लालू यादव का ओबीसी कार्ड
काठ की हाड़ी दो बार चूल्हे पर नहीं चढ़ती
-
2015-09-28 13:20 UTC
राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू यादव बिहार के इस चुनाव को अपने अंतिम चुनाव की तरह ले रहे हैं और इसके द्वारा अपने बेटों को राजनीति में स्थापित करने के लिए वह सबकुछ करने को तैयार हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया था। अपने चुनाव अभियान की शुरुआत उन्होंने बिहार के उस विधानसभा क्षेत्र से कीए जहां आधिकारिक रूप से चुनाव प्रचार का समय भी शुरु नहीं हुआ था। गौरतलब हो कि नामांकन वापसी की अंतिम तारीख बीत जाने के बाद जब निर्वाचन अधिकारी किसी क्षेत्र के सभी उम्मीदवारों की सूची उनके चुनाव चिन्हों के साथ जारी कर देते हैं, उसके बाद का समय ही उस विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार का दौर शुरू होता है। लालू यादव ने अपना पहला चुनावी भाषण 27 सितंबर को राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से शुरू किया और उस क्षेत्र में अभी नामांकन शुरू भी नहीं हुआ था। वहां मतदान तीसरे दौर में होगा। कायदे से चुनाव का प्रचार तो पहले दौर वाले विधानसभा क्षेत्रों से शुरू होना चाहिए था, लेकिन लालू यादव ने तीसरे दौर के क्षेत्र में चुनाव प्रचार शुरू किया, क्योंकि वहां से उनके बेटे चुनाव लड़ने वाले हैं। इससे पता चलता है कि लालू यादव की राजनीति में प्रतिबद्धता क्या है।