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राहुल को प्रधानमंत्री बनाने की हड़बड़ी

उत्तर प्रदेश कहीं बिहार न बन जाए?
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-06-27 05:09 UTC
मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल के विस्तार की प्रतीक्षा बहुत दिनांे से की जा रही है। प्रधानमंत्री ने खुद कहा था कि बजट सत्र की समाप्ति के बाद वे अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार करेंगे और मंत्रालयों का भी फिर से बंटवारा करेगे। कुछ मंत्रियों को हटाए जाने की भी बात की जा रही थी। बजट सत्र कब का समाप्त हो गया है। अब तो मानसून सत्र की तिथि भी घोषित कर दी गई है पर बहुप्रति़िक्षत मंत्रिपरिषद के विस्तार का काम अभी भी लंबित पड़ा है।

चौहान की मुस्लिम रैली

कांग्रेस पर लोगों को विभाजित करने का आरोप
एल एस हरदेनिया - 2011-06-25 05:00 UTC
भोपालः भाजपा के अत्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने प्रदेश की राजधानी में मुसलमानों की एक बड़ी रैली आयोजित की, जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार की सराहना की गई। उस रैली में एक के बाद एक सभी वक्ताओं ने यह कहना जारी रखा कि मुख्यमंत्री चौहान ने राज्य में मुसलमानों के लिए जितना किया, उतना अबतक प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री ने नहीं किया था। इन वक्ताओं में गैर मुस्लिम ही नहीं, बल्कि मुस्लिम भी शामिल थे।

भ्रष्टाचार से समझौता कर रही है यूडीएफ सरकार

मंत्रियों के खिलाफ मुकदमे में ढील
पी श्रीकुमारन - 2011-06-24 10:44 UTC
तिरुअनंतपुरमः मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ऊमेन चांडी ने कहा था कि उनकी सरकार के पहले 100 दिन के एजेंडे में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग शामिल है, लेकिन बाद की जो घटनाएं घटी हैं, उनसे साफ हो जाता है कि उनकी कथनी और करनी में काफी फर्क है।

मंत्रिमंडल में फेरबदल: प्रधानमंत्री के लिए एक चुनौती भरा काम

कल्याणी शंकर - 2011-06-24 06:47 UTC
पिछले कुछ दिनों से केन्द्रीय मंत्रिपरिषद के विस्तार और मंत्रालयों में फेरबदल की अटकलबाजियां जोरांे पर हैं। मंत्री पद की उम्मीद पाले लोग फोन का इंतजार कर रहे हैं कि कब उनके पास फोन आता है और उन्हें शपथग्रहण के लिए राष्ट्रपति भवन जाने के लिए कहा जाता है। जो पहले से मंत्री हैं, उनमें से कुछ इस आशंका से परेशान हैं कि कहीं उनकी छुट्टी न हो जाए। इसका कारण यह है कि अटकलबाजी इस बात की भी है कि कुछ अक्षम लोगों को मंत्रिपरिषद से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है।

श्यामला गोपीनाथ कमिटी की सिफारिशें

क्या लघु बचत योजनाओं का भविष्य धूमिल है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-06-22 04:55 UTC
छोटी बचत योजनाओं पर श्यामला गोपीनाथ कमिटी की रिपार्ट आने के 10 दिनों के अंदर ही आयकर विभाग ने देश के डाकघरों में अपनी बचत का निवेश करने वाल बचतकर्त्ताओं की ब्याज पर होने वाली आय को टैक्स के दायरे मं लाने की घोषणा कर दी। आयकर विभाग के इस निर्णय के क्या संकेत हो सकते हैं?

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपनी सारी ताकत झोंकी

मायावती सरकार पर चौतरफा हमला
प्रदीप कपूर - 2011-06-22 00:35 UTC
लखनऊः कांग्रेस ने एक साथ ही अनेक मोर्चे पर प्रदेश की मायावती सरकार के खिलाफ हमला बोल दिया है। किसानों के मामले, कुप्रशासन, बलात्कार के बढ़ते मामलों और महिलाओं, खासकर दलित महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार पर उसने मायावती सरकार को कटघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया है।

सब कुछ ठीक करने की ममता की हड़बड़ी

शुरूआत तो अच्छी है, लेकिन मुश्किलें अनेक हैं
आशीष बिश्वास - 2011-06-21 05:52 UTC
कोलकाताः सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना काम बहुत तेजी से शुरू कर दिया और कभी कभी तेजी के कारण भी उनकी सरकार को असुविधाजनक परिस्थितियों को सामना करना पड़ रहा है। राज्य की राजनीति में वे लंबे अरसे से विपक्ष की भूमिका निभाती रही हैं। सत्ता में आने के बाद भी वे अपना विपक्षी तेवर नहीं भूल पाई है। उनके कार्यकलापों पर उनके इस तेवर की छाप साफ देखी जा सकती है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई

चुप क्यों हैं बाबा रामदेव
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-06-21 05:48 UTC
भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारें की लड़ाई जारी है। वे 16 अगस्त से फिर आमरण अनशन पर जाने की चेतावनी जारी कर रहे हैं, हालांकि उनके कुछ समर्थक उन्हें अनशन करने से पहले राष्ट्रव्यापी दौरे पर जाने की सलाह भी दे रहे हैं। केन्द्र सरकार के मंत्रियों के जो बयान आ रहे हैं, उससे साफ लग रहा है कि केन्द्र सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए गंभीर नहीं है। एक मजबूत लोकपाल बनाने का उसका इरादा नहीं है। एक कमजोर सीवीसी की तरह एक कमजोर लोकपाल बनाकर केन्द्र सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने संकल्प का दिखावा कर रही है। जाहिर है भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई अभी लंबी खिंचेगी।

गंगापुत्र की त्रासदी

ताकि फिर कोई निगमानंद के हस्र को प्राप्त न हो
अवधेश कुमार - 2011-06-18 06:08 UTC
गंगा मुक्ति अभियानों में सक्रिय लोगों के लिए स्वामी निगमानंद की मृत्यु की खबर उसी परिमाण की वेदना और छटपटाहट पैदा करने वाली है जैसे अपने रिश्ते के किसी निकटतम की मौत। राष्ट्रीय स्तर पर निगमानंद का नाम मीडिया के लिए अवश्य सुपरिचित नहीं था, लेकिन हरिद्वार में कार्यरत मीडियाकर्मियों के लिए गंगा के लिए अपना जीवन तक दांव पर लगा देने वाले महामानव के रुप में वे हमेशा श्रद्धेय थे। 19 फरबरी से उनका आरंभ हुआ अनशन अंततः उनकी जीवनलीला के अंत के साथ ही खत्म हुआ। अंतिम सांस के समय वे उसी हिमालयन इंस्टीच्यूट अस्पताल में पड़े थे जहां स्वामी रामदेव थे।

जयललिता की दिल्ली यात्रा

सारे विकल्प खुले होने का सफल संदेश
कल्याणी शंकर - 2011-06-17 05:31 UTC
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता चेन्नई में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद दिल्ली आई और आकर वापस भी हो गईं। इस बीच उन्होंने एक संदेश जाहिर कर दिया है और वह यह है कि राष्ट्र की राजनीति में भी वह दखल देना चाहती है। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री खुद देश की प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखती हैं। यह बात किसी से पहले भी नहीं छिपी हुई थीं। इस बार दिल्ली आकर उन्होंने इसे और भी स्पष्ट कर दिया है।