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अगले लोकसभा चुनाव के लिए मोदी का युद्धघोष

लोकसभा के बयान का यही मतलब है
हरिहर स्वरूप - 2017-02-13 17:00
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ले लोकसभा के अपने भाषण में मनमोहन सिंह पर जो हमला किया, वह उत्तर प्रदेश व अन्य पांच राज्यों के लिए चुनावों को ध्यान में रखते हुए नहीं था, बल्कि उसका उद्देश्य 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के अभी से भूमिका तैयार करना था। उसे आप उस चुनाव का युद्धघोष भी कह सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में करो या मरो की लड़ाई

मायावती और मोदी का भविष्य दांव पर
उपेन्द्र प्रसाद - 2017-02-11 12:24
उत्तर प्रदेश में पहले चरण का मतदान हो चुका है। इसी के साथ साथ चुनावी नतीजे मतदान मशीनों में बंद होने शुरू हो गए हैं। यह चुनाव अनेक नेताओं के लिए करो या मरो का चुनाव हो गया है। एक नेता तो मुलायम सिंह यादव हैं, जो चुनाव के पहले ही इस संग्राम से बाहर हो गए दिखाई पड़ रहे हैं। पिछला विधानसभा चुनाव उनकी पार्टी ने उनके नेतृत्व में ही जीता था। लेकिन जीतकर उन्होंने अपने बेटे अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया। इस बार चुनाव के पहले वे अपने बेटे से भिड़े दिखाई पड़े और उस संघर्ष में जीत उनके बेटे की हुई और फिर नेताजी मुलायम सिंह यादव की भूमिका अपने बेटे के पीछे पीछे चलने की हो गई है। शायद यह अंतिम विधानसभा है, जिसमें मुलायम कुछ सक्रियता के साथ हिस्सा ले रहे हैं। अब उनकी राजनैतिक सक्रियता अनिश्चय के दौर में पहुंच गई है। कुछ लोग तो उनकी राजनैतिक मौत की बात भी कहने लगे हैं।

उत्तराखंड में मोदी बनाम रावत

कांग्रेस और भाजपा को अंदर से भी मिल रही है चुनौतियां
मृगांक एम भौमिक - 2017-02-10 17:17
देहरादूनः उत्तराखंड के चुनावी नतीजे क्या होंगे, इसे लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों अभी अंधेरे में हैं। सोशल मीडिया पर भी सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं कि कौन पार्टी आगे रहेगी। या सच भी है, क्योंकि दोनों पार्टी मे से किसी को पता नहीं है कि वह चुनाव जीत ही लेगी। बस दोनों जीत की उम्मीद ही कर रही है।

केन्द्रीय बजट में केरल की एक बार फिर उपेक्षा

केरलवासी एक बार फिर ठगे से हैं
पी श्रीकुमारन - 2017-02-09 10:58
तिरुअनंतपुरमः अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए केन्द्रीय बजट ने एक बार फिर केरल को निराश किया है। पहले भी ऐसा ही होता रहा है, लेकिन इस बार केरल को उम्मीद थी कि इतिहास नहीं दुहराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में हिन्दुत्व के भरोसे भाजपा

क्या यह रणनीति काम कर पाएगी?
उपेन्द्र प्रसाद - 2017-02-08 12:42
एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में राम का आलाप करना शुरू कर दिया है। पिछले 27 वर्षों से जब कभी भी उत्तर प्रदेश में चुनाव होता है, भारतीय जनता पार्टी एकाएक रामभक्ति में डूब जाती है। 2014 का लोकसभा चुनाव एक अपवाद था। उसमें भी हल्के स्वर में राममंदिर की थोड़ी बहुत चर्चा हुई थी, लेकिन वह चुनाव का मुख्य स्वर नहीं बन पाया था। प्रदेश की जातिवादी और सांप्रदायिक अवस्था भाजपा के अनुकूल थी। दंगों के कारण माहौल में सांप्रदायिकता की हवा थी और मुलायम व माया से मोहभंग के कारण ओबीसी समुदाय के लोग अपने आपको नरेन्द्र मोदी को वोट देने के लिए तैयार बैठे थे। लिहाजा भारतीय जनता पार्टी को अभूतपूर्व सफलता मिली और उत्तर प्रदेश के प्रदर्शन के कारण उसे अपने बूते लोकसभा में बहुमत भी हासिल हो गया।

