क्या नरेन्द्र मोदी कोरोना वायरस के ‘सुपर स्प्रेडर’ हैं?
प्रधानमंत्री को उठ रहे सवालों का जवाब तो देना ही होगा
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2021-04-27 10:19 UTC
कोरोना संकट की दूसरी लहर के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराने वाले लोगों की कमी नहीं है। उन पर तरह तरह के आरोप लग रहे हैं। थाली- ताली बजाने का मामला हो या दीया जलाने का मामला या डॉक्टरों पर फूल बरसाने का मामला, इन सबके लिए उनकी आलोचना हो रही है। ताजा मामलों में उन्होंने 11 अप्रैल से कुछ दिनों के लिए टीका उत्सव मनाने का फैसला कर लिया। लोग ज्यादा संख्या में टीका लेने के लिए जुटे भी, लेकिन टीका केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में टीका ही नहीं उपलब्ध थे। इस कथित उत्सव की विफलता के लिए भी मोदी की आलोचना हुई।