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जयललिता की राजनैतिक महत्वाकांक्षा

तमिलनाडु की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
कल्याणी शंकर - 2014-03-14 12:20 UTC
लोकसभा चुनाव के बाद सरकार के गठन में तमिलनाडु की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। पहले भी तमिलनाडु ने केन्द्र सरकार के गठन में अनेक बार महत्वपूर्ण भूमिका निभार्इ है। 1989 में बनी राष्ट्रीय मोर्चा सरकार में उसकी भागीदारी थी। 1996 में बनी संयुक्त मोर्चे की सरकार के गठन में भी उसकी बहुत बड़ी भूमिका थी। उस समय तो जी के मूपनार को प्रधानमंत्री बनाने के लिए भी सहमति बनने लगी थी। तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं। तमिलभाषी पुदुचेरी में भी लोकसभा की एक सीट है। कुल मिलाकर ये 40 सीटें लोकसभा चुनाव में बाद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

दिल्ली में मुकाबला भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच

कांग्रेस खिसक गर्इ है हाशिए पर
उपेन्द्र प्रसाद - 2014-03-14 02:40 UTC
नर्इ दिल्ली: दिल्ली की 7 सीटों के लिए 10 अप्रैल को मतदान होगा। इस बार दिल्ली के चुनाव इस मायने में अलग होंगे कि पहली बार कांग्रेस मुख्य मुकाबले में नहीं दिखार्इ देगी। कांग्रेस की जगह इस बार आम आदमी पार्टी ने ली है।


आरएसपी ने दिया सीपीएम को झटका

केरल कांग्रेस (मणि) दे रही है कांग्रेस को बेचैनी
पी श्रीकुमारन - 2014-03-13 02:42 UTC
तिरुअनंतपुरम: निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही केरल का राजनैतिक माहौल गर्म हो गया है। सत्तारूढ़ और विपक्षी मोर्चों के घटकों के बीच तनातनी शुरू हो गर्इ है और उसका नतीजा भी सामने आने लगा है।

बीजेपी ने पूछे राहुल से तीखे सवाल

नेहरू - इंदिरा के कार्यकाल में क्यों नहीं दिया गया मौलाना आजाद व पटेल केा भारत रत्न
एस एन वर्मा - 2014-03-11 17:20 UTC
नई दिल्ली। बीजेपी ने आज राहुल गांधी से कई तीखे सवाल किए हैं।ये सवाल राहुल गांधी के उस बयान के बाद पूछे गए हैं जिसमे राहुल ने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या आरएसएस ने की थी।बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस उपाध्यक्ष तथा उनके भाषण केा लिखने वाले केा नसीहत देते हुए कहा कि कुछ बोलने के पहले वे इतिहास का अच्छी तरह अध्ययन कर लें।

चुनावी घोषणा पत्रों में जोर अच्छे प्रशासन पर होना चाहिए

भ्रष्टाचार सुशासन से ही कम हो सकता है
नन्तू बनर्जी - 2014-03-11 14:08 UTC
भ्रष्टाचार इस चुनाव में सबसे बड़ा मुददा है। सभी पार्टियों को इस मुददे पर स्पष्ट होना होगा। यूपीए सरकार का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस भी इस मुददे को नजरअंदाज नहीं कर सकती, हालांकि उसकी सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़े और एक के बाद एक उजागर हो रहे भ्रष्टाचार पर कुछ भी ऐसा नहीं किया, जिससे लोगों को लगता कि वह इसके खिलाफ थोड़ी भी गंभीर है। उसे कांग्रेस को भी अन्य पार्टियों की तरह इस मसले पर खुलकर सामने आना होगा और महज यह कहने से काम नहीं चलेगा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ है। भ्रष्टाचार हमारी अर्थव्यवस्था ही नहीं, बलिक लोकतंत्र के लिए भी खतरा बन गया है और इसके खिलाफ देश में वातावरण भी बन गया है। राजनैतिक पार्टियों को इस बुरार्इ को दूर करने के लिए कृतसंकल्प होना ही पड़ेगा।

लखनऊ में मोदी की फीकी रैली

भाजपा में अंदरूनी कलह जोरों पर
प्रदीप कपूर - 2014-03-11 04:03 UTC
लखनऊ: नरेन्द्र मोदी की लखनऊ में आयोजित दो मार्च की रैली में लोगों की उपसिथति अनुमान से बहुत कम रही। इसके कारण भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं। कम उपसिथति ने भारतीय जनता पार्टी के अंदरूनी कलह का भी पर्दाफाश किया है।

अध्यादेश और राष्ट्रपति: मुखर्जी ने पद की गरिमा की रक्षा की

नन्तू बनर्जी - 2014-03-08 15:44 UTC
केन्द्र सरकार भ्रष्टाचार विरोधी 4 विधेयकों को कानून बनाने के लिए अध्यादेश का रास्ता अखितयार करने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उसकी यह कोशिश विफल हो गर्इ। इसका कारण यह है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन अध्यादेशों को जारी करने से इनकार कर दिया। आमतौर पर राष्ट्रपति ऐसे मामलों में केन्द्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार काम करते हैं।

लोकसभा चुनाव पर लगे हैं बड़े दांव

हो रहा है दो विचारों के बीच मुकाबला
कल्याणी शंकर - 2014-03-08 15:37 UTC
लोकसभा चुनाव अब सिर पर है। इसके साथ साथ ओडीसा, आंध्र प्रदेश और सिक्कम के चुनाव भी होने वाले हैं। चुनाव के बाद किस प्रकार की लोकसभा हमारे सामने होगी? क्या यह 15वीं लोकसभा से बेहतर होगी, या उससे बदतर होगी? क्या यूपीए की फिर से वापसी होगी? क्या मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनेगी या तीसरे मोर्चे की सरकार होगी? इन सवालों का सही सही जवाब अभी नहीं मिल पा रहा है।

मध्यप्रदेश में कृषि आपातकाल

फसलों की भारी अभूतपूर्व बर्बादी
एल एस हरदेनिया - 2014-03-08 15:27 UTC
भोपाल: मध्यप्रदेश इस समय अपने इतिहास के सबसे बडे़ संकट का सामना कर रहा है। सरकारी अनुमान के अनुसार गेहूं, चना और मसूर की खड़ी फसलें 10 हजार से भी ज्यादा गांवों में तबाह हो गर्इ है। यह तबाही पिछले फरवरी महीने की बरसात और तूफान के कारण हुर्इ है। इसके कारण प्रदेश के लाखों किसान बर्बादी का सामना कर रहे हैं। सरकारी आकलन है कि प्रदेश में इसके कारण रबी फसलों के उत्पादन में 50 से 80 फीसदी की गिरावट तक हो सकती है।

राहुल को सच्चार्इ की समझ नहीं

कांग्रेस का नेतृत्व अभी भी असमंजस में
अमूल्य गांगुली - 2014-03-05 11:50 UTC
पराजय के बाद कांग्रेस के ऊपर मंडरा रहे हैं। इसके बावजूद वह गांधी नेहरू की की गलत राजनैतिक समझ के साथ आगे बढ़ रही है। उसे पता होना चाहिए की इस वंश की गलतियों के कारण ही आज वह इस भारी संकट में है। इसके कारण पार्टी के फिर से उबरने की संभावना ही समाप्त हो रही है।