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मध्यावधि चुनाव की कोई आशंका नहीं

चुनाव के लिए कोई भी तैयार नहीं
कल्याणी शंकर - 2010-12-18 11:43 UTC
क्या लोकसभा के मध्यावधि चुनाव की संभावना बन रही है? जब यह सवाल भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का एक मंत्री इस तरह की बात को हवा देने में लगे हुए हैं। उनका उद्देश्य विपक्ष के सांसदों को डराना है ताकि विपक्ष में फूट पड़ जाए।
भारत

जनवरी से अक्‍टूबर, 2010 के बीच प्रत्‍यक्ष वि‍देशी नि‍वेश पहुंचा 17.37 अरब

औद्योगि‍क नीति‍ और संवर्द्धन वि‍भाग की वर्षांत समीक्षा
विशेष संवाददाता - 2010-12-16 12:16 UTC
मौजूदा कैलेंडर वर्ष में (जनवरी से अक्‍टूबर 2010 के बीच) प्रत्‍यक्ष वि‍देशी नि‍वेश के रूप में 17.37 अरब अमेरि‍की डॉलर प्राप्‍त हुए हैं। मौजूदा ‍वि‍त्‍त वर्ष 2010-11 के पहले सात महीनों (अप्रैल से अक्‍टूबर 2010) के दौरान 12.40 अरब अमेरि‍की डॉलर प्राप्‍त हुए। वि‍त्‍त वर्ष 2009-10 के दौरान 25.89 अरब डॉलर का प्रत्‍यक्ष वि‍देशी नि‍वेश हुआ था।

चर्चे मध्यावधि चुनाव के

क्या कांग्रेस इसके लिए तैयार है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-12-15 12:51 UTC
भ्रष्टाचार के मसले पर संसद का पूरा शीतकालीन सत्र बिना किसी कामकाज के समाप्त हो गया है, लेकिन सत्तारूढ़ पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध समाप्त नहीं हुआ है। अब अगला सत्र आगामी फरवरी महीने में शुरू होगा। सवाल उठ रहे हैं कि क्या उसमें भी वही नजारा देखने को मिलेगा, जो शीतकालीन सत्र में देखा गया? मुख्य विपक्षी दल के नेता लालकृष्ण आडवाणी से जब इसके बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसके बारे में निर्णय उसी समय किया जाएगा। उसके पहले जब यही सवाल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछा गया था, तो उन्होंनें कहा था कि यदि बजट सत्र में भी ऐसा ही होता है, तो देश की संसदीय प्रणाली के खतरनाक होगा।

हरियाणा की राजनीति में आई फिर गर्मी

पार्टियों ने अपनी जड़ता तोड़ी
बी के चम - 2010-12-14 10:31 UTC
चंडीगढ़ः हरियाणा की राजनीति एक बार फिर गर्म हो रही है। 2014 के पहले राज्य में कोई चुनाव नहीं होने हैं, फिर भी राजनैतिक पार्टियों ने अपने अपने तरीके से लोगों से संवाद स्थापित करना शुरू कर दिया है। इस होड़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी इंडियन नेशनल लोकदल अन्य पार्टियों से आगे हैं।

बिहार चुनाव का मुस्लिम फैक्टर

अब वोट बैंक नहीं रहे मुसलमान
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-12-13 12:49 UTC
बिहार विधानसभा के चुनावी नतीजो का एक निष्कर्ष यह भी है कि अब मुसलमानों ने वहां किसी पार्टी का वोट बैंक बनने से इनकार कर दिया है। वैसे मतदान गुप्त होते हैं और किसने किसको मत दिया, इसके बारे में कोई कुछ भी दावे से कह नहीं सकता, लेकिन चुनावी नतीजों के आयने मे इसका अंदाज तो लगाया जा ही सकता है कि किस समुदाय विशेष ने किस पार्टी को ज्यादा मत दिया। जब बात मुस्लिम समुदाय की हो, तो यह बताना हमेशा आसान रहा है कि चुनाव में उनकी खास पसंद कौन पार्टी रही है।

केरल का लॉटरी घोटाला: सीबीआई जांच की सिफारिश

पी श्रीकुमारन - 2010-12-11 14:41 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल के मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन ने एक ऐसा निर्णय किया है, जिसे देखकर कंांग्रेस पार्टी के नेता सकते में आ गए हैं। कांग्रेस के नेता ही नहीं, बल्कि सीपीएम के अंदर के मुख्यमंत्री विरोधी लोगों की बोलती भी उसके बाद बंद हो गई है।

जेपीसी के मामले ने देश को हिला दिया है

सबकी निगाहें अगले विधानसभा चुनावों पर
कल्याणी शंकर - 2010-12-10 13:09 UTC
संसद का शीतकालीन सत्र बिना कोई काम किए समाप्त हो गया है। सत्ता और विपक्ष के बीच जेपीसी के मसले पर हो रहे तकरार के कारण संसद का सत्र तो समाप्त हुआ, लेकिन उसमें चल रहा गतिरोध अभी भी बरकरार है।
भारत

सपा के हौसले फिर से हो रहे हैं बुलंद

आजम खान की घर वापसी
प्रदीप कपूर - 2010-12-09 11:30 UTC
लखनऊः अठारह महीने के बाद आजम खान की समाजवादी पार्टी में वापसी के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकत्ताओं के हौसले बुलंद हुए हैं।

उत्तर के तीन राज्यों में भ्रष्टाचार शिष्टाचार बन गया है

अधिकांश पार्टियां लिप्त हैं इसमें
बी के चम - 2010-12-07 10:18 UTC
भ्रष्टाचार आज देश के सामने चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हुआ। 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में तो 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपए तक के भ्रष्टाचार की बात हो रही है। उधर मुंबई में आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले की बात सामने आ रही है। उसमें भी अरबों रुपए का घोटाला हुआ है। कर्नाटक में भी भूमि घोटाले का मामला सामने आया है।

एलडीएफ को मजबूत करने का सीपीआई फार्मूला

क्या सीपीएम इसे स्वीकार करेगी?
पी श्रीकुमारन - 2010-12-06 10:33 UTC
तिरुअनंतपुरमः सीपीआई के नवनियुक्त प्रदेश सचिव सी के चन्दरप्पन के राज्य के लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को मजबूत करने के लिए एक नया फार्मूला पेश किया है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या फ्रंट की सबसे बड़ी पार्टी सीपीएम उस फार्मूले को स्वीकार करेगी? उसकी शुरुआती प्रतिक्रिया से तो यही लगता है कि सीपीआई का फार्मूला सीपीएम को रास नहीं आ रहा है।
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