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चीनी काॅर्पोरेट शिकारी शिकार पर

कोरोना से पस्त अर्थव्यवस्थाएं उनका निशाना है
नंतू बनर्जी - 2020-04-28 09:50
लॉकडाउन, वैश्विक शेयर बाजार की गिरावट और बड़े और मध्यम दोनों प्रकार के उद्यमों की नकारात्मक बाॅटम लाइन अब नकद-समृद्ध चीनी शिकारियों को अब आकर्षक दिखने लगी हैं। और ’अच्छी दिखने’ वाली संपत्ति पर कब्जा करने के लिए आक्रामक तरीके से अंतरराष्ट्र बाजार में प्रवेश कर चुके हैं। इस महीने की शुरुआत में, औद्योगिक और वाणिज्यिक बैंक ऑफ चाइना और चाइना इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन ने कथित तौर पर बैंकरों को वित्तीय सेवा क्षेत्र में अच्छे निवेश अवसरों की पहचान करने के लिए कहा था। साथ में, दोनों फंड खरीद के माध्यम से डाॅलर 600-650 मिलियन लगाना चाहते हैं।

लाॅकडाउन को समाप्त करने की जरूरत

लेकिन कुछ प्रतिबंध भी बने रहने चाहिए
हरिहर स्वरूप - 2020-04-27 11:55
सावधानी बरतते हुए भारत को अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए कोविद बंद को हटा लेना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो जाएगी। सच कहा जाय तो भारत का आर्थिक पतन हो जाएगा और उसके बाद उठ पाना बहुत ही कठिन और कष्टदायक होगा। पिछले हफ्ते प्रिंसटन विश्वविद्यालय के वेबिनार में, अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता एंगस डियेटन ने भारत का नाम लिए बिना बताया कि कुछ अन्य देशों के साथ उसके लिए भी खतरे बहुत ज्यादा हैं।

फेसबुक-रिलायंस जियो सौदा

कोरोना महामारी के बाद की दुनिया के लिए तैयारी
अंजन रॉय - 2020-04-25 10:35
कोरोनावायरस महामारी के दौरान दो निजी कंपनियों के बीच एक वाणिज्यिक सौदे का रणनीतिक राजनयिक महत्व हो सकता है और यह कोरोना के बाद की दुनिया का एक संकेत हो सकता है।

कोरोना महामारी और दिल्ली

मोदी के नक्श-ए-कदम पर केजरीवाल
अनिल जैन - 2020-04-24 08:46
यह तथ्य तो अब जगजाहिर हो चुका है कि भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के बढते मामलों के लिए एक संप्रदाय विशेष को संगठित और सुनियोजित रूप से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह काम सरकार के स्तर पर भी हो रहा है और सत्तारुढ भाजपा के संगठनात्मक स्तर पर भी। मुख्यधारा के मीडिया का एक बडा हिस्सा भी इस काम में बढ-चढ कर उनका साथ निभा रहा है। लेकिन दिल्ली में आम आदमी पार्टी और उसकी सरकार भी इस तरह की मुहिम में पीछे नहीं है। दोनों के अभियान में फर्क इतना है कि जहां भाजपा और केंद्र सरकार का अभियान जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देता है, जबकि आम आदमी पार्टी उसी काम को बेहद सधे हुए ढंग से कर रही है।

आखिरकार शिवराज चौहान ने मंत्रिमंडल बनाया, पांच मंत्री शामिल

एल एस हरदेनिया - 2020-04-23 09:49
भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोविद -19 के खतरे से लड़ने के लिए अपनी टीम को मजबूत करने के लिए दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहला कदम पांच मंत्रियों की नियुक्ति है और दूसरा एक सलाहकार समिति का गठन है। इस बीच, केंद्र सरकार ने इंदौर में एक टीम भेजी है जो देश के सबसे ज्यादा कोविद -19 प्रभावित शहरों में से एक है।

