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क्या ठाकरे बंधु एक होंगे?

राज ठाकरे की भूमिका हो रही है महत्वपूर्ण
कल्याणी शंकर - 2013-02-08 17:13 UTC
शिवसेना सुप्रीमो बाला साहब ठाकरे की मौत के बाद यह अटकलबाजी तेज हो गई है कि क्या उनके बेटे उद्धव और भतीजे राज आपसी मतभेद भूलकर फिर एक साथ हो जाएंगे। कहा जा रहा है कि अपनी मौत के पहले बाल ठाकरे ने अपने बेटे और भतीजे को कहा था कि वे आपसी मतभेद भूलकर फिर से एक साथ आ जाएं। राज और उद्धव के मामा वैद्य ने सार्वजनिक रूप से संकल्प लिया है कि वे बाल ठाकरे के इस सपने को पूरा करवा कर ही दम लेंगे।

केरल सरकार पर सूर्यनेल्ली बलात्कार कांड की छाया

सरकार का रवैया देश के मूड के विपरीत
पी श्रीकुमारन - 2013-02-07 13:14 UTC
तिरुअनंतपुरमः कांग्रेस और उसके नेतृत्व वाला यूडीएफ एक नये तूफान में फंसे दिख रहे हैं। यह तूफाल सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के कारण आया है। यह आदेश सूर्यनेल्ली बलात्कार कांड से संबंधित है।

हिंदुत्व एजेंडे की शरण में भाजपा

क्या कार्यकत्र्ताओं में जोश भर पाएगी यह रणनीति
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-02-06 17:56 UTC
नरेन्द्र मोदी को पार्टी का प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने की बढ़ती मांग के बीच में भारतीय जनता पार्टी ने अपने हिंदुत्व एजेंडे की ओर फिर से वापसी के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। इलाहाबाद में महाकुंभ के मौके का इस्तेमाल करके पार्टी साधु संतो के बीच अपनी उपस्थिति दर्शाने की कोशिश कर रही है।

पद्मा नदी पर बन रहे पुल पर भारत चीन का सहयोग

बाग्लादेश इस प्रोजेक्ट मे पश्चिमी निवेश का मुहताज नहीं
आशीष बिश्वास - 2013-02-05 16:22 UTC
कोलकाताः पश्चिमी देशों के साथ बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद का मौन युद्ध जारी है। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि बांग्लादेश अब पद्मा नदी पर बन रहे करीब 3 अरब डालर की लागत वाले पुल के निर्माण के लिए विश्व बैंक से सहायता की मांग भी नहीं कर रहा है।

उत्तर प्रदेश में निवेश का बनता माहौल

ग्लोबल पार्टनरशिप सम्मेलन सफल रहा
प्रदीप कपूर - 2013-02-04 13:19 UTC
लखनऊः आगरा में कुछ दिन पहले भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा ग्लोबल पार्टनरशिप सम्मेलन हुए। उस सफल सम्मेलन के बाद उम्मर प्रदेश को उम्मीद है कि वहां आने वाले दिनों में अच्छा खासा औद्योगिक निवेश होने वाला है। उस सम्मेलन ने निश्चय ही प्रदेश के निवेश माहौल को कुछ बेहतर बनाया है।
शाहरुख प्रकरण की सीख

भावनाओं पर काबू हो तो शरारती तत्व लाभ नहीं उठा पाएंगे

अवधेश कुमार - 2013-02-02 18:14 UTC
शाहरुख खान के जीवन से किसे रश्क नहीं होगा। एक आम थियेटर कलाकार से भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार तक का उनका सफर वर्तमान समय के युवाओं के अंदर भी वैसा ही करने और बनने की प्रेरणा देता है। उनके हाव-भाव, पहनावा, बोलचाल...को अपनाने की ललक युवाओं के बड़े वर्ग के अंदर है। उनकी बातंें मीडिया तक की सुर्खियां बनतीं हैं। वे जहां जाते हैं भीड़ उनके ईर्द-गिर्द खड़ी हो जाती है। आज के समय में कौन होगा जो ऐसा जीवन नहीं चाहेगा। हर दृष्टि से शाहरुख को शत-प्रतिशत सफल जीवन का पर्याय माना जाता है। ऐसा व्यक्ति अगर कुछ अनपेक्षित बोलता है तो इसकी प्रतिक्रिया भी उसी रूप में होती है।

केन्द्र के पास अभी भी तेलंगाना समस्या का समाधान नहीं

हैदराबाद और जल बंटवारा सबसे अहम चुनौती
कल्याणी शंकर - 2013-02-01 12:12 UTC
केन्द्र सरकार द्वारा अलग तेलंगाना राज्य पर टाल मटोल की नीति अपनाए रखने के कारण आंध्र प्रदेश में एक बार फिर आंदोलनों का दौर शुरू हो गया है। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसके लिए 28 फरवरी का एक डेडलाइन दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। सरकार कह नहीं रही है, लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि कांग्रेस नहीं चाहती की इस मसले पर उसके लोकसभा इस समय इस्तीफा दें, क्योंकि बजट सत्र के दौरान अनेक कानून बनाने हैं और वैसा करने के लिए उन सांसदों के मतदान की जरूरत पड़ेगी। इसलिए अब सरकार चाहती है कि अलग राज्य के मसले पर कोई निर्णय बजट सत्र के बाद ही हो।

नायरों की धमकी से प्रदेश सरकार की धड़कनें तेज

तुष्टीकरण की नीति का भुगतना पड़ रहा है खामियाजा
पी श्रीकुमारन - 2013-01-31 13:14 UTC
तिरूअनंतपुरमः तुष्टिकरण की नीति से अंत मे नुकसान ही होता है। केरल में कांग्रेस और इसके नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार को इस हकीकत का पता लग रहा है, लेकिन इसका ज्ञान उसे भारी कीमत चुकाने के बाद ही हो रहा है।

क्या भ्रष्टाचार में समाजिक समता लाने की ताकत है?

आशीष नंदी का हैरतअंगेज समाजशास्त्र
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-01-30 13:39 UTC
समाजशास्त्री आशीष नंदी के पिछड़े, दलितों और आदिवासियों को पिछले दशक के भ्रष्टाचार के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार मानने वाले बयान पर तो चर्चा खूब हो रही है, लेकिन विवाद खड़ा होने के बाद उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए जो कुछ कहा है, वह उस विवादित बयान से भी ज्यादा खतरनाक और आपत्तिजनक है।

अलग गोरखा राज्य की मांग अभी भी जिंदा

ममता बनर्जी के सामने एक नई चुनौती
आशीष बिश्वास - 2013-01-29 17:11 UTC
कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस के हलकों में विपक्षी वाम मोर्चा के फिर से मजबूत होने को लेकर उतनी चिंता नहीं है, जितनी चिंत अलग प्रदेश की मांग को लेकर गोरखा जन्मुक्ति मोर्चा द्वारा पेश की चुनौती से है। मोर्चा ने गोखालैंड की मांग को लेकर फिर से आंदोलन तेज करने की योजना बनाई है।