आतंकवाद को बिहार का मुहतोड़ जवाब
धमाकों के बीच रैली का अनूठा कीर्तिमान
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2013-10-28 10:27 UTC
लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री बनने के सबसे प्रबल दावेदार नरेन्द्र मोदी की पटना रैली की बहुत दिनों से प्रतीक्षा की जा रही थी। इसका कारण है कि उनके प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनने का सबसे ज्यादा विरोध और समर्थन बिहार में ही हो रहा था। उनका वह विरोध और समर्थन सियासी स्तर पर हो रहा था। जनता के स्तर पर उनकी क्या लोकप्रियता और किस तरह का विरोध उन्हें देखने को मिलता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई थी। कुछ लोग उम्मीद कर रहे थे कि गोधरा के बाद गुजरात में हुए दंगे का मुद्दा उठाकर कोई समूह उनका पटना में सांकेतिक विरोध बगैरह कर सकता है, लेकिन उनका विरोध हुआ बमों के धमाके से, जो सवा तीन घंटे तक रुक रुक कर होते रहे।