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भारत

नालंदा विश्वविद्यालय: दो संकायों में शिक्षण कार्य प्रारंभ

एम.वाई. सिद्दीकी - 2015-06-02 15:33 UTC
भविष्य में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में अपनी जगह बनाने वाले नालंदा विश्वविद्यालय, जिसका गठन विदेश मंत्रालय के तत्वावधान में नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम 2010 के तहत हुआ था, अब कार्य करने लगा है। राजगीर (बिहार) में स्थित इस विश्वविद्यालय में ऐतिहासिक अध्ययन केंद्र और पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र में शिक्षण कार्य में प्रारंभ हो गया है। इसके साथ ही हमारे देश में एक ऐसे नए मील का पत्थर सुशोभित हो गया है जो देश को ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय संचालित करने का गौरव प्रदान करता है। यह हमारे लिए वैश्विक स्तर पर अकादमिक क्षेत्र में नई उपलब्धि का सूचक है।
भारत

मोदी के विरोध में राहुल की कसरत

वह बिना किसी तैयारी के लुढ़क हैं
अमूल्य गांगुली - 2015-06-02 15:30 UTC
अमेरिका में एंबुलेंस चेजर एक पद है। एंबुलेंस चेजर बीमा के उन एजेंटों को कहा जाता है, जो बीमार लोगों को बीमा का लाभ दिलाने का वायदा करते हैं और उनके मेडिकल बिल का भुगतान कराने का जिम्मा लेते हैं। लगता है कि राहुल गांधी ने भी अपने ऊपर इसी तरह की कुछ जिम्मेदारी ले रखी है।
भारत

नरेन्द्र मोदी और जाति का सवाल

केन्द्र सरकार का पहला साल
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-06-01 15:26 UTC
नरेन्द्र मोदी की सरकार के एक साल पूरे होने के बाद इस सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करने के क्रम में इस सवाल का जवाब ढूंढ़ना लाजिमी हो जाता है कि समाज की जाति व्यवस्था को इस सरकार ने किस तरह प्रभावित किया है। जाति भारत की हकीकत है। इस पर सार्वजनिक चर्चा करने में भले बौद्धिक वर्ग के अधिकांश लोग परहेज रखते हों, लेकिन जाति सिर्फ शादी विवाह के लिए रिश्ते ढूंढ़ने का सबसे बड़ा मंच ही नहीं है, बल्कि राजनीति को प्रभावित करने वाली शायद आज की सबसे बड़ी संस्था है। जाति व्यवस्था इतनी मजबूत होकर उभरी है कि इसके सामने हमारे देश की दलीय व्यवस्था भी अपना सिर झुका देती है और उम्मीदवारों के चयन से लेकर मंत्री के मनोनयन तक में इसका ध्यान रखा जाता है।
भारत

मोदी सरकार का आर्थिक राजनय

एक बड़ी ताकत के रूप में उभर रहा है भारत
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-05-30 15:18 UTC
यदि नरेन्द्र मोदी सरकार किसी मोर्चे पर सबसे ज्यादा सफल रही है, तो वह आर्थिक राजनय का ही मोर्चा है। सोवियत संघ के पतन के बाद साम्यवादी सोवियत और पूंजीवादी देशों के बीच चल रहा शीतयुद्ध एकाएक समाप्त हो गया और उसी के साथ गुटनिरपेक्ष आंदोलन ने भी दल तोड़ दिया। गुटनिरपेक्ष आंदोलन के नेता के रूप में भारत की दुनिया में एक विशेष पहचान थी, शीतयुद्ध की समाप्ति के साथ उसकी वह पहचान भी समाप्त हो गई थी। जाहिर है भारत अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी भूमिका को सिकुड़ता हुआ देख रहा था, लेकिन आर्थिक विकास दर की वृद्धि और एक बड़े आधुनिक बाजार के रूप में उभरने के साथ साथ भारत अपनी एक नई पहचान पाने के लिए इंतजार कर रहा था।
भारत: दिल्ली

