गोरखपुर की त्रासदी: राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति पर अमल की जरूरत
- 2017-08-17 12:21 UTCगोरखपुर के एक अस्पताल में 70 से भी ज्यादा बच्चों की मौत ने देश को हिला कर रख दिया है। इसने केन्द्र और राज्य सरकारों की विफलता को भी एक बार फिर रेखांकित किया है। जिन लोगों ने सरकारें बनाई हैं, उनके स्वास्थ्य के प्रति सरकारें कितना उदासीन हैं, इसका पता भी लगता है। इस तरह की त्रासदी कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि समय समय पर देश के अलग अलग हिस्सों में घटती रहती हैं। भारत एक ऐसा देश है, जहां अस्पतालों में मरीजों की जान की कोई कीमत नहीं होती है, चाहे वे सरकारी अस्पताल हों या निजी अस्पताल।