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सीतारमण का निर्मल बजट: दावे कितने सही हो पाएंगे?

उपेन्द्र प्रसाद - 2019-07-05 10:42 UTC
पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार का बजट पेश करते हुए यह साबित करने की कोशिश की है कि उनमें एक अर्थशास्त्री की दृष्टि है। यह दृष्टि उनके पूर्ववर्ती अरुण जेटली में नहीं थी, क्योंकि वे अर्थशास्त्र की पृष्ठभूमि से थे ही नहीं। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की अर्थशास्त्र की छात्रा रहीं निर्मला सीतारमण ने वह सब करने की कोशिश की है, जो करने का वायदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले दिनों संपन्न लोकसभा के चुनाव प्रचार के दौरान कर रहे थे।

पीएम मोदी के कठोर शब्दों का मध्यप्रदेश में स्वागत

प्रदेश भाजपा कार्रवाई को लेकर अनिर्णय की स्थिति में
एल एस हरदेनिया - 2019-07-04 11:16 UTC
भोपालः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आकाश विजयवर्गीय की गुंडागर्दी के कृत्य की निंदा सुनने के बाद मध्य प्रदेश सरकार के सभी सरकारी कर्मचारियों ने राहत की सांस ली होगी। लोकसभा चुनावों के बाद राज्य के विभिन्न जिलों के सरकारी सेवकों पर हमले की खबरें सामने आ रही थीं। अधिकांश मामलों में अपराधी भाजपा या उनके सहायक संगठनों के होते हैं। हिंसक हमले के अलावा भाजपा नेताओं ने मौखिक धमकी भी दी। भाजपा के कैडरों ने प्रदेश की सत्ता जाने के बाद आतंक का माहौल बना दिया था।

आरक्षण की राजनीति के साईड इफेक्ट

उत्तर प्रदेश की कुछ ओबीसी जातियों का स्टैटस क्या है?
उपेन्द्र प्रसाद़ - 2019-07-03 11:13 UTC
पुराणों में त्रिशंकु नाम के एक राजा की कहानी है। कहानी के अनुसार त्रिशंकु जीते जी स्वर्ग जाना चाहते थे। ऋषि विश्वामित्र ने अपने तपोबल से उन्हें स्वर्ग की ओर भेज दिया। लेकिन स्वर्ग के देवों को यह मंजूर नहीं था। इसलिए त्रिशंकु स्वर्ग से जमीन पर नीचे गिरने लगे। तब विश्वामित्र ने अपने तपोबल से त्रिशंकु को नीचे गिरने से रोक दिया और तरह वे स्वर्ग और पृथ्वी के बीच ही लटक कर रह गए। देवताओं और विश्वामित्र में सहमति हो गई कि उन्हें बीच में ही रहने दिया जाय और तब से त्रिशंकु दक्षिण आसमान की ओर आकाश में लटके हुए हैं।

पूजा के पाखंड से गंगा की सफाई नहीं हो सकती

मोदी की नाक के नीचे यमुना सबसे ज्यादा प्रदूषित
ज्ञान पाठक - 2019-07-02 17:34 UTC
नमामि गंगे, अविरल धरा, निर्मल धरा, और स्वच्छ किनारा केवल कुछ आकर्षक नारे हैं जो पिछले पांच वर्षों से उपयोग में हैं। इस तरह के नारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिति की भयानक वास्तविकता को छिपाने में उपयोगी हो रहे हैं। यद्यपि उनके शब्दों और कर्मों के बीच का विशाल अंतर उनकी विफलता को उजागर करने के लिए पर्याप्त है। नमामि गंगे कार्यक्रम एक उदाहरण है। गंगा अशुद्ध बनी हुई है, और यमुना जो नमामि गंगे का हिस्सा है, मोदी की नाक के नीचे दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषित है। वह आम लोगों को इसके लिए दोषी नहीं ठहरा सकते क्योंकि औद्योगिक और नगर निगम के कचरे के कारण यमुना प्रदूषित है।

