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दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल का जलवा

पहली बार हो रहा है त्रिकोणात्मक संघर्ष
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-10-20 18:21 UTC
दिल्ली की राजनीति शुरू से ही दो ध्रुवीय रही है। यहां मुकाबला कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच ही होता रहा है। 1993 के विधानसभा चुनाव में जनता दल ने तब मुकाबले को तितरफा बनाने की कोशिश जरूर की थी। उस समय उसके नेता विश्वनाथ प्रताप सिंह अपनी जनसभाओं में सबसे ज्यादा भीड़ जुटा रहे थे। बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और रामविलास पासवान की सभाएं भी बड़ी बड़ी हुआ करती थीं, लेकिन तब जनता दल का मात्र 4 सीटें मिली थीं, हालांकि उसे 10 फीसदी से ज्यादा वोट आए थे। जाहिर है, मुकाबला दोतरफा ही रहा था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई थी।

आपदा प्रबंधन की चुनौतियां

तूफान से बचे और भगदड़ में फंसे
कल्याणी शंकर - 2013-10-18 11:33 UTC
पिछले सप्ताह हमने दो आपदाओं का सामना किया। पहला था फेलिन तूफान, जिसके कारण उड़ीसा खतरे में पड़ गया था और दूसरी आपदा थी मध्यप्रदेश के दतिया जिले की भगदड़, जिसमें 100 से भी ज्यादा लोगों की जान गई। एक प्राकृतिक आपदा थी, तो दूसरा लोगों द्वारा बनाई गई थी। पहली आपदा का तो सफलता पूर्वक सामना कर लिया गया और बहुत हद तक उसके कुप्रभावों से लोगों का बचाया भी जा सका, लेकिन दूसरी आपदा ने हमें हिलाकर रख दिया।

केरल के मजदूर संगठनों की जीत

ब्रह्मोस भी ट्रेड यूनियान एक्ट के दायरे में
पी श्रीकुमारन - 2013-10-18 10:19 UTC
तिरुअनंतपुरमः आठ अक्टूबर का दिन केरल के मजदूर संगठनों के इतिहास में एक यादगार दिन के रूप में दर्ज हो गया है। इस दिन केरल के मजदूर संगठनों ने एक भारी विजय हासिल की। उस दिन केरल हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस निर्णय को निरस्त कर दिया, जिसके तहत ब्रह्मोस एयरोस्पेस तिरुअनंतपुरम लिमिटेड (बाल्ट) को केरल रजिस्ट्रेशन आॅफ ट्रेड यूनियन एक्ट से बाहर कर दिया था।

लोकसभा चुनाव मोदी बनाम राहुल की ओर बढ़ रहा है

कांग्रेस उपाध्यक्ष में एक नया आत्मविश्वास जगा हैं
अमूल्य गांगुली - 2013-10-16 20:39 UTC
हालांकि कांग्रेस शुरू में नहीं चाहती थी कि अगला लोकसभा चुनाव मोदी बनाम राहुल की तर्ज पर लड़ा जाय, लेकिन अब यह एक वास्वविकता बनने जा रही है। यह स्पष्ट नहीं है कि राहुल को मोदी के सामने उतारने से कांग्रेस क्यों झिझक रही थी, लेकिन राहुल ने जिस तरह का रवैया अपनाया है, उससे साफ हो गया है कि औपचारिक रूप से कंाग्रेस की ओर से घोषणा किए बिना भी अब राहुल मोदी के खिलाफ मैदान मे कूद चुके हैं।

चुनाव के पहले बढ़ती शिवराज की मुश्किलें

दतिया की भगदड़ और घोटालों से भाजपा परेशानी में
एल एस हरदेनिया - 2013-10-16 05:53 UTC
भोपालः एक के बाद एक घोटाले सामने आने के बाद दतिया में पिछले रविवार को मची भगदड़ ने शिवराज सिंह की मुश्किलें बढ़ा दी है। इसमें 100 सम भी ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और इसके लिए मुख्यमंत्री की प्रशासन क्षमता को जिम्मेदार बताया जा रहा है। कांग्रेसी नेता तो इसके लिए शिवराज सिंह चैहान का इस्तीफा भी मांग रहे हैं।

