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सोशल नेटवर्किंग से सोशल बनते सितारे

वर्तिका - 2010-07-14 10:09 UTC
भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी और गला काट प्रतियोगिता और कॅरियर संबंधी व्यस्तताओं के कारण लोगों की घट रही सामाजिकता को फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों के जरिये एक नयी जिंदगी मिली है। आम लोगों के बाद अब सिनेमा, राजनीति, खेल और अन्य क्षेत्रों की हस्तियां भी सोशल नेटवर्किंग साइटों के जरिये आम लोगों और अपने प्रशंसकों से जुड़ रही है। इन हस्तियों के इन साइटों से जुड़ने से इन साइटों के प्रति लोगों का क्रेज भी बढ़ गया है।

महिलाओं को अधिक होती है ग्रोथ हार्मोनों की कमी

विशेष संवाददाता - 2010-07-12 12:45 UTC
अपने शिशु को स्तनपान नहीं कराने वाली महिलाओं को शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हार्मोनों की कमी अर्थात एडल्ट ग्रोथ हार्मोन डिफिशिएंसी (ए जी एच डी) से पीड़ित होने की आशंका अधिक होती है। यह आशंका उन महिलाओं को भी अधिक होती है जिन्हें मासिक धर्म के समय अधिक रक्त स्राव होता है।

कंकाल से बनेगा फेफड़ा

सम्वाददाता - 2010-07-12 12:39 UTC
फेफड़े के असाध्य बीमारियों से ग्रस्त मरीज आने वाले समय में अपने खराब हो चुके फेफड़े के स्थान पर कंकाल से बने फेफड़े का प्रत्यारोपण करा कर नया जीवन पा सकेंगे।

होम्योपैथी से जापानी इनसेफ्लाइटिस वायरस के संक्रमण से बचाव संभव

विशेष संवाददाता - 2010-07-12 07:49 UTC
नई दिल्ली: अभी हाल ही में हुए अध्ययन से पता चला है कि होम्योपैथिक औषधि बेल्लाडोन्ना जापानी इनसेफ्लाइटिस वायरस के संक्रमण से बचाव कर सकती है। यह अध्ययन भारत सरकार के आयुष विभाग के तहत केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के सहयोग से कोलकाता के उष्ण औषधि विद्यालय ने कराया है।
स्वास्थ्य

नश्तर चलाये बगैर स्तन कैंसर का इलाज

विनोद विप्लव - 2010-07-07 11:53 UTC
हर साल हजारों महिलाओं को मौत का ग्रास बनाने वाले स्तन कैंसर की कोशिकाओं को पूरी तरह से नष्ट करने के लिये अक्सर स्तन को काटना पड़ता है या स्तन में चीर-फाड़ करनी पड़ती है लेकिन अब इंडोस्कोपी की मदद से छोटे से चीरे की मदद से ही स्तन कैंसर का इलाज किया जा सकेगा। बनाता है लेकिन के इलाज की क्षेत्र में प्रकेाप में तेजी आ रही है लेकिन स्तन की नयी इंडोस्कोपी सर्जरी से स्तन कैंसर की मरीजों को नया जीवन दान दिया जा सकेगा। सुप्रसिद्ध सर्जन तथा एसोसिएशन आफ सर्जन्स की भारतीय शाखा के अध्यक्ष डा. नरेन्द्र कुमार पाण्डे के अनुसार इंडोस्कोपिक ब्रेस्ट सर्जरी कई देशों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
समाज

आत्महत्या के लिए भी विवश कर देता है चमकती दुनिया का अंधेरा

वर्तिका तोमर - 2010-07-06 09:58 UTC
गुरूदत्त, परबीन बॉबी, नफीसा जोसफ, कुलजीत, टॉम निकॉन और विवेका बाबाजी जैसी लाखों करोड़ों दिलों पर राज करने वाली हस्तियां आखिर खुदकुशी जैसे कदम क्यों उठा लेती हैं। इनके जगमगाते जीवन में आखिर किस तरह का अंधेरा होता है। प्रसिद्धी, ग्लैमर, सुख-सुविधाओं और चमक-दमक के पीछे कैसा शून्य होता है जिसके कारण उन्हें अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लेना ही एकमात्र रास्ता नजर आता है।

दुबली-पतली दिखने की प्रवृत्ति से कैंसर का खतरा

विशेष संवाददाता - 2010-06-26 07:43 UTC
लड़कियों में छरहरेपन की चाहत में दुबली-पतली हो जाने का रास्ता खतरनाक है। 'जीरो साइज' में दिखने के क्रेज तथा खान-पान एवं रहन-सहन की आधुनिक प्रवृतियों के कारण स्तन कैंसर का प्रकोप बढ़ रहा है। फिल्मी अभिनेत्रियों एवं फैशन मॉडलों की देखादेखी लड़कियां दुबली-पतली दिखना चाहती हैं लेकिन कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि लड़कियों में बढ़ रहा यह शौक बाद के दिनों के लिये घातक साबित हो सकता है और उन्हें स्तन कैंसर का शिकार बना सकता है।

ऑनर किलिंग: संवेदना की हत्या

वर्तिका तोमर - 2010-06-25 12:15 UTC
सरकार को अपने पागलखानों को एक बार दोबारा जाँचना और परखना चाहिए। क्या उनमें इतनी क्षमता है कि वे रोज 10-20 परिवारों को दाखिल कर सकें? सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही एक बीमारी अब महामारी बन चुकी है। इस घातक मानसिक बीमारी का लोग तेजी से शिकार हो रहे हैं और समाज के शांति प्रिय वर्ग के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। यह बीमारी जब बेकाबू हो जाती है तो लोग अपने ही बच्चों का कत्ल करने लगते हैं। कुछ विक्षिप्तों का समूह मानवता को अपने गटर में फेंक कर छाती ठोक कर खून करता है। इस कारनामे को ठीक उसी तरह अंजाम दिया जाता है जैसे कट्टी खाने में मुलायम खाल के लिए बछड़े को दौड़ा-दौड़ा कर मरने तक पीटा जाता है, फिर उसकी गर्दन को छुरी से काट दिया जाता है। फिर अपने बच्चों की खाल ओढ़कर समाज के ये विक्षिप्त ठेकेदार अपनी कथित इज्जत बचाते हैं।

अब शीशे के रूप में होगा प्रोटीन

फर्स्ट न्यूज लाइव - 2010-06-25 12:00 UTC
भविष्य में प्रोटीन को शीशे के रूप में संरक्षित रखा जायेगा और जरूरत के अनुसार उससे दवाइयां बनायी जायेंगी। ड्यूक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने प्रोटीन को शीशे के रूप में संरक्षित रखने की तकनीक का इजाद किया है जिससे कैंसर सहित अन्य बीमारियों के इलाज के लिए नयी दवाइयों के विकास की उम्मीद बनी है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इनका इस्तेमाल जैविक दवाओं के रूप में शरीर में सीधे इंजेक्ट करने के लिए किया जा सकेगा।

ओवरटाइम हो सकता है घातक

फर्स्ट न्यूज लाइव - 2010-06-25 11:52 UTC
कर्मचारियों में ओवरटाइम करने की ललक ज्यादा होती है। कई कंपनियां भी कर्मचारियों से ओवर टाइम लेना पंसद करती हैं लेकिन नये वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि ओवर टाइम स्वास्थ्य के लिये घातक हो सकता है। ब्रिटिश हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक ताजा अध्ययन के अनुसार रोजाना तीन से चार घंटे तक आवरटाइम काम करने वाले लोगों में दिल की बीमारियों का खतरा 60 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
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