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भारत

ऑटोमोबाइल उद्योग 2011 में विद्युत चुम्बकीय अनुकूलता वाहन लायेगा

विशेष संवाददाता - 2010-12-29 17:45 UTC
नई दिल्ली: ऑटोमोबाइल उद्योग ने नववर्ष के दौरान देशभर में विद्युतीय चुम्बकीय अनुकूलता मानदंडों वाले वाहन बाजार में उतारने का स्वागत किया है। विद्युत चुम्बकीय अनुकूलता मानदंडों के अनुसार ऑटोमोबाइल उद्योग वर्ष 2011 से इन मानदंडों के अनुकूल वाहन बाजार में उतारेगा।

भारत 200 अरब अमरीकी डॉलर का निर्यात लक्ष्य हासिल करने की ओर

विशेष संवाददाता - 2010-12-29 12:47 UTC
नई दिल्ली: नवंबर 2010 में भारत के निर्यात में 26.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह बढक़र 18.9 अरब अमरीकी डॉलर हो गया। वहीं आयात में इस महीने 11.2 फीसदी की वृद्धि हुई जो 27.8 अरब अमरीकी डॉलर तक जा पहुंचा। अप्रैल से नवंबर 2010 के बीच निर्यात 26.7 फीसदी की दर से बढ़ते हुए 140.3 अरब अमरीकी डॉलर तक जा पहुंचा। दूसरी ओर आयात 24 फीसदी बढक़र 222 अरब अमरीकी डॉलर हो गया। इस तरह मौजूदा वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों में कुल व्यापार घाटा 81.7 अरब अमरीकी डॉलर का हो गया है। अप्रैल से नवंबर 2010 के बीच इंजीनियरी, रत्न और आभूषण, पेट्रोलियम और इसके उत्पाद, चमड़ा और चमड़े के उत्पाद, कालीन, प्लास्टिक और लाइनोलियम, सूती धागे, रसायन आदि क्षेत्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

जनवरी से अक्तूबर के बीच आया 17.37 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

विशेष संवाददाता - 2010-12-29 12:43 UTC
नई दिल्ली: मौजूदा कैलेंडर वर्ष यानी जनवरी से अक्तूबर 2010 के बीच 17.37 अरब अमरीकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले सात महीनों यानी अप्रैल से अक्तूबर, 2010 के बीच देश में 12.40 अरब अमरीकी डॉलर एफडीआई का आगमन हुआ। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2009-10 में देश में कुल 25.89 अरब अमरीकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया था।

वन एवं वन्‍यजीव पर्यावरण अनुकूल समिति गठित

विशेष संवाददाता - 2010-12-29 12:41 UTC
नई दिल्ली: वन एवं वन्‍यजीव पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के संबंध में नियम और शर्तों को अंतिम रूप देने के लिए पूर्व पर्यटन सचिव की अध्‍यक्षता में एक सात सदस्‍यीय समिति का गठन किया गया । वन संरक्षण कानून, वन्‍य जीव संरक्षण और राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा दिये गये सुझावों के मद्देनजर यह स्‍थिति दिशानिर्देशों को संख्‍त बनायेगी ।
भारत

करुणाकरण के बाद केरल में कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस कमिटी के समीकरण बदलेंगे
पी श्रीकुमारन - 2010-12-29 12:29 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल की राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले के करुणाकरण के निधन के बाद राज्य की राजनीति का एक अध्याय समाप्त हो गया है।