उत्तर प्रदेश चुनावी मूड में: रैलियों और यात्राओं का दौर शुरू

प्रदीप कपूर - 2013-10-16 05:46 UTC
लखनऊः पार्टियों ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए उत्तर प्रदेश में अपने अभियान शुरू कर दिए हैं। रैलियों, सभाओं और रथयात्राओं को दौर शुरू हो गया है।

केरल की राजनीति पर एक बार फिर सोलर छाया

मुख्यमंत्री से जांच टीम ने की पूछताछ
पी श्रीकुमारन - 2013-10-12 13:04 UTC
तिरूअनंतपुरमः पिछले कुछ समय से सोलर पैनल घोटाले की छाया केरल की राजनीति पर पड़ रही है। यह बार फिर यह प्रदेश की राजनीति के केन्द्र में उस समय आ गई, जब विशेष जांच टीम ने प्रदेश के मुख्यमंत्री चांडी से इस मसले पर पूछताछ की।

आंध्र जल रहा है, नेता मजे कर रहे हैं

तेलंगाना समस्या का अंत नजदीक नहीं
कल्याणी शंकर - 2013-10-12 12:54 UTC
आंध्र प्रदेश के वर्तमान संकट को देखकर तो यही कहा जा सकता है कि यहां का राजनैतिक वर्ग बुरी तरह विफल हो गया है। सभी नेता वोट बैंक की राजनीति करने मे व्यस्त हैं और वे लोगों के कष्टों को देख नहीं पा रहे हैं। केन्द्र सरकार और कांग्रेस पार्टी इस आरोप से बच नहीं सकती कि वर्तमान संकट उनके कारण ही पैदा हुआ है। यदि वे यह मान लेते कि वे आंध्र में आग से खेल रहे हैं, तो तेलंगाना के मसले पर इस तरह का गैर जिम्मेदाराना रवैया नहीं अपनाते। श्री कृष्ण आयोग ने अपनी रिपोर्ट जारी करते हुए 6 विकल्प दिए थे, लेकिन निर्णय करते समय केन्द्र सरकार ने इस भावनात्कम मसले को गंभीरता से नहीं लिया।

घोटाले के आरोपों से घिरे नीतीश

बिहार की राजनीति में अनिश्चय का दौर
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-10-10 16:24 UTC
लालू यादव के चारा घोटाले में सजा पाने के बाद नीतीश खेमे में जो जश्न का माहौल होना चाहिए था, वह गायब था। लालू के पतन के बाद सीधा फायदा नीतीश और उनकी पार्टी को ही होना था, क्योंकि लालू के मुस्लिम जनाधार के पास नीतीश के पाले में जाने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं था। नरेन्द्र मोदी का विरोध कर कर के नीतीश और उनके दल के लोगांे ने मुसलमानों का विश्वास भी हासिल कर लिया था। नरेन्द्र मोदी का विरोध करते करते भाजपा से ही अलग हो जाने के नीतीश के फैसले की मुस्लिम समुदाय में वाहवाही हो रही थी, हालंाकि वे इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि वे अपना मत नीतीश के दल को ही देंगे। महाराजगंज लोकसभा उपचुनाव में मुसलमानों ने लालू के उम्मीदवार प्रभुनाथ सिंह का ही समर्थन किया था। उनकी पसंद स्पष्ट थी। वे नीतीश के प्रशंसक थे, लेकिन मतदाता लालू के थे।

राहुल का विद्रोह: क्या निशाने पर सोनिया थी ?

अमूल्य गांगुली - 2013-10-09 16:43 UTC
मनमोहन सिंह की प्रतिष्ठा बहुत ही नीचे गिर गई है। एक समय उन्हें बहुत ईमानदार माना जाता था और उनकी इस छवि 2009 में कांग्रेस की जीत का एक बड़ा कारण थी। लेकिन उनकी प्रतिष्ठा राष्ट्रमंडल खेलों के घोटाले से जो गिरनी शुरू हुई कि उसने फिर रुकने का नाम ही नहीं लिया। कोयला घोटाला आते आते तो मनमोहन सिंह की छवि इतनी खराब हो गई है कि उससे और ज्यादा शायद हो ही नहीं सकती। इसलिए यह कहना गलत है कि राहुल गांधी सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों को बचाने के लिए लाए जा रहे अध्यादेश के खिलाफ विद्रोह का बिगुल बजा रहे थे, उस समय उन्होंने जो कहा उसके मुख्य निशोने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे।
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