भाजपा ने लिया उग्र हिन्दुत्व का सहारा

ब्राह्मण और दलित वोटों को अपनी ओर खींचने पर जोर
प्रदीप कपूर - 2017-02-07 12:33
लखनऊः समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच हुए गठबंधन से भारतीय जनता पार्टी सदमे में है। वह मुलायम परिवार के झगड़े का फायदा उठाना चाह रही थी और उसे लग रहा था कि मुस्लिम मतों के विभाजन का भी उसे फायदा होगा। लेकिन उसकी दोनों उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

बजट से विकास और रोजगार नहीं बढ़ेगा

लोन और निवेश में फिर से वृद्धि अनिश्चित
एस सेतुरमन - 2017-02-06 12:31
नोटबंदी से तबाह देश की अर्थव्यवस्था की हकीकत को ढकने की भरसक कोशिश वित्तमंत्री ने अपने बजट में की है। लेकिन इसके कारण निजी निवेश में वृद्धि की शायद ही कोई गुंजायश है। इसके कारण रोजगार भी पैदा होने की संभावना नहीं है, जबकि मोदी की सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में प्रवेश कर रही है।

बजट में रोजगार कहां है?

वित्तमंत्री को इसकी चिंता भी करनी चाहिए थी
उपेन्द्र प्रसाद - 2017-02-04 12:41
मोदी सरकार अपने कार्यकाल का आधा समय बिता चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वादा था कि प्रत्येक साल दो करोड़ लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। यह वायदा तो अबतक पूरा नहीं हो सका है, लेकिन इस बजट से उम्मीद की जा रही थी कि वित्तमंत्री ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करने के लिए कुछ कार्यक्रमो की घोषणा करेंगे। लेकिन इस मसले पर वित्तमंत्री ने अपने दो घंटे के लंबे भाषण पर कुछ कहा ही नहीं।

अमेरिका और चीन में व्यापार युद्ध की आशंका

भारत को इसका लाभ उठाना चाहिए
सुब्रत मजुमदार - 2017-02-03 12:45
एक कहावत है कि जब अमेरिका छींकता है, तो पूरी दुनिया को जुकाम हो जाता है। अब जब अमेरिकी राष्ट्रपति अमेरिका प्रथम और अमेरिकी खरीदें व अमेरिकी को रोजगार दें, तो चीन को कंपकंपी आ रही है। चीन निर्यातोन्मुख देश है और उसके विकास का इंजिन अमेरिका है। चीन का डर उस समय सामने आया, जब चीन के राष्ट्रपति शीपिंग ने कहा कि मैं इस बिन्दु को सामने रखना चाहता हूं कि दुनिया की समस्याओं के लिए भूमंडलीकरण जिम्मेदार नहीं है।
भारत

एक कामचलाऊ बजट: क्या जोखिम उठाने से डर रही सरकार?

उपेन्द्र प्रसाद - 2017-02-02 12:07
वित्तमंत्री अरुण जेटली के पेश किए गए ऐतिहासिक बजट में ऐतिहासिक प्रावधानों का अभाव है। यह बजट इसलिए ऐतिहासिक है कि यह पहली फरवरी को पेश किया गया है और अगला वित्तीय वर्ष शुरू होने के पहले ही इसे पारित कर दिया जाएगा। इसके साथ इसने एक और इतिहास बनाया है और वह यह है कि अब रेल बजट इसमें समाहित हो गया है। एक तीसरा इतिहास यह है कि योजना और गैर योजना खर्च के रूप में सरकारी खर्चों दिखाने की परंपरा समाप्त कर दी गई है।