गुर्जर आंदोलन पर सरकार की चुप्पी

जाति जनगणना का सहारा गहलौत क्यों नहीं लेते?
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-12-28 13:14 UTC
गुर्जर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और सरकार उस पर चुप्पी साधे हुए है। आंदोलन का केन्द्र तो राजस्थान है, पर हम देख चुके हैं कि यह उसी राज्य तब सीमित नहीं रह जाता है। देश की राजधानी दिल्ली में भी यह प्रवेश कर चुका है। जाहिर है यह सिर्फ राजस्थान की गहलौत सरकार की ही समस्या नहीं है, बल्कि केन्द्र सरकार को भी इसमें हस्तक्षेप करना होगा। दोनों सरकारों को स्पष्ट करना होगा कि उनकी मांगे मानने लायक है या नहीं। यदि उनकी मांगे मानने लायक हैं, तो उन्हें मांग ली जानी चाहिए और यदि वे पूरी नहीं हो सकतीं, तो उन्हें साफ साफ कह दिया जाना चाहिए कि वे जो मांग रहे हैं, वे उन्हें मिलने वाला नहीं है।

कोंकण रेलवे ने विकसित किया गजब का ट्रेन रक्षा कवच

snverma - 2010-12-27 12:00 UTC
नई दिल्ली। ट्रेन दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात हो चुके भारतीय रेलवे को कोंकण रेलवे कारपोरेशन लिमिटेड ने एक आशा की किरण दिखलाया है। कोंकण रेलवे ने एक ऐसा रक्षा कवच विकासित किया है जो ट्रेनों केा सामने से ,पीछे से और बगल से टक्करों से बचाता है। यह कवच ड्राइवरों को समपार फाटकों तथा स्टेशनों पर अग्रिम चेतावनी देता है। कोंकण रेलवे ने इस कवच का नाम एसीडी अर्थात एंटी कोलिजन डिवाइस दिया है।

चिदम्बरम का बयान और सफाई

ऐसी सोच का आधार ही गलत है
अवधेश कुमार - 2010-12-27 11:28 UTC
गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि विवाद खत्म करने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि मैं संबंधित प्रश्न पर अपना जवाब वापस ले लूं और मैंने वही किया है। चिदम्बरम एक बुद्धिमान राजनेता और वकील हैं और उन्होंने अपने वक्तव्य पर उठते गुब्बार को भांप लिया होगा, इसलिए ऐसा किया। लेकिन चिदम्बरम एक- एक शब्द सोच- समझकर बोलने वाले नेता हैं। कोई यदि तीव्र आक्रोश, क्षोभ या गुस्से की मनःस्थिति में नहीं हैं तो जो कुछ भी बोलता है वह उसकी सोच की ही अभिव्यक्ति होती है। कोई यह कह दे कि हमने अपना कहा वापस ले लिया उससे विवाद पर भले पूर्ण विराम लग सकता है, पर कई प्रश्न अनुत्तरित रह जाते हैं। ऐसा ही इस मामले में है। चिदम्बरम ने जो कहा क्या वह तथ्यों की कसौटी पर सच है? ऐसा कहने के पीछे उनकी मंशा क्या थी एवं इस मंशे का अर्थ क्या है?

भविष्य की परिवहन सेवा होगी स्काई बस

एस एन वर्मा - 2010-12-26 06:37 UTC
नई दिल्ली: पूरे देश में बढ़ते शहरीकरण के कारण उत्पन्न परिवहन की मांग को देखते हुए कोंकण रेलवे ने इसका एक नायाब हल ढूंढ निकाला है। कोंकण रेलवे द्वारा एक ऐसा परिवहन का साधन विकसित किया गया है, जो न तो आकाशीय है और न जमीनी बल्कि त्रिशंकु की भांति बीच में लटक कर चलने वाली स्काई बस है। कोंकण रेलवे इस अनोखी परियोजना पर पिछले कई वर्षों से कार्य रही है।

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था बाहरी और घरेलू आघात सहने के लिए पर्याप्‍त लचीली

मगर अब भी कई चुनौतियां मौजूद : श्री प्रणब मुखर्जी
विशेष संवाददाता - 2010-12-24 18:57 UTC
नई दिल्ली: केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि 2010-11 की पहली छमाही में सकल घेरलू उत्‍पाद (जीडीपी) 8.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जबकि पिछले दो वर्ष में यह औसतन 7 प्रतिशत पर रही थी।