Loading...
 
Skip to main content

View Articles

कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी

क्या अपनी बिगड़ती छवि को बचा पाएंगे मोदी?
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-02-28 09:53 UTC
पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की आखिरकार गिरफ्तारी हो ही गई। यह गिरफ्तारी उस समय हुई है, जब केन्द्र की मोदी सरकार अपने कार्यकाल का चार साल पूरा करने जा रही है और अगले लोकसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है। कुछ लोग तो यह भी मानने लगे हैं कि शायद अगला लोकसभा चुनाव समय से कुछ पहले इसी साल के अंत तक करा दिया जाय। इस बीच मोदी सरकार अपने लिए 2022 का लक्ष्य लगातार निर्धारित कर रही है और देश को उस समय तक उसे हासिल करने का वायदा भी कर रही है, जबकि 2022 के पहले उसे एक चुनाव जीतना बाकी है।

केंद्र और राज्य सरकारों के बीच उलझी दिल्ली

मुख्य सचिव और आम आदमी पार्टी के बीच विवाद दुर्भाग्यपूर्ण
हरिहर स्वरूप - 2018-02-27 11:15 UTC
संविधान के तहत दिल्ली की राजधानी के रूप में दिल्ली का प्रशासनिक स्वरूप केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार तनाव पैदा करता रहा है। अगर सत्ता के दो केंद्रों पर एक ही पार्टी काबिज हों, तो कम झगड़ा होता है। इस समय दो अलग-अलग राजनीतिक दलों की केंद्र और दिल्ली प्रदेश में सरकार है, इसलिए इस समय तनाव बहुत ज्यादा है। केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार और प्रदेश में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी सरकार के बीच लगातार परेशानी रही है। यह केजरीवाल के निवास पर आधी रात के नाटक को सही ठहराया नहीं जा सकता है, जिसमें मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मुख्य सचिव को कथित रूप से पीटा गया। यह शायद इस प्रकार का पहला उदाहरण है और इसकी निंदा करते हुए इससे मजबूती से निपटा जाना चाहिए।

भाजपा के लिए मुश्किल होगा 2019

बैंकों के घोटालों से प्रधानमंत्री मोदी की छवि धूमिल
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-02-26 12:16 UTC
जब भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में अपने बहुमत से केन्द्र की सत्ता पर कब्जा किया था, तो लग रहा था कि 2019 का चुनाव जीतने में भी उसे कोई समस्या नहीं होगी। तब लोग नरेन्द्र मोदी की क्षमता को लेकर भी आशावान थे। उन्हें लगता था कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा लगाने वाले प्रधानमंत्री यदि बहुत कुछ नहीं करेंगे, तो भी ऐसा कुछ कर देंगे, जिसके कारण उनके प्रति जनसमर्थन जारी रहेगा। पिछले उत्तर प्रदेश के चुनाव में अभूतपूर्व सफलता पाने के बाद नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा अपराजेय लग रही थी। विपक्ष की फूट और कांग्रेस को लगातार मिल रही हार के कारण लग रहा था कि देश के पास नरेन्द्र मोदी और भाजपा का कोई विकल्प ही नहीं है और इसके कारण भारतीय जनता पार्टी के सामने कोई चुनौती नहीं है, हालांकि पंजाब के चुनाव में कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की थी।

भारत घोटाला मुक्त कब होगा?

हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे
भरत मिश्र प्राची - 2018-02-24 11:24 UTC
देश में घोटालों की भरमार हो रही है पर सभी एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ने में मशगूल है। इस तरह की ज्वलंत एवं देश के लिये खतरनाक घटनाओं की जिम्मेवारी कोई भी अपने ऊपर नहीं लेना चाहता । वर्तमान में उजागर हुये वर्ष 2011 से प्रारम्भ पीएनबी के बैंक घोटाले के लिये केन्द्र की भाजपा सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार को दोषी मान रही है तो कांग्रेस दोषी को देश से बाहर भगाने में वर्तमान भाजपा सरकार के मथ्थें मढ़ रही है। अभी देश को 11 हजार करोड़ के हुए बैंक घोटाले से निजात मिली नही कि 29 हजार करोड़ का कोयला घोटाले का मामला उजागर हुआ है, जिसमें औद्याोगिक घराने के अंबानी, अदानी , रूईया व जिंदल परिवार के शामिल होने की चर्चा है।

उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस कर रही हैं जाति की राजनीति

‘सिंधिया बनाम सिंधिया’ चुनाव बनाने की कोशिश विफल
एल एस हरदेनिया - 2018-02-23 12:24 UTC
भोपालः तूफानी चुनाव प्ररचार के बाद कोलारस और मुंगावली के मतदाता 24 फरवरी को अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने चुनाव में उसी स्तर का प्रचार किया है जिस तरह का प्रचार वे आम चुनाव में करती हैं।

