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बेसब्री से इंतजार है जनता को मानसून सत्र का

एस एन वर्मा - 2011-07-30 16:03 UTC
नई दिल्ली। एक अगस्त से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से आम आदमी को काफी उम्मीदें है। लोकपाल बिल और भूधिग्रहण विधेयक इसी सत्र में पारित होने हैं। बहुप्रतिक्षित खाद्य सुरक्षा विधेयक भी इसी सत्र में रखा जाएगा। लेकिन सत्र निर्विध्न रूप से चल पाएगा इसको लेकर भी आशंका जतायी जा रही है। विपक्ष सरकार को घेरने के लिए पूरी तैयारी कर चुका है। मंहगाई और ,भ्रष्टाचार और आतंरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर जोरदार बहस हो सकती है। अन्ना हजारे और बाबा रामदेव ने क्रमशः भ्रष्टाचार और कालाधन को लेकर दिल्ली में आंदोलन किए हैं,उसके नतीजे भी इसी सत्र में दिखने मिल सकते हैं।

मायावती ने भी विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसी

कांग्रेस ओर समाजवादी पार्टी पर जवाबी हमले की तैयारी
प्रदीप कपूर - 2011-07-29 12:26 UTC
लखनऊः बसपा प्रमुख मुख्यमंत्री मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए विरोधी पार्टियों के खिलाफ अभियान तेज करने का फैसला किया है। उनके निशाने पर खासतौर से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी होंगी।

दूसरे दौर के सुधार के लिए दृढ़ हैं प्रधानमंत्री

अपने आपको साबित करना चाहेंगे मनमोहन सिंह
नित्य चक्रबर्त्ती - 2011-07-28 11:36 UTC
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह दूसरे दौर के सुधार कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ दिखाई पड़ रहे हैं। अगले मानसून सत्र में वे अनेक ऐसे कानून बनाने की कोशिश करते दिखाई देंगे, जो न केवल राजनैतिक रूप से, बल्कि आर्थिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण होंगे।

यूडीएफ सरकार की दरार दिखी

स्पीकर ने बचाई जान
पी श्रीकुमारन - 2011-07-27 09:17 UTC
तिरुअनंतपुरमः विधानसभा सत्र के दौरान केरल की यूडीएफ सरकार उस समय गिरते गिरते बची, जब सदन में वोटिंग किया जाना था। उस समय सदन में सरकारी पक्ष के सभी विधायक उपस्थित नहीं थे। विपक्षी सदस्यों की संख्या ज्यादा थी। यदि समय पर वोटिंग होता तो सरकार का गिरना तय था। पर विधानसभा के स्पीकर ने वोटिंग में विलंब करवा दिया और इस तरह से सरकारी पक्ष को अन्य सत्ताधारी विधायकों को सदन में लाने का मौका मिल गया।

विधानसभा सत्र में दिग्विजय सिंह छाए रहे

कांग्रेस ने राज्य में आरएसएस की सरकार होने का आरोप लगाया
एल एस हरदेनिया - 2011-07-27 09:14 UTC
भोपालः मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र 12 जुलाई को शुरू हुआ था, जो 22 जूलाई को समाप्त हो गया। इसके बीच के तीन दिन विधानसभा की बैठक नहीं हुई, क्योंकि उन दिनों छुट्टी थी।

भाजपा का येदुरप्पा संकट

पार्टी को इससे अब मुक्त होना ही होगा
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-07-27 09:11 UTC
भारतीय जनता पार्टी वह करने की हिम्मत नहीं जुटा रही है, जो उसे बहुत पहले कर देना चाहिए था। कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदुरप्पा के भ्रष्टाचार की खबरें बहुत दिनों से आ रही हैं और कांग्रेस उसका इस्तेमाल अपने नेताओं के भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम को रोकने के लिए कर भी रही है। इसके बावजूद भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व येदुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाकर किसी और को उनकी जगह बैठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।

सांसद विकास निधि में बढ़ोत्तरी

इस योजना ने सांसदों की छवि कलंकित की है
अवधेश कुमार - 2011-07-27 09:09 UTC
सांसद विकास निधि में सरकार ने आरंभिक हिचकिचाहट प्रदर्शित करने के बाद एकमुश्त तीन करोड़ रुपए की वद्धि कर दी है। अब सांसदों को विकास के लिए प्रतिवर्ष दो करोड़ की बजाय पांच करोड़ रुपया मिला करेगा। इस वृद्धि के साथ सांसद विकास निधि का कुल वार्षिक खर्च 1580 करोड़ की जगह 3950 करोड़ रुपया हो जाएगा। यह ऊपरी तौर पर दिखाई पड़ रहे उस माहौल के विपरीत है जिसमें लग रहा था कि सांसदों का बहुमत इस योजना को बनाए रखने के पक्ष में नहीं है।

कांग्रेस का एजेंडा दिग्विजय तैयार करते हैं

राहुल के अंदर दूसरे स्थान पर काबिज होने की तैयारी
कल्याणी शंकर - 2011-07-27 09:06 UTC
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पार्टी के अंदर एक विशेष स्थान बना लिया है। विवादास्पद बयान देना उन्होंने अपनी आदत बना ली है। चाहे जो भी मसला हो, वे विवादास्पद बयान जरूर देते हैं, भले ही उसके कारण पार्टी को उस समय कुछ परेशानी होती हो। बाद में देखा जाता है कि उनकी लाइन की पार्टी की लाइन बन जाती है। यह कोई एक बार नहीं हुआ है। ऐसा बार बार होता आ रहा है। इससे यह पता चलता है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की नजर में वे कितने महत्वपूर्ण बन गए हैं।

जयललिता की सत्ता पर न्यायपालिका का अंकुश

शिक्षा के क्षेत्र में मनमानी नहीं कर पाई मुख्यमंत्री
एस सेतुरमण - 2011-07-27 09:03 UTC
चेन्नईः सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री जयललिता ने एक के बाद एक निर्णय लेने शुरू कर दिए। शुरुआती दो महीने तो ठीकठाक रहा, लेकिन उसके बाद न्यायपालिका ने उनके एक निर्णय पर ब्रेक लगाकर उन्हें अहसास दिला दिया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मुख्यमंत्री जो चाहे, वह सभी काम नहीं कर सकता। उसे नियम कायदों और कानूनों के मुताबिक ही चलना होता है।

संसद में फिर होगा हंगामा

जाति जनगणना पर फिर छिड़ी बहस
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-07-27 09:00 UTC
नई दिल्लीः यदि केन्द्र सरकार की मानें तो देश में जाति जनगणना शुरू हो चुकी है। इसकी शुरुआत 29 जून को त्रिपुरा में हुई। केन्द्र सरकार ने संसद में यह आश्वासन दिया था कि जाति जनगणना जून महीने में शुरू हो जाएगी। यह आश्वासन उस समय दिया गया था, जब विपक्ष फरवरी महीने में हो रही जनगणना में ही जाति को गिनने की मांग कर रहे थे।