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एक दिन का तमिलनाडु बंद

डीएमके का राजनैतिक खेल
एस सेतुरमन - 2016-09-18 02:17 UTC
पिछले विधानसभा चुनाव में हारने के बाद डीएमके के नेता करुणानिधि और उनके बेटे स्टालिन इतने हताश हो गए हैं कि अब उनका सिर्फ एक ही काम रह गया है और वह है किसी भी तरह मुख्यमंत्री जयललिता को परेशान करना।

ओवैसी का बिहार चुनाव पर कोई असर नहीं

तारिक बिगाड़ सकते हैं नीतीश का खेल
उपेन्द्र प्रसाद - 2016-09-16 18:33 UTC
हैदराबाद से राजनीति करते करते एमआइएम के नेता ओवैसी बिहार पहुंच गए हैं और वहां के मुस्लिम बहुत सीमांचल से उम्मीदवार खड़ा करने की घोषणा भी कर चुके हैं। उनके बिहार में अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारने की घोषणा से राजनैतिक दल उतने उत्तेजित नहीं हैं, जितने उत्तेजित टीवी मीडिया के पत्रकार और समीक्षक लग रहे हैं। राजनैतिक दल जमीनी हकीकत को बेहतर तरीके से समझते हैं और उन्हें पता है कि हैदराबाद से बिहार आकर मुस्लिम साम्प्रदायिकता की राजनीति करने वाला कोई व्यक्ति सफल नहीं हो सकता।

शहाबुद्दीन पर घमसान: सीमित हैं लालू के विकल्प

उपेन्द्र प्रसाद - 2016-09-15 18:23 UTC
सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के जेल से बाहर निकलते ही बिहार की नीतीश सरकार की उलझनें बढ़ गई हैं। शहाबुद्दीन पर अनेक मुकदमे चल रहे हैं। दो मुकदमों मंे तो निचली अदालतो से उन्हें सजा भी सुनाई जा चुकी है और उन्होंने सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील कर रखी है। वे पिछले 11 सालों से जेल में थे और एक एक कर उन्हें जमानत मिलती जा रही थी। एक को छोड़कर अन्य सभी मुकदमों में वे पहले ही जमानत पा चुके थे, लेकिन जमानत के उन फैसलों पर कभी भी किसी ने हंगामा नहीं किया, क्योंकि जमानत मिलने के बाद भी उन्हें जेल में ही रहना था।

मणिपुर में अपने को बेगाना पा रही हैं पहाड़ी जनजातियां

केन्द्र को मैदानी भागों से उनका तालमेल बैठाना चाहिए
बरुण दास गुप्ता - 2016-09-15 18:18 UTC
पूर्वाेत्तर राज्यो को आमतौर पर सात बहनें कहा जाता है। ऐसा कहकर यह साबित करने की कोशिश की जाती है कि इन सातों राज्यों में आपस मे सामंजस्य है। ये सात राज्य हैं- असम, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नगालैं, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा। लेकिन सामंजस्य की बात कहना पूरी तरह से गलत है। प्रत्येक राज्य दूसरे राज्य से सांस्कृतिक रूप से अलग है। सांस्कृतिक रूप से ही नहीं, बल्कि उनकी भाषा और आबादी की संरचना भी अलग अलग है। सामाजिक व्यवस्था भी अलग है और राजनैतिक परिस्थितियां भी भिन्न भिन्न हैं। सभी राज्यों के आर्थिक विकास का स्तर भी अलग अलग है। सच कहा जाय, तो एक राज्य के अंदर भी बहुत सारी विषमताएं हैं।

उत्तर प्रदेश में राहुल का अभियान

कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओ मे उत्साह
प्रदीप कपूर - 2016-09-14 08:15 UTC
लखनऊः राहुल गांधी द्वारा लोगों से बातचीत करने की शैली में भाषण देना और प्रशांत किशोर की रणनीति का करने लगी है और कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ता का उत्साह बढ़ता जा रहा है।

जेएनयू की हार के बाद भाजपा को आत्ममंथन करना चाहिए

उपेन्द्र प्रसाद - 2016-09-13 05:59 UTC
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की जीत के जश्न के बीच ही भारतीय जनता पार्टी को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय मे शर्मनाक हार की खबर सुनने को मिली। भाजपा अध्यक्ष दिल्ली विश्वविद्यालय की जीत को राष्ट्रवाद की जीत बता रहे थे, तो क्या वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अपनी पार्टी की छात्र शाखा की हार को राष्ट्रवाद की हार बताएंगे?
भारतः केरल

भ्रष्टाचार विरोधी अभियान ने जोर पकड़ा

छापों ने कांग्रेस की दरारें बढ़ाईं
पी श्रीकुमारन - 2016-09-10 17:42 UTC
तिरुअनंतपुरमः एलडीएफ सरकार ने भ्रष्टचार विरोधी अभियान तेज कर दिया है और उसके तेज होते ही विपक्षी यूडीएफ में चिंता बढ़ती जा रही है।

कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच तनाव

केन्द्र को कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड बनाना चाहिए
कल्याणी शंकर - 2016-09-09 18:15 UTC
कावेरी जल बंटवारे का विवाद एक बार फिर तेज हुआ है। जब जब कम वर्षा होती है और पानी की कमी महसूस की जाती है, तो इस तरह का विवाद तेज हो जाता है। यह विवाद तो वैसे चार राज्यों से संबंधित है, लेकिन मुख्य रूप से कर्नाटक और तमिलनाडु एक दूसरे से भिड़े दिखाई देते हैं। विवाद से संबंध रखने वाले दो अन्य राज्य केरल और पुदुच्चेरी है।

समूह-20 शिखर सम्मेलन: कोई ठोस योजना उभर कर सामने नहीं आई

सुब्रत मजूमदार - 2016-09-09 06:47 UTC
हांगझाउ में समूह-20 के देशों का शिखर सम्मेलन संपन्न हो गया, लेकिन इसके नतीजे निराशाजनक हैं। इस समूह की स्थापना दुनिया के दो वित्तीय संकट के बाद हुई थी। जाहिर है, वित्तीय और आर्थिक संकटों से उबरने के लिए इसका गठन किया गया। पहला संकट 1997 का करेंसी संकट था और दूसरा संकट लेहमान को 2008 में लगा झटका था, जिसके कारण पूरी दुनिया में ही आर्थिक संकट शुरू हो गया था। उसके बाद ही समूह-20 अस्तित्व में आया।

सिंगूर पर सुप्रीम कोर्ट आदेश

इसने भानुमति का पिटारा खोल दिया है
आशीष बिश्वास - 2016-09-07 10:03 UTC
लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के सिंगूर पर फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस और उसकी सरकार समय से पहले ही उत्सव के मूड में आ गई है।