लालू का साथ पड़ रहा है नीतीश को भारी
यादव नेता के बयानों से हो रहा है नुकसान
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2015-10-08 11:03 UTC
लोकसभा चुनाव हार के बाद अपने राजनैतिक अस्तित्व के संकट का सामना कर रहे नीतीश ने लालू के साथ हाथ मिला लिया था। उनके दल की सरकार अल्पमत में आ गई थी, इसलिए भी लालू का समर्थन लेना उनके लिए जरूरी हो गया था। लालू यादव एक के बाद एक 5 आम चुनाव हार चुके थे। 2005 फरवरी में हुए विधानसभा सभा चुनाव में उन्हें 75 सीटें मिलीं। उसी साल नवंबर में हुए विधानसभा के चुनाव में जीती गई सीटों की संख्या घटकर 55 हो गई और 2010 में हुए विधानसभा के चुनाव में तो लालू के मात्र 22 विधायक ही जीत पाए थे। इस दौरान 2009 और 2014 में हुए लोकसभा चुनावों मंे भी लालू का दल हारा। उनके लिए सबसे बुरी बात तो यह थी कि 2014 के लोकसभा चुनाव में उनकी बीवी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती भी चुनाव हार गईं थी। उसके पहले 2010 में हुए विधानसभा के चुनाव में भी राबड़ी देवी दोनों जगहों से चुनाव हारी थीं। लालू यादव खुद 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में पाटलिपुत्र सीट से चुनाव हारे थे, हालांकि एक अन्य सीट सारण से चुनाव जीतकर वे लोकसभा में पहुंचने में सफल हो गए थे।