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राहुल को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने की मुहिम स्वाभाविक

अवधेश कुमार - 2013-04-07 08:15 UTC
कांग्रेस में दिग्विजय सिंह ऐसे नेता हैं, जिनके पार्टी संबंधी बयानों को आरंभ में अनेक लोग गंभीरता से नहीं लेते, पर बाद में उनके हकीकत में परिणत होते हम देखते हैं। राहुल गांधी के संदर्भ में उनके इस बयान को भी कि उन्हें सोनिया गांधी की तरह किसी दूसरे को प्रधानमंत्री बनाने की जगह स्वयं बनना चाहिए, इसी कड़ी में लेना होगा। दिग्विजय के बाद गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने तो यहां तक कह दिया है कि अगली बार चुनाव जीतने के बाद राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री बनेंगे।

भारतीय अध्ययनदृष्टि के अनुसार शिक्षाक्षेत्र की पुनर्रचना

ज्ञान पाठक - 2013-04-07 07:25 UTC
मनुष्य कुछ ज्ञान जन्म के समय ही अपने साथ लेकर आता है, जो उसके चेतन होने के कारण संभव हो पाता है। यह चेतना स्वयं में ज्ञान स्वरुप है जो शरीर के अंगों के संचालन का ज्ञान समटे रहती है। बच्चों का रोना, मुस्कुराना आदि इसी ज्ञान के कारण संभव होता है। परन्तु उसके बाद वह अनवरत ज्ञान अर्जित और संकलित करता रहता है - जो प्रथमत: अनुभवजन्य तथा बाद में चिंतनजन्य होता है। दोनों प्रकार से शिशु ज्ञानार्जन करते हुए और उनका उपयोग करते हुए अपनी आयु के विभिन्न पड़ावों की ओर बढ़ता जाता है। और फिर एक ऐसा पड़ाव आता है जब माता-पिता को निर्णय करना होता है कि वे अपनी संतान को आगे की शिक्षा के लिए पाठशाला भेजें।

कांग्रेस की सत्ता संरचना अभी भी अस्पष्ट

पार्टी नेताओं के दिल की धड़कनें तेज
कल्याणी शंकर - 2013-04-05 15:20 UTC
कांग्रेस के कार्यकत्र्ता पहले से भी भ्रमित हो रहे थे। पिछले दिनों पार्टी नेताओं के आए बयानों से उनका भ्रम और भी बढ़ गया है। दिग्विजय सिंह और जनार्दन द्विवेदी के बयान ही नहीं, बल्कि खुद राहुल गांधी के बयाने से भी कांग्रेसियों में भ्रम फैल रहा है। दिग्विजय सिंह एक तरफ कह रहे हैं कि सत्ता के दो केन्द्रों का माॅडल विफल हो चुका है, जबकि पार्टी के मीडिया सेल के चेयरमैन जनार्दन द्विवेदी कहते हैं कि यह माॅडल सफल रहा है और भविष्य में भी इसे जारी रखा जा सकता है।

संकट में केरल की यूडीएफ सरकार

मुख्यमंत्री चांडी फंस सकते हैं कानूनी पचड़े में
पी श्रीकुमारन - 2013-04-04 16:23 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल के वनमंत्री गणेश कुमार के इस्तीफे के बाद प्रदेश की राजनीति में तूफान खड़ा हो गया और ओमन चांडी की यूडीएफ सरकार अपने कार्यकाल के सबसे गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। खुद मुख्यमंत्री चांडी की प्रतिष्ठा को काफी ठेस पहुंची है और वे खुद कानूनी पचड़े में फंसने की कगार पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।

राहुल को लेकर कांग्रेस की झिझक

अनिर्णय का आखिर कारण क्या है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-04-03 11:36 UTC
राहुल गांधी कांग्रेस के उपाध्यक्ष तो बन गए हैं और उसके बाद उन्होंने संगठन के कामकाज को भी पूरी तरह देखना शुरू कर दिया है, लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें पेश करने की बात को लेकर कांग्रेस के अंदर अनिर्णय बरकरार है। राहुल गांधी ने खुद कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रधानमंत्री बनने की नहीं है, बल्कि उनका ध्यान कांग्रेस को मजबूत बनाने की है। किसी नेता का इस तरह का बयान अपने आपमें अटपटा नहीं माना जा सकता। आखिर कौन समझदार नेता यह कहना चाहेगा कि वह प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखता है?