सूखे का गहराता संकट

पहले से तैयारी का तंत्र विकसित करना होगा
अनिल जैन - 2019-07-01 09:30 UTC
भीषण गरमी, मॉनसून में देरी और प्री मॉनसून बारिश की कमी ने इस साल देश में सूखे के संकट को गंभीर बना दिया है। आईआईटी, गांधीनगर के वैज्ञानिकों के मुताबिक देश का लगभग आधा हिस्सा सूखे से प्रभावित है और इसमें भी 16 फीसद इलाके तो भीषण सूखे की मार झेल रहे हैं। इस स्थिति की जानकारी रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए हासिल हुई है। आईआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर विमल मिश्र के मुताबिक देश में सूखे की स्थिति के अध्ययन के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम उनकी टीम द्वारा चलाया जाता है।

कांग्रेस में अब इस्तीफों का दौर

नाटक जारी है
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-29 09:57 UTC
कांग्रेस में अब इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। यह नाटक का अगला अध्याय है। यह अध्याय राहुल गांधी की उस तलाड़ से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने तो इस्तीफा दे दिया, लेकिन और लोग अपने अपने पदों पर जमे हुए हैं। यह उन्होंने उस समय कहा जब युवा कांग्रेस के कार्यकत्र्ता उनके घर पर प्रदर्शन करते हुए उनसे अपना इस्तीफा वापस लेने की मांग कर रहे थे।

चिकित्सा शिक्षा नीति में कई झोल हैं

योग्य गरीब छात्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने चाहिए
डॉ अरुण मित्रा - 2019-06-28 11:16 UTC
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 का मसौदा सार्वजनिक हो चुका है। इसका मतलब यह है कि देश भर के लोग इस मसौदे पर अपने इनपुट दे सकते हैं, और उसके बाद संसद में बहस के बाद स्थायी समिति में इस पर चर्चा की होगी। चिकित्सा शिक्षा पर आम तौर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति दस्तावेज के साथ बहस की जाती है। लेकिन वर्तमान राष्ट्रीय शिक्षा नीति दस्तावेज ने खंड संख्या 16.8 में इसे ‘हेल्थकेयर शिक्षा’ के रूप में स्थान दिया है।

बिहार में लालू युग का अंत

कौन भरेगा राजनैतिक शून्य?
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-06-27 11:11 UTC
लोकसभा चुनाव के नतीजों ने बिहार में लालू युग का खात्मा कर दिया है। वैसे लालू यादव की राजनैतिक मौत 2014 के लोकसभा चुनाव में ही हो गई थी। मुकदमे में सजा पाने के बाद वे 2014 के लोकसभा चुनाव मेे खुद खड़े होने के योग्य नहीं रह गए थे। सोनिया गांधी ने एक अध्यादेश तैयार से उन्हें चुनाव लड़ने योग्य बनाने की कोशिश की थी, लेकिन राहुल गांधी ने उस कोशिश पर पानी फेर दिया था। उन्होंने उस अध्यादेश की काॅपी एक प्रेस कान्फ्रेंस में फाड़कर अपना खुला विरोध जाहिर किया था और मनमोहन सरकार को वह अध्यादेश वापस लेना पड़ा था।

मध्ययुगीन काल के मध्यकाल के कालखंडों में त्राहि-त्राहि मच गई

कमल नाथ-स्काइंडिया रिफ्ट वेडिंग
एल एस हरदेनिया - 2019-06-26 12:18 UTC
भोपलः यह एक तूफानी सप्ताह था जो 22 जून को समाप्त हो गया। उम्मीद की जा रही थी कि इस सप्ताह कैबिनेट फेरबदल होगा। लेकिन यह अफवाह साबित हुई। हालांकि सप्ताह के अंत तक फेरबदल का लोग इंतजार करते रहे। कैबिनेट परिवर्तन की रिपोर्टों ने मुख्यमंत्री और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच संभावित दरार का संकेत भी दिया।

समाजवादी पार्टी का अबतक के सबसे बड़े संकट से सामना

हार की समीक्षा के लिए अभी तक नहीं हुई है बैठक
प्रदीप कपूर - 2019-06-25 10:54 UTC
लखनऊः लोकसभा चुनाव के बाद बसपा नेता मायावती द्वारा डंप किए जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी अब तक के अपने इतिहास का सबसे बड़ा संकट का सामना कर रही है। समाजवादी पार्टी को जोर का झटका लगा क्योंकि पार्टी लोकसभा चुनावों में लड़ी गई 37 में से केवल पांच सीटें ही हासिल कर सकी।