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भारत

ज्योति बसु के खोने से अनाथ सीपीएम

पश्चिम बंगाल की राजनीति में होगा बदलाव
अमूल्य गांगुली - 2010-01-20 12:45 UTC
अब जब ज्योति बसु नहीे रहे, तो उसका असर प्रदेश की राजनीति पर पड़ना लाजिमी है। पर उसका असर क्या होगा, इसके बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) पर उनके न होने का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, क्योंकि अपने गठन काल 1964 से ही यह पार्टी श्री बसु के छाये में थी। प्रमोद दासगुप्ता और ज्योति बसु इसके गठन के बाद इसके दो सबसे बड़े नेता था। दासगुप्ता के निधन के बाद श्री बसु इसके एकमात्र सबसे बड़े नेता रह गए थे। पार्टी का कोई और नेता उनकी लोकप्रियता और उनके करिश्मे की बराबरी करने की स्थिति में कभी भी नहीं रहा।

भारत में उत्सर्जित ग्रीन हाउस गैस वैश्विक उत्सर्जन का केवल 3-4 प्रतिशत

विशेष संवाददाता - 2010-01-19 14:14 UTC
नई दिल्ली: भारत द्वारा उत्सर्जित ग्रीन हाउस गैस वैश्विक उत्सर्जन का केवल 3-4 प्रतिशत है । यूएनएफसीसीसी में दाखिल किए गए राष्ट्रीय संवाद में यह जानकारी दी गई है ।

श्री वी.के.मूर्ति को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार

विशेष संवाददाता - 2010-01-19 14:11 UTC
नई दिल्ली: जाने-माने चलचित्रकार श्री वी.के.मूर्ति को वर्ष 2008 का दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
भारत

ज्योति बसुः मिट्टी के पांव पर विशाल व्यक्तित्व

सीपीएम ने उनको अनसुना कर अपना नुकसान किया
अमूल्य गांगुली - 2010-01-19 10:30 UTC
यह एक संयोग है, लेकिन सच है कि ज्योति बसु का निधन वैसे समय में हुआ है, जब भारत में वामपंथ ढलान पर है। अपनी अधिक उम्र के कारण बसु पार्टी को सलाह देने में सक्षम नहीं थे और उनकी बात पार्टी मान ही लेती, इसकी भी कोई गारंटी नहीं थी। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि आज उनकी पार्टी को उनके जैसे एक नेता की सख्त जरूरत है।
भारत: राजनीति

भाजपा अध्यक्ष का पुतलादहन: क्या जद (यू) राजग छोड़ना चाहता है?

उपेन्द्र प्रसाद - 2010-01-18 10:57 UTC
राजग के गठन के बाद ऐया पहली बार हुआ कि देश की राजधानी में एक घटक दल ने भाजपा के अध्यक्ष का पुतला ही जला दिया। नितिन गडकरी भाजपा का अभी ताजा ताजा अध्यक्ष बने हैं। भाजपा में अध्यक्ष के रूप में वे कितने कामयाब होंगे, इसे लेकर अनुमानों और अठकलबाजियों का दौर अभी भी जारी है। भाजपा में वे कितने स्वीकृत होंगे, इसे लेकर भी तरह तरह की बातें हो रही हैं। इस तरह के अनुमानों, अटकलबाजियों और कयासों के बीच जनता दल (यू) द्वारा उनका पुतला जलाया जाना नितिन गडकरी और भाजपा दोनों को असहज कर देने वाली घटना है।
भारत: उत्तर प्रदेश

विधान परिषद चुनाव में मायावती की जीत

कांग्रेस और मुलायम को जबर्दस्त झटका
प्रदीप कपूर - 2010-01-16 11:26 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव परिणामों में मुख्यमंत्री मायावती को जन्मदिन का एक शानदार तोहफा मिला है। राज्य परिषद की 36 सीटों के लिए चुनाव हुए थे। उनमें 34 पर बसपा उम्मीदवारों की जीत हुई है।

भारत

पिछड़ेपन के सूचकांक के विकास पर राष्ट्रीय विचार-विमर्श

विशेष संवाददाता - 2010-01-14 10:30 UTC
देश में पंचायती राज प्रणाली के पुनरुद्धार और मजबूती के लिए योजना आयोग के सभी हितधारकों के जरिए सामाजिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे के सूचकांक के साथ गरीबी, साक्षरता और शिशु मृत्युदर सहित मानव विकास के सूचकांक पर आधारित (विकास खंड को इकाई मानकर) पिछड़े क्षेत्रों की पहचान करने के लिए समग्र कसौटी पर विचार करने और विकसित करने का यह उचित समय है।

निकट भविष्य में मंहगाई से राहत की कोई संभावना नहीं

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दोष राज्य सरकारों पर मढ़ा
एस एन वर्मा - 2010-01-13 12:32 UTC
नई दिल्ली। कीमतों पर नियंत्रण को ले कर हुई आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों से फिलहाल मंहगाई कम होने के आसार नजर नहीं आ रही है। खाद्यान्नों के मूल्यों के बढ़ने का ठीकरा राज्य सरकारों के सिर पर ठोक दिया गया है, और उनसे महंगाई रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की उम्मीद जताई गयी है।

बिहार में कांग्रेस का क्या फिर से उभार होगा?

उपेन्द्र प्रसाद - 2010-01-13 12:04 UTC
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने अब बिहार की ओर रुख किया है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस इस समय वहां की दो प्रमुख राजनैतिक दलों में उक हो गई है। आगामी विधानसभा चुनाव में वहां मुख्य मुकाबला बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बीच ही होना है।
भारत: राजनीति

क्या सपा टूट की ओर बढ़ रही है?

पार्टी के सामने ठाकुरों का समर्थन खोने का खतरा
प्रदीप कपूर - 2010-01-12 10:57 UTC
लखनऊः क्या सफई महोत्सव अमर मुलायम के बीच के बीच पैदा हुई खाई को पाटने में सफल हो पाएगा? गौरतलब है कि मुलायम सिंह इटावा जिले के अपने गांव में प्रत्येक साल एक सप्ताह तक चलने वाले उत्सव का आयोजन करते हैं, जिसे वे सफई महोत्सव का नाम देते हैं। यह उत्सव कुछ दिनों के अंदर ही आयोजित होने वाला है।
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