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आडवाणी के क्यों कायल हो रहे हैं मुलायम?

भाजपा के अंदर नरेन्द्र मोदी के उभार को रोकने की कोशिश
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-03-26 12:05 UTC
मुलायम सिंह यादव करें आडवाणी की प्रशंसा, तो अनेक लोगों की भौंहे तनना स्वाभाविक है, क्योंकि भाजपा नेता आडवाणी की मुख्य राजनैतिक पूंजी बाबरी मस्जिद को ढहाने के लिए जिम्मेदार 1990 की राम रथ यात्रा है, तो मुलायम सिंह यादव की मुख्य राजनैतिक पूंजी उस यात्रा की समाप्ति के बाद अयोध्या में बाबरी मस्जिद को आडवाणी समर्थकों से बचाने के लिए हिंदुओं पर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग। एक का नाम बाबरी मस्जिद तोड़ने से जुड़ा हुआ है, तो दूसरे का नाम मस्जिद बचाने के लिए की गई कार्रवाई के लिए।

लोकसभा चुनाव के लिए तैयार हो रहा है उत्तर प्रदेश

सभी पार्टियों की नजर केन्द्र पर
प्रदीप कपूर - 2013-03-25 10:37 UTC
लखनऊः केन्द की घटनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश की पार्टियां समय से पहले ही लोकसभा चुनाव की उम्मीद कर रही है। वर्तमान लोकसभा का कार्यकाल मई, 2014 तक है, लेकिन पार्टियों को लग रहा है कि यह समय से पहले इसी साल के सितंबर या अक्टूबर महीने मंे हो सकते हैं।

लंका विरोधी प्रस्ताव में लिट्टे की ज्यादतियों का जिक्र नहीं

तमिल संकट पर अपने स्वार्थ की रोटियों सेंक रहा है डीएमके
हरिहर स्वरूप - 2013-03-25 09:39 UTC
लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल एलम (लिट्टे) अब तक का सबसे अधिक भयावह आतंकवादी संगठन रहा है। दुनिया का किसी अन्य आतंकवादी संगठन ने मानवाधिकारों को उस तरह नहीं कुचला है, जितना लिट्टे ने। अपने 26 साल के इतिहास में इसने न केवल श्रीलंका को बल्कि भारत को भी गहरे जख्म दिए हैं। श्रीलंका के गृहयुद्ध में एक लाख से ज्यादा नागरिकए 22 हजार से ज्यादा जवान और 30 हजार से ज्यादा लिट्टे विद्रोही मारे गए। सुसायड बेल्ट का ईजाद भी लिट्टे ने ही किया।

गुजरात बनाम बिहार मॉडल, किंगमेकर बन सकते हैं नीतीश

कल्याणी शंकर - 2013-03-22 10:24 UTC
अब वह जमाना लद गया जब राष्ट्रीय नेता राज्यों में जाकर रैलियों को संबोधित किया करते थे। अब जमाना पलट गया है और उलटी गंगा बहने लगी है। अब क्षेत्रीय नेता जब तब दिल्ली में आते हैं और रैली करके या किसी अन्य तरीके से यहां के लोगों को संबोधित करके अपनी ताकत का अहसास कराके चले जाते हैं।

असम की राजनीति में तूफान के बाद शांति

मुख्यमंत्री गोगोई को हटाने की कोशिश विफल
बरुण दास गुप्ता - 2013-03-22 10:19 UTC
कोलकाताः इस महीने के शुरूआत में गौहाटी में इस बात की चर्चा बहुत तेज थी के कुछ कांग्रेस विधायक तरूण गोगोई को मुख्यमंत्री के पद से हटाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। कहा गया कि वे स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री हिमन्त बिश्व शर्मा के समर्थक हैं।

सोनिया ने बर्बाद किए कांग्रेस के 15 साल

पार्टी की कीमत पर राहुल को आगे बढ़ाना अनुचित
अमूल्य गांगुली - 2013-03-22 10:11 UTC
सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में 15 साल पूरे होने पर कांग्रेसी भले ही उत्सव मना रहे हों, लेकिन इस तरह का उत्सव मनाना कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी को शोभा नहीं देता, क्योंकि लोकतंत्र में इस तरह के उत्सव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए, भले ही वह लोकतंत्र सोनिया के दामाद की नजर में एक बनाना लोकतंत्र हो।

नीतीश की अधिकार रैली और उसके बाद

कांग्रेस से जद(यू) के गठबंधन के आसार बढ़े
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-03-19 10:52 UTC
नीतीश कुमार द्वारा दिल्ली में आयोजित अधिकार रैली के बाद बदलते घटनाक्रम की परिणति जनता दल (यू) और भाजपा के अलगाव के रूप में हो सकती है। इस रैली के द्वारा नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी पर दबाव बनाना चाह रहे थे कि वह आगामी लोकसभा चुनाव के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में नहीं पेश करे।

भारत और इटली के रिश्ते बिगड़े

प्रधानमंत्री संबंधों की समीक्षा पर अड़े
अशोक बी शर्मा - 2013-03-19 10:39 UTC
नई दिल्लीः जमानत पर छोड़े गए अपने दो जलसैनिकों को भारत दुबारा भेजने से इटली द्वारा इनकार किए जाने के बाद भारत के साथ उसके रिश्ते अब सामान्य नहीं रह गए हैं। इन दोनों सैनिकों पर केरल के दो मछुआरों की हत्या का मुकदमा भारत की एक अदालत में चल रहा है।

तिहाड़ जेल में आत्महत्याएं

यह जेलों की खतरनाक स्थिति का प्रणाम है
अवधेश कुमार - 2013-03-16 10:49 UTC
दिल्ली बर्बर दुष्कर्म का आरोपी राम सिंह मर गया। यकीनन उसकी मौत से जेल में कैदियों की सुरक्षा का मामला पुनः एक बार डरावने रूप मे ंसामने आया है, जिस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। यह पहलू इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि उसके तीन दिन बाद अपहरण के आरोप में बंद एक महिला कैदी ने तिहाड़ में ही आत्महत्या कर ली।

भारत को श्रीलंका के खिलाफ मतदान करना चाहिए

श्रीलंका के युद्ध अपराधी बेनकाब हो चुके हैं
कल्याणी शंकर - 2013-03-16 10:43 UTC
इस महीने के अंत में जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की बैठक होने जा रही है। उस बैठक में श्रीलंका के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया जाना है। भारत की यूपीए सरकार के ऊपर इसके एक घटक डीएमके के दबाव है कि वह इस प्रस्ताव के पक्ष में यानी श्रीलंका के खिलाफ वहां मतदान करे। डीएमके और तमिलनाडु की अन्य पार्टियां ही नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी ने भी संसद में इस मसले पर इसी तरह का रवैया अपनाया था।