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विद्यालय के विकास में छात्रों की हिस्सेदारी की भूमिका अहम

राजु कुमार - 2013-08-07 18:23 UTC
’’संविधान की धारा 21 (ए) के तहत 14 साल की उम्र तक बच्चों के लिए शिक्षा का अनिवार्य और निःशुल्क मौलिक अधिकार दिया गया है। जबतब राज्य द्वारा मूलभूत ढांचे का निर्माण नहीं होता, तब तक इस मौलिक अधिकार को जमीन पर नहीं उतारा जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए हमने 11 अक्टूबर, 2011 को राज्यों को आदेश जारी किए विद्यालयों में छात्रों और खासकर छात्राओं के लिए शौचालय की व्यवस्था की जाए। अनेक सर्वेक्षणों से यह बात सामने आ रही है कि जिन विद्यालयों में छात्रों और खासकर छात्राओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है, वहां अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में झिझकते हैं।’’

सेल्वी जे.जयललिता - देश का नेतृत्व करने के लिए एक मजबूत राजनीतिक दावेदार

एक ओपिनियन सर्वे में कुछ रोचक परिणामों का खुलासा
एस एन वर्मा - 2013-08-07 12:35 UTC
दिल्ली। सेल्वी जे.जयललिता को कुछ तथ्यों की पृष्ठभूमि के आधार पर राष्ट्रीय नेतृत्व के लिए सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया है। जयललिता के सक्षम नेतृत्व में अन्नाद्रमुक, भारत में उपलब्ध सभी दलों की तुलना में, शासन और जवाबदेही के संदर्भ में सबसे आगे है, इसी बात के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार कहा जा रहा है। यह एनआरआई पोलिटिकल रिसर्च के निष्कर्षों के अनुसार है। सभी उत्तरदाता क्वालिफाइड मेनेजर्स, इंजीनियर और बिज़नेस से जुड़े लोग थे।

मुलायम के यूपीए के समर्थन की शर्तें रखीं

मुकदमे से केन्द्र सरकार उन्हें उबारे
प्रदीप कपूर - 2013-08-05 14:07 UTC
लखनऊः बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने खाद्य सुरक्षा विधेयक के समर्थन की घोषणा कर दी है, लेकिन समाजवादी पार्टी इस मसले पर यूपीए सरकार से मोलभाव करने में जुटी हुई है। वह पहले इसके बारे में मिश्रित संदेश दे रही थी।

न्यायिक नियुक्ति आयोग के खिलाफ है बार काउंसिल आफ इंडिया

नहीं चाहता है नेताओं का हस्तक्षेप,ध्वस्त हो जाएगी न्यायपालिका
एस एन वर्मा - 2013-08-04 15:03 UTC
नई दिल्ली। केंद्र सरकार का राष्टृीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के गठन का प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। देश के वकीलों का प्रतिनिधित्व करने वाला बार काउंसिल आफ इंडिया ने इस आयोग को पूरी तरह नकार दिया है।बार काउंसिल ने इसे संविधान के तीसरा स्तंभ न्यायपालिका की आजादी के लिए खतरा बताया है।

टैक्स दस्तावेजों के खुलासे के बाद मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री संकट में

एल एस हरदेनिया - 2013-08-04 03:26 UTC
भोपालः मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की परेशानियों का कोई अंत होता नहीं दिखाई दे रहा है। सीएनएन- आईबीएन और हिंदू सके सर्वेक्षण से पता चल रहा था कि मध्यप्रदेश में भाजपा को आगामी चुनावों में भारी सफलता मिलने वाली है। इसके कारण भाजपा के हौसले बुलंद हो रहे थे, लेकिन टैक्स विभाग द्वारा किए गए खुलासे ने उसकी प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया है। इस बीच प्रदेश के राज्यपाल ने सरकार को कहा है कि वह स्थगित किए गए विधानसभा सत्र को दुबारा आहूत करें और विपक्ष द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर वहां चर्चा हो।

तेलंगाना और उसके बाद: अब आंध्र में आएगा तूफान

कल्याणी शंकर - 2013-08-02 14:04 UTC
अंततः तेलंगाना बनाने की घोषणा हो ही गयी। इस पिछड़े क्षेत्र के लोगों ने 60 साल पुराना अपना सपना सच होता देख ही लिया। अलग तेलंगाना के अस्तित्व में आने के बाद नुकसान अब समृद्ध आंध्रा को होने जा रहा है। कांग्रेस ने अलग तेलंगाना बनाने का फैसला बहुत सोच समझकर किया है और ऐसा करके उसने अपने लिए खतरा भी पैदा कर लिया है। अब सवाल यह उठता है कि अलग तेलंगाना का गठन क्या समस्या का समाधान है अथवा यह खुद अनेक समस्याओं की जननी साबित होने वाली है।

केरल कांग्रेस का भ्रम बरकरार

सबकी नजरें दिल्ली पर
पी श्रीकुमारन - 2013-08-01 13:35 UTC
तिरुअनंतपुरमः सोलर पैनल घोटाला और उस घोटाले में मुख्यमंत्री चांडी से जुड़े लोगों की खबरें सामने आने के बाद केरल की कांग्रेस ईकाई में अफरातफरी का माहौल है। मुख्यमंत्री और सरकार के भविष्य को लेकर सभी लोग संशय में हैं।

तेलेंगाना राज्य का गठन: राष्ट्रहित में नहीं हैं छोटे राज्य

उपेन्द्र प्रसाद - 2013-07-31 13:53 UTC
आखिरकार केन्द्र सरकार ने अलग तेलंगाना राज्य के गठन का फैसला कर ही लिया। इस फैसले से तेलंगाना के आंदोलनकारी खुश होंगे, क्योंकि वे लंबे अरसे से अलग राज्य की मांग कर रहे थे। सच तो यह है कि जब से तेलंगाना का आंध्र प्रदेश राज्य में विलय हुआ, उसी समय से इसे अलग करने की मांग हो रही थी। इससे जुड़ा एक तथ्य यह भी है कि राज्य पुनर्गठन आयोग ने तेलंगाना के गठन की सिफारिश की थी।

लोकतंत्र की तिल तिल कर हत्या

पश्चिम बंगाल की पंचायत चुनाव की हिंसा
नन्तू बनर्जी - 2013-07-30 13:36 UTC
पंचायतों को भारत के जमीनी लोकतंत्र का प्रतीक कहा जाता है, लेकिन पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में इसमें अभूतपूर्व हिंसा हुई। देश के किसी भी राज्य के किसी भी पंचायत चुनाव में इतनी हिंसा अब तक नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनावों में हुई हिंसा में अब तक 30 लोग मारे जा चुके हैं। सैंकड़ों लोग घायल हुए हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं। घायल लोगों में अनेक की हालत बहुत खराब है और इसलिए मरने वालों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है।

अरुणाचल प्रदेश के साथ सामरिक जुड़ाव

विलंब से समस्या पैदा हो सकती है
आशीष बिश्वास - 2013-07-29 16:20 UTC
कोलकाताः भारत का सबसे बड़ा रोड- रेल पुल ब्रह्मपुत्र नदी पर बन रहा है। यह करीब 5 किलोमीटर लंबा पुल है। इसके बनने के साथ ही अरुणाचल प्रदेश के साथ भारत के शेष भाग से लोगांे के आने जाने को काम बहुत आसान हो जाएगा।