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चिदम्बरम का बयान और सफाई

ऐसी सोच का आधार ही गलत है
अवधेश कुमार - 2010-12-27 11:28 UTC
गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि विवाद खत्म करने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि मैं संबंधित प्रश्न पर अपना जवाब वापस ले लूं और मैंने वही किया है। चिदम्बरम एक बुद्धिमान राजनेता और वकील हैं और उन्होंने अपने वक्तव्य पर उठते गुब्बार को भांप लिया होगा, इसलिए ऐसा किया। लेकिन चिदम्बरम एक- एक शब्द सोच- समझकर बोलने वाले नेता हैं। कोई यदि तीव्र आक्रोश, क्षोभ या गुस्से की मनःस्थिति में नहीं हैं तो जो कुछ भी बोलता है वह उसकी सोच की ही अभिव्यक्ति होती है। कोई यह कह दे कि हमने अपना कहा वापस ले लिया उससे विवाद पर भले पूर्ण विराम लग सकता है, पर कई प्रश्न अनुत्तरित रह जाते हैं। ऐसा ही इस मामले में है। चिदम्बरम ने जो कहा क्या वह तथ्यों की कसौटी पर सच है? ऐसा कहने के पीछे उनकी मंशा क्या थी एवं इस मंशे का अर्थ क्या है?

भविष्य की परिवहन सेवा होगी स्काई बस

एस एन वर्मा - 2010-12-26 06:37 UTC
नई दिल्ली: पूरे देश में बढ़ते शहरीकरण के कारण उत्पन्न परिवहन की मांग को देखते हुए कोंकण रेलवे ने इसका एक नायाब हल ढूंढ निकाला है। कोंकण रेलवे द्वारा एक ऐसा परिवहन का साधन विकसित किया गया है, जो न तो आकाशीय है और न जमीनी बल्कि त्रिशंकु की भांति बीच में लटक कर चलने वाली स्काई बस है। कोंकण रेलवे इस अनोखी परियोजना पर पिछले कई वर्षों से कार्य रही है।

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था बाहरी और घरेलू आघात सहने के लिए पर्याप्‍त लचीली

मगर अब भी कई चुनौतियां मौजूद : श्री प्रणब मुखर्जी
विशेष संवाददाता - 2010-12-24 18:57 UTC
नई दिल्ली: केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि 2010-11 की पहली छमाही में सकल घेरलू उत्‍पाद (जीडीपी) 8.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जबकि पिछले दो वर्ष में यह औसतन 7 प्रतिशत पर रही थी।

महाराष्ट्र के वर्षा प्रभावित किसानों के लिए राहत की घोषणा

विशेष संवाददाता - 2010-12-24 18:50 UTC
नई दिल्ली: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महाराष्ट्र के सांसदों के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह से मुलाकात की और उनको अभी हाल में अप्रत्याशित एवं बिना मौसम की बारिश के कारण फसलों को हुई भारी क्षति से इस राज्य के अनेक क्षेत्रों में किसानों को हुए नुकसानों की जानकारी दीं। इस प्रतिनिधिमंडल ने किसानों को उनकी कठिनाइयों से उबरने में मदद करने के लिए उपयुक्त सहयोग की मांग की।

एनआईएफटीईएम-शि‍क्षा के माध्‍यम से भारत की खाद्य प्रसंस्‍करण क्रांति‍ का सशक्‍ति‍करण

वि‍जय लक्ष्‍मी कसौटि‍या - 2010-12-24 18:45 UTC
मानव संसाधन वि‍कास को हस्‍तक्षेप का एक प्रमुख क्षेत्र मानते हुए खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय खाद्य प्रौद्योगि‍की, उद्यमशीलता और प्रबंधन संस्‍थान (एनआईएफटीईएम) की स्‍थापना की सामरि‍क पहल के लि‍ए कदम उठाए हैं। संस्‍थान की परि‍कल्‍पना अपने वि‍भि‍न्‍न हि‍तधारकों जैसे नि‍र्यातकों, उद्योग, उद्यमि‍यों और नीति‍ नि‍र्माताओं की संपूर्ण आवश्‍यकताओं को पूरा करते हुए एक सर्वश्रेष्‍ठ वि‍श्‍व स्‍तरीय संस्‍थान बनाने की है। संस्‍थान भारत में खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग क्षेत्र को महत्‍वपूर्ण प्रोत्‍साहन प्रदान करने में एक अहम भूमि‍का नि‍भा रहा है।

मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट क्लोरीन गैस लीक कांड: जांच समिति की अनुशंसाएं क्रियान्वित

विशेष संवाददाता - 2010-12-24 12:35 UTC
नई दिल्ली: 14 जुलाई, 2010 को मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट पर क्लोरीन गैस के लीक होने की घटना के बाद इस मामले के कारणों की जांच के लिए और जिम्मेदारी तय करने के लिए संयुक्त सचिव (पोट्र्स) की अध्यक्षता में सरकार द्वारा एक समिति गठित की गई थी। इस समिति ने अपनी अनुशंसाओं को सौंप दिया है। इन अनुशंसाओं में से कुछ इस प्रकार हैं-
भारत

कठिन डगर है कांग्रेस की

सोनिया ने अपने कड़े तेवर दिखाए
कल्याणी शंकर - 2010-12-24 12:27 UTC
अपने बुराड़ी महाधिवेशन में क्या कांग्रेस ने अपनी ताकत का सही जायजा लिया है और यह जानने की कोशिश की है कि वह कमजोर क्यों है और गठबंधन की राजनीति पर उसकी निर्भरता के पीछे का राज क्या है? कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने बहुत गर्व के साथ कहा कि अपने 125 साल के इतिहास में उतार चढ़ाव के बीच कांग्रेस ने अपने आपको दृढ़ बनाए रखा। सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस ने इसके बारे में सोचा कि उसने जो अपनी पहले वाली चमक खो दी है, उसके कारण क्या हैं?

भारत में प्रकाशस्‍तंभ और प्रकाशपोत

मौसमी चक्रवर्ती - 2010-12-23 11:29 UTC
भारत की तटीय सीमा की लंबाई 7517 कि.मी. है और इसका 95 प्रतिशत व्‍यापार समुद्र के रास्‍ते होता है । जहाजों और पोतों के नौवहन में मार्गदर्शन के लिये प्रकाशस्‍तंभों का महानिदेशालय महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है और इस अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण आर्थिक गतिविधि को सुविधाजनक बनाता है ।
भारत

निरंकुश होती पेट्रोल की कीमत

बढ़ती मूल्यवृद्धि के बाद भी बढ़ रही है मांग
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-12-23 11:10 UTC
जब से केन्द्र सरकार ने पेट्रोल की कीमत पर से नियंत्रण हटाया है, तब से इसकी कीमतों का बढ़ना जारी है। नियंत्रण युग की एक खराबी थी कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से पेट्रोल की कीमत तो बढ़ती थी, लेकिन जब कच्चा तेल सस्ता होता था, तो पेट्रोल सस्ता नहीं होता था। नियंत्रण हटाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि जब कच्चा तेल सस्ता होगा, तो पेट्रोल भी सस्ता होगा। पर बहरहाल अभी तो यह महंगा ही होता जा रहा है, क्योंकि जब से पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रणमुक्त किया गया है, तब से कच्चा तेल महंगा ही होता जा रहा है। अभी अंततराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल हो गया है और इसके कारण देश भर में पेट्रोल महंगा कर दिया गया है।

भारतीय बंदरगाहों में यातायात में 11.32 प्रतिशत की सालाना वृध्दि की उम्मीद

विशेष संवाददाता - 2010-12-22 12:57 UTC
नई दिल्ली: जहाजरानी मंत्री श्री जी. के. वासन ने आज सुधार, विकास और शहरीकरण पर भारत सार्वजनिक निजी भागीदारी सम्मेलन में कहा कि उच्च विकास दर बनाए रखने के लिए भारत को विश्व व्यापार में अपना हिस्सा बढाना होगा। उन्होंने कहा कि मात्रा के लिहाज से भारत का 95 प्रतिशत और मूल्य के लिहाज से 70 प्रतिशत बाहरी व्यापार बंदरगाहों के जरिए होता है, इसलिए बंदरगाह ढांचे को बढाना और उसका उन्नयन करना बहुत आवश्यक है।
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