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लोकसभा चुनाव नतीजों पर हो रहे सर्वेक्षण

फिलहाल विधानसभा के चुनाव ज्यादा मायने रखते हैं
हरिहर स्वरूप - 2013-05-27 10:28 UTC
लोकसभा चुनाव के अभी करीब एक साल बाकी हैं, लेकिन उसके नतीजों को लेकर अटकलबाजियां शुरू हो गई हैं और अनेक एजेंसियां और मीडिया संस्थान उसके नतीजे जानने के लिए सर्वेक्षण भी कर रहे हैं। एक सर्वेक्षण का निष्कर्ष है कि अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की होगी। सभी सर्वेक्षण गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश का सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता बता रहे हैं।

संप्रग के नौ साल: नेतृत्व की महिमा कहां है?

अवधेश कुमार - 2013-05-25 15:20 UTC
जब मनमोहन सिंह को पी. वी. नरसिंह राव ने 1991 में वित्त मंत्री बनाया था, तो उस समय इन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी कि आने वाले दिनों में वे प्रधानमंत्री बनेंगे और जवाहरलाल नेहरु तथा इंदिरा गांधी के बाद लगातार सबसे लंबे समय तक पद पर रहने का रिकार्ड भी बना लेंगे। जी, हां, देख लीजिए, उन्होंने नौ साल का कार्यकाल पूरा किया और यदि कांगेस ने बीच में चुनाव कराने का निर्णय नहीं लिया तथा सपा का साथ जारी रहा तो वे दस वर्ष भी पूरा कर लेंगे।

ममता बनर्जी का करिश्मा ढलान पर

पंचायतों के चुनाव उनके भविष्य के लिए होंगे निर्णायक
कल्याणी शंकर - 2013-05-24 10:22 UTC
दो साल पहले जब ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल सरकार संभाली थी, तब उनसे उम्मीद की गई थी कि वे राज्य के खोये हुए गौरव को वापस लाएगी, वामपंथी शासन के दौरान आई मंदी की स्थिति को खत्म करेंगी और ममता शायद किसी ऐसी जादू की छड़ी का इस्तेमाल करेंगी, जिससे राज्य के लोगों के सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। लेकिन क्या ऐसा हो सका है?

मोंटेक ने किया आधार के स्थाई पंजीकरण केंद्रों का शुभारंभ

एस एन वर्मा - 2013-05-24 09:08 UTC
नई दिल्ली। देश के प्रत्येक निवासी को एक विश्ष्टि पहचान और उसकी कहीं भी, कभी भी सत्यापन के लिए अंकीय आधार उपलब्ध कराने की अपनी संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आज आधार समर्थित तीन नवीन सेवाओं का शुभारंभ किया और स्थायी पंजीकरण केद्रों के पहले समूह की स्थापना की घोषणा की।

भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार का मामला

नीतीश कार्ड विफल होने के बाद आडवाणी का गडकरी कार्ड
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-05-23 09:47 UTC
पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद जाहिर हो गया है कि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए आगामी लोकसभा चुनाव के पहले पार्टी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में पेश होना आसान नहीं है। लोकसभा में पार्टी की नेता सुषमा स्वराज ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि लालकृष्ण आडवाणी प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में अभी भी शामिल हैं। उधर लालकृष्ण आडवाणी ने भी मोदी के खिलाफ पूर्व पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को इस्तेमाल करने की रणनीति बनाने का संकेत दे दिया।

कौन होगा कांग्रेस का अगला प्रधानमंत्री

पी चिदंबरम या राहुल गाधी?
अमूल्य गांगुली - 2013-05-22 10:16 UTC
यह विचित्र लगता है, पर सच है कि पता नहीं चलता है कि कौन सा पल किसी व्यक्ति के पतन की शुरुआत साबित हो। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जो हाल के दिनों मंे पतन हुआ है, उससे तो ऐसा ही लगता है। कुछ समय पहले तक यह माना जा रहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद यदि कांगेस को सरकार गठन करने का मौका मिले, तो उस सरकार का गठन मनमोहन सिंह के द्वारा ही किया जाएगा। राहुल गांधी खुद कह रहे थे कि उनकी दिलचस्पी प्रधानमंत्री बनने मंे नहीं है।

कांग्रेस की छवि ठीक करने का एंटोनी का प्रयास विफल

इससे पार्टी के अंदर कलह बढ़ा
पी श्रीकुमारन - 2013-05-21 10:35 UTC
तिरुअनंतपुरमः कांग्रेस के संगठन में फेरबदल की कोशिश पार्टी की छवि को ठीक करने के लिए की गई थी, जो पार्टी के अंदर हो रही गुटबाजी के कारण बुरी तरह खराब हो चुकी थी। प्रदेश मंत्रिमंडल में सांप्रदायिक संतुलन भी बिगड़ा हुआ था। पार्टी संगठन मे फेरबदल कर उस असंतुलन से उपजी अशांति को भी कम करने की कोशिश की गई थी। लेकिन इस कदम से स्थिति और भी बिगड़ गई है और गुटबाजी और भी तेज हो गई है।

सीबीआई को स्वायत्तता के पीछे

ब्यूरो हमेशा सरकार के अधीन ही रही है
हरिहर स्वरूप - 2013-05-20 15:02 UTC
क्या सीबीआइ्र को वास्तव में स्वतंत्र बनाया जा सकता है और इसे पूरी स्वायत्ता दी जा सकती है? शायद कभी नहीं, क्योंकि राजनीतिज्ञ इसका इस्तेमाल अपने प्रतिद्वंद्वियों से हिसाब चुकता करने के लिए करते रहे हैं और आगे भी करता रहना चाहेंगे। जब तक कोई राजनीतिज्ञ सत्ता में है, वह सीबीआई के इस्तेमाल के खिलाफ हंगामा करता है और जब वह खुद सत्ता में चला आता है, तो फिर वह खुशी से उसी एजेंसी का बॉस बनना चाहता है।

ममता सरकार के दो साल

बंगाल में अभी भी रोशनी की कमी
आशीष बिश्वास - 2013-05-18 09:38 UTC
ममता बनर्जी सरकार के दो साल पूरे हो रहे हैं। तीसरे साल में इस सरकार के प्रवेश के साथ कहीं उत्साह का माहौल नहीं दिख रहा। दो साल पूरा होने का उत्सव मनाने का कोई कारण भी नहीं दिखाई पड़ रहा।

कांग्रेस लगातार पतन की ओर

मनमोहन सिंह का प्रशंसक कोई नहीं रहा
कल्याणी शंकर - 2013-05-18 09:35 UTC
मनमोहन सिंह सरकार के दूसरे कार्यकाल के 4 साल पूरे होने जा रहे हैं। जब पहले कार्यकाल का एक साल पूरा हुआ था, तो श्री सिंह ने खुद ही अपनी सरकार को 10 में से 6 अंक दिए थे। पर अब जब वे अपनी सरकार के 9 साल पूरे कर चुके हैं और दूसरे कार्यकाल का भी अंतिम साल शुरू होने वाला है, शायद ही कोई उन्हें 10 में से 4 अंक भी देना चाहेगा।
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