उत्तर प्रदेश का घमसान
कांग्रेस के लाभ में भाजपा का भी लाभ है
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2021-10-18 15:23 UTC
अलग अलग कारणों से उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा की स्थिति खराब हो गई है। कोरोना महामारी के दौरान हुई भारी तबाही ने मोदी के जादू का भूत लोगों के सिर से उतार दिया है और महामारी की दूसरी लहर के दौरान राज्य सरकार की ओर से भारी अव्यवस्था और पहली लहर के दौरान मोदी की केन्द्र सरकार द्वारा यूपी के विस्थापित मजदूरों के साथ किए गए बर्ताव ने भी भाजपा को कमजोर कर दिया है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन ने तो भाजपा की चूल ही हिला डाली है। सार्वजनिक संपत्तियों की मोदी सरकार द्वारा की जा रही अंधाधुंध बिक्री भी उसके खिलाफ जा रही है। पेट्राल-डीजल के दामों में हो रही बेतहाशा वृद्धि का असर भी मतदाताओं के मनोविज्ञान पर पड़ रहा है। ओबीसी भारतीय जनता पार्टी का एक बड़ा वोट बैंक है। भाजपा की जीत का एक बड़ा कारण गैर यादव ओबीसी का मिल रहा उसे विराट समर्थन रहा है। लेकिन जाति जनगणना की मांग ओबीसी की एक बड़ी मांग है, जिसे मोदी सरकार नकार चुकी है। इसके कारण उत्तर प्रदेश में भाजपा के पैरों के नीचे से जमीन खिसकी है।