लाॅकडाउन से संकट में हैं घरेलू कामगार महिलाएं

घरेलू कामगार महिलाओं को भी मिले आर्थिक सहायता
राजु कुमार - 2020-04-23 09:43
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में घरेलू कामगार महिला अधिकार संघ ने भोपाल के लोगों से एक अपील जारी की है। इस अपील में एक महत्वपूर्ण बात कही गई है, ‘‘वर्तमान में कोरोना वायरस के कारण आए महामारी के संकट को ध्यान में रखते हुए आपके घर में घरेलू काम (झाड़ू,, पोछा, बर्तन धोना, खाना बनाना आदि) करने वाली घरेलू कामगार महिला अगर 22 मार्च से 3 मई 2020 के दौरान अगर काम पर नहीं आती है, तो उनका वेतन न काटे।’’ घरेलू कामगार महिला अधिकार संघ ने इस परचे के माध्यम से शहरी श्रम बल के उस हिस्से की ओर ध्यान दिलाया है, जो हाशिये पर है।

लेनिन को उनकी 150वीं जयंती पर याद करना

समाजवाद के लिए लड़ाई अब और जरूरी हो गई है
प्रकाश करात - 2020-04-22 10:01
22 अप्रैल, 2020, बीसवीं सदी की सबसे बड़ी क्रांतिकारी शख्सियत, व्लादिमीर इलिच लेनिन की 150 वीं जयंती है। मार्क्स और एंगेल्स के बाद लेनिन ने मार्क्सवाद के सिद्धांत और व्यवहार में सबसे बड़ा योगदान दिया। लेनिन की जबरदस्त सैद्धांतिक विचारों, जैसे कि साम्राज्यवाद के उनके विश्लेषण, ने अक्टूबर 1917 में रूस में दुनिया की पहली समाजवादी क्रांति के लिए मंच तैयार किया। लेनिन ने एक क्रांतिकारी रणनीति बनाई जिसमें औद्योगिक सर्वहारा और उपनिवेशों और उत्पीड़ित देशों के लोगों को शामिल किया गया। इस रणनीति का एक अन्य पहलू श्रमिक-किसान एकता की अवधारणा थी। क्रांतिकारी अभ्यास के क्षेत्र में, लेनिन ने एक क्रांतिकारी पार्टी संगठन की भूमिका का नेतृत्व श्रमिक वर्ग के मोहरा के रूप में किया।

इस आपदा काल में प्रधानमंत्री देश को आश्वस्त नहीं कर सके

जरूरी मुद्दों पर उन्होंने मुंह ही नहीं खोला
अनिल जैन - 2020-04-21 10:14
कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार बार देश से मुखातिब हो चुके हैं। पिछले सप्ताह 14 अप्रैल को राष्ट्र के नाम उनका चैथा औपचारिक संबोधन था, लेकिन उसमें भी कोरोना संक्रमण के खौफ और लॉकडाउन के चलते तमाम तरह की दुश्वारियों का सामना कर रही जनता को आश्वस्त करने जैसी कोई बात नहीं थी। उनका यह संबोधन लॉकडाउन बढाने की घोषणा के निमित्त था। चूंकि पांच-छह राज्य सरकारें अपने-अपने सूबे में पहले ही लॉकडाउन की अवधि 16 दिन यानी 30 अप्रैल तक बढाने का एलान कर चुकी थीं, लिहाजा प्रधानमंत्री ने उनके एलान से हट कर कुछ नया दिखाने के मकसद से 16 के बजाय 19 दिन के लिए लॉकडाउन बढाने का एलान किया।

कोरोना संकट के लिए कौन जिम्मेदार?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने समय रहते दी थी चेतावनी
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-04-20 08:42
कोरोना संकट से पूरी दुनिया कराह रही है। 195 से ज्यादा देशों में यह महामारी फैल चुकी है और इसका बहुत निकट भविष्य में कोई निदान भी नहीं दिखाई दे रहा है। इन पंक्तियों को लिखे जाने तक इस बीमारी से दुनिया भर में 24 लाख से ज्यादा लोग इसकी जद में आ चुके हैं और उनमें से 1 लाख 65 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। चिंता की बात यह भी है कि इसकी रफ्तार कम होने की बजाय लगातार तेज होती जा रही है।

कोरोना संकट से जूझने का रास्ता केरल ने दिखा दिया है

अन्य राज्यों को भी उससे सीख लेनी चाहिए
एल एस हरदेनिया - 2020-04-18 10:27
राष्ट्र के स्तर पर केरल और विश्व के स्तर पर क्यूबा ने जिस मुस्तैदी से कोविड-19 का मुकाबला किया है उसकी चारों तरफ भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। पिछले कुछ दिनों से केरल में कोरोना के नए मामले आना लगभग बंद हो गए हैं। यदि आ भी रहे हैं तो सिंगल डिजिट (अर्थात 10 से कम) में हैं।