केजरीवाल के सामने बड़ी चुनौतियां

दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना मुश्किल
कल्याणी शंकर - 2015-05-29 16:28 UTC
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच क्या समानता है? अपने इर्द गिर्द व्यक्तिवादी कल्ट विकसित कर दोनों एक से एक सुनहरे वायदे कर सत्ता में आए हैं। दोनों का अपने अपने दलों पर पूर्ण नियंत्रण है। अब दोनों अपने अपने वायदों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दोनों सत्ता को अपने हाथों में केन्द्रित रखने के लिए मशहूर हैं। मोदी ’’अच्छे दिन’’ और केजरीवाल ’’ पांच साल केजरीवाल’’ का नारा लगाकर सत्ता में आए। मोदी सरकार के साल की तुलना केजरीवाल सरकार के 100 दिन से करना उचित नहीं। इसका कारण यह है कि दोनों 5 सालों के लिए चुने गए हैं। इसके बावजूद सच्चाई यह है कि दोनों के बीच तुलनाएं जारी हैं।

केरल प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी तेज

मणि के प्रति चांडी के नरम रुख पर चेनिंथाला गुट नाराज
पी श्रीकुमारन - 2015-05-28 15:35 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल प्रदेश कांग्रेस में गुटों के बीच तनाव तेज हो गया है। इसका कारण मुख्यमंत्री चांडी को वित्तमंत्री के एम मणि के प्रति अपनाया जा रहा नरम रवैया है।
भारत

राजनाथ सिंह की असंवैधानिक अधिसूचना

दिल्ली की जनता ने उपराज्यपाल के लिए आदेशपाल नहीं चुना है
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-05-27 14:52 UTC
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीबजंग के बीच चल रही जंग अब केन्द्र और दिल्ली की प्रदेश सरकार के बीच जंग के रूप में बदल चुकी है। केजरीवाल आरोप लगा रहे थे कि उपराज्यपाल का इस्तेमाल कर असल में केन्द्र सरकार दिल्ली की सरकार पर हावी होने की कोशिश कर रही है। केजरीवाल के आरोप की उस समय पुष्टि हो गई, जब केन्द्र सरकार के गृहमंत्रालय ने एक ऐसी अधिसूचना जारी कर दी, जिसे दिल्ली हाई कोर्ट तक ने संदिग्ध घोषित कर दिया, जबकि वह मामला इस लेख को लिखे जाने तक कोर्ट में पहुंचा ही नहीं है। केन्द्र और दिल्ली सरकार के अधिकार को लेकर एक अलग मामला हाई कोर्ट में पहले से चल रहा था, उसी मामले में कोर्ट ने राजनाथ सिंह द्वारा जारी करवाई गई एक अधिसूचना पर अपनी टिप्पणी दे दी।
भारत: केरल

अच्युतानंदन ने सीपीएम को एक और झटका दिया

पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी के कमजोर नस को दबाया
पी श्रीकुमारन - 2015-05-26 15:18 UTC
तिरुअनंतपुरमः प्रदेश सीपीएम नेतृत्व और वरिष्ठ पार्टी नेता वीएस अच्युतानंदन के बीच का झगड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन दिनों वह कुछ ज्यादा ही तीव्र हो गया है। उन पर हमले हो रहे हैं और वे उन हमलों का करारा जवाब भी दे रहे हैं। अपने ऊपर होने वाले हमले का वह और भी कठोरता से जवाब देते हैं।
भारत: उत्तर प्रदेश

भाजपा फिर हिन्दुत्व की ओर बढ़ सकती है

मोदी मैजिक कम होने से भाजपा नेता चिंतित
प्रदीप कपूर - 2015-05-25 16:48 UTC
लखनऊः क्या भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर हिन्दुत्व के अपने पुराने एजेंडे पर उत्तर प्रदेश में वापस आ रही है? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपनी सरकार के एक साल पूरे होने पर अपनी जनसभा के लिए मथुरा को चुने जाने पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है।
भारत: मध्य प्रदेश

चौहान ने अपनी पकड़ मजबूत की

कल्याण कार्यक्रमों के खर्च में भारी कटौती
एल एस हरदेनिया - 2015-05-24 01:25 UTC
भोपालः नरेन्द्र मोदी सरकार के एक साल के कार्यकाल में मध्यप्रदेश को कितना नुकसान हुआ और कितना लाभ हुआ, इसका मूल्यांकन करना दिलचस्प है। सबसे पहले लाभ को गिनाएं। राजनैतिक प्रशासन की स्थिरता के लिहाज से यह प्रदेश के लिए अच्छा रहा। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भारी जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने स्थानीय निकायों के चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन किया। प्रदेश में 14 नगर निगम हैं और सभी पर भाजपा ने कब्जा कर लिया।