते कुछ ज्यादा ही खराब हो जाएंगे। लेकिन दोनो पार्टियों के नेताओं ने समझ दिखाई और विवाद कोई अप्रिय आयाम नहीं ले सका। शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल दोनो सरकार में सुरक्षित हैं और मनमोहन सिंह की सरकार भी सुरक्षित है।

झारखंड: संकट में सोरेन सरकार

उपेन्द्र प्रसाद - 2010-04-29 09:56 UTC
शीबू सोरेन की सरकार संकट में है। तीसरी बार मुख्यमंत्री बने श्री सोरेन ने दावा किया था कि वे इस बार 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, पर 4 महीने मे ही उसकी सरकार गिरती नजर बा रही है। हांलांकि इसके लिए इसबार वे खुद ही जिम्मेदार हैं। भारतीय जनता पार्टी के साथ राज्य में सत्ता की भागीदारी करते करते उन्होंने केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार का समर्थन कर डाला। यह नैतिक ही नहीं, बल्कि राजनैतिक रूप से भी गलत है।