मोदी की बंगाल यात्रा से ममता सांसत में

प्रदेश के उद्यमी गुजरात के मुख्यमंत्री के स्वागत को तैयार
आशीष बिश्वास - 2013-04-03 05:09 UTC
कोलकाताः आगामी 9 अप्रैल को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी कोलकाता की यात्रा पर आ रहे हैं। उस दिन वे एक पंच सितारा होटल में प्रदेश के उद्यमियों को संबांेधित करेंगे। उनकी उस बैठक में प्रदेश के 2500 उद्यमियों ने शामिल होने की इच्छा जताई है, पर दुर्भाग्य से जिस हाॅल में उनकी बैठक होने वाली है, उसमें मात्र. 1000 लोगों को बैठाने की ही क्षमता है।

चौहान ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए ग्रामीणों पर डाले डोरे

बिजली की उपलब्धता और गेहूं की खरीद पर जोर
एल एस हरदेनिया - 2013-04-02 09:07 UTC
भोपालः मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने प्रदेश के ग्रामीण मतदाताओं को लुभाने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। ऐसा वे आगामी नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर कर रहे हैं। ग्रामीण मतदताआंे का समर्थन जीतने के लिए उन्होंने तीन स्तरीय रणनीति बनाई है। पहला स्तर गांव के लोगों को बिना रूके 24 घंटे तक घरेलू उपयोग के लिए लगातार बिजली उपलब्ध कराने का है। दूसरा स्तर 8 घंटे तक खेती के लिए लगातार बिजली उपलब्ध कराने का है। तीसरे स्तर के रूप में उन्होंने प्रदेश के सभी गांवों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद को एक रणनीति के रूप में अपनाया है।

बिहार को पिछड़ा घोषित करने का खेल

नीतीश यूपीए मिलकर धूल झोंक रहे हैं
नन्तू बनर्जी - 2013-03-31 04:55 UTC
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पता है कि वर्तमान यूपीए सरकार के पास बिहार को पिछड़ा राज्य का दर्जा देने की ताकत ही नहीं है। यूपीए सरकार को भी इस तथ्य की जानकारी है। इसके बावजूद दोनों बिहार को पिछड़ा राज्य घोषित करने अथवा विशेष राज्य का दर्जा देने और विशेष पैकेज देने की बातें कर रहे हैं। ऐसा करके वे लोगों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।

तीसरे मोर्चे की हकीकत

इसका रिकार्ड अच्छा नहीं रहा है
कल्याणी शंकर - 2013-03-31 04:48 UTC
कांग्रेस और भाजपा को बाहर रखते हुए अन्य पार्टियों द्वारा आपस में मिलकर मोर्चा बनाने का प्रस्ताव नया नहीं है। इस तरह के प्रस्ताव जब तब आते रहे हैं। इस बार समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह तीसरे मोर्चे के गठन की बात कर रहे हैं। सांगली की एक सभा में उन्होंने कहा कि सामाजिक बदलाव में लगी पार्टियों को आपस में मिलकर एक मोर्चा बनाना चाहिए। उन्होंने अपने इस प्रस्ताव में महाराष्ट्र, बिहार और अपने उत्तर प्रदेश की पार्टियों का नाम लिया।

मोदी का विकास कार्ड

सांप्रदायिकता से विकास की ओर मुड़ने की रणनीति नर्इ नहीं
अमूल्य गांगुली - 2013-03-28 11:48 UTC
नरेन्द्र मोदी द्वारा सांप्रदायिकता से हटकर विकास को अपनी रणनीति बनाना कोर्इ पहली घटना नहीं है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। हालांकि मोदी के मामले में यह पूरी तरह एक अलग मामला है। ऐसा उन्होंने इसलिए किया, क्योंकि उन्हें इस बात का अहसास हो गया कि सांप्रदायिकता की रणनीति से उन्हें कुछ हासिल होने वाला नहीं है।