मनरेगा को बंद कर सकती है मोदी सरकार

सावधानी से बढ़ रहे हैं उस ओर कदम
अरुण श्रीवास्तव - 2018-02-22 11:20 UTC
नरेंद्र मोदी सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एनआरईजीए) को समाप्त करने के लिए सावधानी से आगे बढ़ रही है। 2014 के लोकसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा के महत्वपूर्ण नेताओं के विचार-विमर्श में सभी नेता इस कार्यक्रम को दफन करने के पक्ष में थे। लेकिन सत्ता पाकर वे वैसा कर न सके क्योंकि वे लाभार्थियों के संभावित विरोध से डर रहे थे। चुनाव के बाद इस मुद्दे पर फिर चर्चा हुई है।

पीेएनबी घोटाले की जिम्मेदारी से नहीं बच सकती मोदी सरकार

उपेन्द्र प्रसाद - 2018-02-21 12:47 UTC
पंजाब नेशनल बैंक का महाघोटाला सामने आने के बाद केन्द्र सरकारी और सत्तारूढ़ भाजपा गजब तर्क दे रही है। उनका कहना है कि इस घोटाले की शुरुआत यूपीए के कार्यकाल में हुई थी, इसलिए वही इसके लिए जिम्मेदार है। दूसरी तरफ पंजाब नेशनल बैंक ने जो प्राथिमिकी दाखिल की है, उसके मुताबिक संबंधित घोटाला 2017 की फरवरी और उसके कुछ बाद का है। यानी जो साढ़े 11 हजार या 20 हजार करोड़ की राशि का नुकसान पंजाब नेशनल बैंक का हो रहा है, उस राशि के लिए लेटर आॅफ अंडरटेकिंग जारी करने का समय मोदी सरकार के कार्यकाल के अंतर्गत आता है।

खिल्ली उड़ाने जैसा नहीं है भागवत का बयान

यह अन्य विचारों के लोगों के लिए एक चेतावनी हो सकती है
अनिल जैन - 2018-02-20 12:11 UTC
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सुप्रीमो मोहन राव भागवत के सेना से संबंधित बयान पर प्रतिक्रियाओं का बाजार गरम है। उनका यह बयान भारतीय सेना की तुलना में संघ की तैयारियों के संबंध में आया है। बिहार के मुजफ्फरपुर में संघ के एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि युद्ध की स्थिति में भारतीय सेना को तैयार होने में छह से सात महीने का वक्त लग सकता है लेकिन स्वयंसेवक दो से तीन दिन में ही तैयार होकर मौके पर पहुंचने में सक्षम हैं।

राजस्थान का ऊंट आखिर किस करवट बैठेगा?

युवा एवं किसान वर्ग सरकार से नाराज
भरत मिश्र प्राची - 2018-02-19 09:43 UTC
इस बार राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत बजट वर्तमान सरकार का आखिरी बजट है जिसके माध्यम से सरकार ने चुनाव पूर्व एक साथ सभी वर्ग को संतुष्ट करने का भरपूर प्रयास किया है । राजस्थान सरकार के इस बजट में केन्द्र सरकार के आम बजट की ही तरह सराकर से असंतुष्ट किसानों को सर्वाधिक रूप से प्रभावित करने का प्रयास किया गया है। इसी वर्ष के अंत में राजस्थान विधानसभा चुनाव होने वाले है जहां अभी हाल ही में प्रदेश में हुये लोकसभा के दो सीट एवं एक विधानसभा सीट के उपचुनाव ने विपक्ष के हौसले बुलन्द कर रखे है। भाजपा को वहां पूर्णरूपेण मात खानी पड़ी है।

मेडिकल शिक्षा में निजीकरण को बढ़ावा

ड्राफ्ट बिल मूल समस्याओं को नजरअंदाज करता है
डॉ अरुण मित्रा - 2018-02-17 10:10 UTC
राम गोपाल यादव की अध्यक्षता वाली स्वास्थ्य स्थाई समिति ने विभिन्न हितधारकों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) पर अपने विचार रखने को कहा था। चूंकि स्वास्थ्य सबकी चिंता का मुद्दा है, इसलिए इस तरह की परामर्श प्रक्रिया एक स्वागत योग्य कदम है। सर्वोच्च न्यायालय ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के खराब प्रदर्शन का संज्ञान लेते हुए मेडिकल विनियमन को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और एक नई प्रणाली तैयार करने का निर्देश दिया था, जो चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल को सुव्यवस्थित करेगा। नतीजतन, नीति आयोग ने अपने वर्तमान रूप में एनएमसी को तैयार किया, जिसे सरकार संसद में पारित करना चाहती थी।